राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर बढ़ते हादसों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। अदालत ने राजमार्गों पर भारी वाहनों की अवैध पार्किंग पर प्रतिबंध लगाते हुए सुरक्षा व्यवस्था में तत्काल सुधार के निर्देश दिए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सड़क यात्रियों की सुरक्षा संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और गरिमा के अधिकार का हिस्सा है। इसलिए सरकार और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि राजमार्गों को सुरक्षित बनाया जाए।
अदालत ने निगरानी व्यवस्था मजबूत करने, नियमित गश्त बढ़ाने, अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई करने और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को बेहतर बनाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही हाईवे पर चालू एटीएम, सड़क किनारे मूलभूत सुविधाएं, ट्रकों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थल और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे लापरवाही के कारण हादसों का केंद्र नहीं बन सकते। कोर्ट के इस आदेश के बाद देशभर में हाईवे सुरक्षा को लेकर बड़े बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।










