टेलीग्राम संवाद
पीलीभीत। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण के स्तर को सुधारने के उद्देश्य से गुरुवार को गांधी प्रेक्षागृह में एक भव्य जनपद स्तरीय ‘स्वास्थ्य सखी उन्मुखीकरण कार्यशाला’ का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य स्वास्थ्य सखियों के माध्यम से सामुदायिक स्तर पर सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन लाना और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक बनाना रहा।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने स्वास्थ्य सखियों को स्वास्थ्य विभाग और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कन्या सुमंगला योजना, आयुष्मान कार्ड निर्माण, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर रोक लगाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। विशेष रूप से महिलाओं में हीमोग्लोबिन की कमी (एनीमिया) पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने इस दिशा में ठोस कार्य करने पर जोर दिया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास ने पोषण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए ‘सहजन’ के औषधीय गुणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और बताया कि यह कैंसर रोधी गुणों से भरपूर है। वहीं, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ आलोक कुमार ने गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, टीकाकरण और आयुष्मान गोल्ड कार्ड की उपयोगिता के बारे में जागरूक किया। कार्यक्रम के दौरान बीसलपुर की स्वास्थ्य सखी मैविश खान, ललौरीखेड़ा की मोबीन और मरौरी की ममता ने अपने जमीनी अनुभवों को साझा किया, जिसकी सभी अतिथियों ने सराहना की।

जिला मिशन प्रबंधक प्रदीप कुमार गौतम द्वारा संचालित इस कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी और उपायुक्त स्वतः रोजगार वंदना सिंह सहित विभिन्न विकास खंडों की स्वास्थ्य सखियां उपस्थित रहीं। कार्यशाला के अंत में उपायुक्त स्वतः रोजगार ने सभी का आभार व्यक्त किया। साथ ही, कार्यक्रम में उपस्थित समस्त स्वास्थ्य सखियों का ‘स्वगणना’ पंजीकरण भी सफलतापूर्वक पूर्ण कराया गया।













