बरेली में नेपाली तेल का खेल, 780 लीटर संदिग्ध तेल सीज -फॉर्च्यून जैसी पैकिंग, अडानी समूह से मिली शिकायत पर रात में छापामारी, 2052 लीटर रिफाइंड भी जब्त
– फूड सेफ्टी विभाग ने 3 दिन में भरे 26 सैंपल
टेलीग्राम संवाद
बरेली। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ते दामों पर बिक रहे खाद्य तेल कारोबार में बड़ा खेल सामने आया है। अडानी समूह से शिकायत मिलने पर प्रशासन, पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग संयुक्त टीम ने नरियावल क्षेत्र में शुक्रवार देर रात छापेमारी कर एक ऐसे कारोबार का पर्दाफाश किया, जहां चर्चित “फॉर्च्यून” ब्रांड से मिलते-जुलते पैकेज और रंग-रूप में तेल बाजार में उतारा जा रहा था।
छापामारी दौरान टीम ने 12-12 लीटर वाले 171 टिन बरामद किए, जिनमें कुल 2052 लीटर तेल भरा हुआ था। प्रथम दृष्टया यह पूरा कारोबार उपभोक्ताओं को भ्रमित कर नामी कंपनी के ब्रांड की नकल के जरिए बाजार में पकड़ बनाने का प्रयास माना जा रहा है। मौके से “राजहंस”, “फंक्शन” और “फार्मूला” नाम से पैक किए गए तेल के टिन और पैकेट मिले, जिनकी डिजाइन और रंग संयोजन काफी हद तक फॉर्च्यून ब्रांड से मेल खाते पाए गए।
देर रात चली इस कार्रवाई ने खाद्य तेल कारोबार में मिलावट और ब्रांड कॉपी के बड़े नेटवर्क की आशंका को भी जन्म दे दिया है। प्रशासन अब पूरे मामले को कॉपीराइट उल्लंघन, उपभोक्ता धोखाधड़ी और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के नजरिए से जांच रहा है

एसडीएम सदर ने लगवाया छापा
सूत्रों ने बताया अडानी कंपनी की लीगल सेल ने प्रशासन को शिकायत देकर बताया था कि नरियावल क्षेत्र में कुछ कारोबारी उनके फॉर्च्यून ब्रांड से मिलते-जुलते टिन और पैकेजिंग तैयार कर बाजार में तेल और रिफाइंड बेच रहे हैं। शिकायत में कहा गया कि देखने पर आम उपभोक्ता असली और नकली उत्पाद में अंतर नहीं कर पा रहा था।
शिकायत मिलते ही एसडीएम सदर प्रमोद कुमार नेतृत्व में पुलिस, खाद्य सुरक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने बालाजी ट्रेडर्स के गोदाम पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान अडानी समूह के प्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद रहे।

गोदाम में मिला बड़ा स्टॉक
टीम जब गोदाम भीतर पहुंची तो वहां बड़ी मात्रा में तेल टिन और पैकेजिंग सामग्री रखी मिली। जांच में सामने आया कि फर्म कथित तौर पर फॉर्च्यून ब्रांड से मिलती-जुलती पैकिंग तैयार कर विभिन्न नामों से तेल बाजार में भेज रही थी।
मौके पर दो बड़े टैंकर भी खड़े मिले, जिनमें तेल भरा होने की आशंका जताई गई। अधिकारियों ने मौके से “सुगंध” नाम तेल और रिफाइंड पैकेट भी बरामद किए।
फूड सेफ्टी विभाग ने फैक्ट्री स्वामी को मौके पर बुलाने के लिए संपर्क किया, लेकिन शुक्रवार देर रात तक वह नहीं पहुंचा। बाद में रात करीब 11 बजे उसके प्रतिनिधि की मौजूदगी में खाद्य तेल के सैंपल लिए गए।

2052 लीटर तेल सीज, नेपाली तेल भी पकड़ा
कार्रवाई दौरान 2052 लीटर तेल को सीज कर दिया गया। इसके अलावा करीब 780 लीटर नेपाली तेल भी बरामद हुआ, जिसे जांच के लिए अलग से सील किया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि तेल पूरी तरह नकली था या फिर गुणवत्ता मानकों के विपरीत तैयार किया गया था। यदि जांच में मिलावट या नकली उत्पाद की पुष्टि होती है तो संबंधित कारोबारियों पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएग।

कॉपीराइट उल्लंघन में तहरीर
अडानी समूह ओर से बिथरी चैनपुर थाने में कॉपीराइट उल्लंघन की तहरीर दी गई है। पुलिस अब पैकेजिंग डिजाइन, ट्रेडमार्क और ब्रांड कलर की समानता की भी जांच करेगी। अधिकारियों का मानना है कि यदि उपभोक्ताओं को भ्रमित करने की मंशा साबित हुई तो मामला और गंभीर हो सकता है।
छह बड़े स्टॉकिस्ट से लिए नमूने
उधर, खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन ने मिलावटी और घटिया तेल के खिलाफ जिले भर में अभियान तेज कर दिया है। विभाग ने बीते तीन दिनों में राज्य के बाहर से आने वाले तेल उत्पादों की जांच करते हुए छह बड़े स्टॉकिस्ट के यहां छापेमारी की और 26 सैंपल जांच के लिए भेजे हैं।
एसडीएम सदर बोले
एसडीएम सदर प्रमोद कुमार ने बताया कि अडानी समूह प्रतिनिधियों की शिकायत पर संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। खाद्य सुरक्षा विभाग ने तेल के सैंपल लेकर पूरे स्टॉक को सीज कर दिया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।











