खाद्य तेल, डेयरी, कृषि, पशुपालन, अनुसंधान और रक्षा क्षेत्र में उतरेगा ग्रुप
कल से 3 अक्टूबर तक विभिन्न दौरों में तंजानिया सरकार से होगी चर्चा, पांच सदस्यीय टीम रवाना, बीएल एग्रो बनेगा भारत से तंजानिया तक नया सेतु
टेलीग्राम संवाद
नई दिल्ली/बरेली। भारत में प्रमुख कारोबारी ग्रुप बीएल एग्रो ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लंबी छलांग लगाई है। बीएल एग्रो ग्रुप तंजानिया में 7000 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाली विभिन्न परियोजनाओं पर निवेश करेगा। इसके तहत खाद्य तेल, डेयरी, कृषि, पशुपालन, अनुसंधान और रक्षा क्षेत्र में ग्रुप ने तैयारी शुरू कर दी है।
सोमवार सुबह पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मंडल तंजानिया रवाना हो गया। वहां पर विभिन्न स्थानों पर सरकार और स्थानीय कारोबारियों से अलग-अलग बैठकें होंगी। इसका दौर 30 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलेगा।
तंजानिया सरकार ने सहमति पत्र जारी किया है। दोनों देशों की ओर से विशेषज्ञ बैठक आयोजित कराएंगे। बताया जाता है कि बीएल एग्रो ग्रुप तंजानिया में ऐसे दीर्घकालिक निवेश स्थापित करना चाहता है। जिससे औद्योगिकीकरण, रोजगार सृजन, कृषि विकास, पशुपालन, तकनीकी हस्तांतरण और आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा मिल सके।


चार सेक्टरों में बनी व्यापक योजना
बीएल एग्रो ग्रुप ने प्रस्तावित निवेश योजना चार प्रमुख क्षेत्रों में बांटी है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण ऑयल सेक्टर है। ग्रुप तंजानिया में खाद्य तेल उत्पादन और प्रोसेसिंग से जुड़ी इकाइयां स्थापित करने की संभावनाएं तलाश रहा है। इसका उद्देश्य स्थानीय मांग को पूरा करने के साथ भारत में खाद्य तेल आयात पर निर्भरता कम करने में योगदान देना है।
उल्लेखनीय है कि तंजानिया में प्रमुख स्थानीय खाद्य तेल मुख्य रूप से सूरजमुखी से बनता है।
दुनिया के शीर्ष 10 सूरजमुखी उत्पादक देशों में शामिल है, और वहां का घरेलू तेल उद्योग बड़े पैमाने पर इसी फसल पर निर्भर करता है। इसके अलावा, तंजानिया में उपयोग होने वाले खाद्य तेलों में ताड़ का तेल (Palm Oil) प्रमुख है। बड़ी मात्रा में मलेशिया और इंडोनेशिया से आने वाले पाम ऑयल (ताड़ के तेल) की होती है।
हालांकि, अब सरकार देश के भीतर ही ताड़ की खेती को तेजी से बढ़ावा दे रही है। इसके अलावा कपास, मूंगफली और तिल का तेल भी बड़ी मात्रा में तैयार होता है।
दूसरा बड़ा क्षेत्र ‘डेयरी उत्पाद और पशुपालन’ है। जिसमें आधुनिक डेयरी, पशु प्रजनन, कैटल ब्रीडिंग और डेयरी प्रोसेसिंग सुविधाओं के विकास की योजना है। इससे तंजानिया के पशुधन क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रबंधन को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
तीसरे क्षेत्र में ‘कृषि एवं कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग’ शामिल है। बीएल एग्रो ग्रुप स्थानीय किसानों के साथ मिलकर कृषि कच्चे माल के उत्पादन और कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के अवसर तलाशेगा। पत्र में तंजानिया के Building a Better Tomorrow (BBT) कार्यक्रम के तहत भी संभावनाओं का उल्लेख किया गया है।
चौथा क्षेत्र ‘रक्षा और सुरक्षा उपकरणों का निर्माण किया जाना है। इसमें निवेश की संभावनाएं हैं लेकिन योजना तंजानिया में लागू नियम, कानून, लाइसेंसिंग और सरकारी स्वीकृतियों पर निर्भर करेगा।
औद्योगिक विकास पर असर
बीएल एग्रो ग्रुप द्वारा प्रस्तावित योजना केवल पूंजी निवेश तक सीमित नहीं है। ग्रुप ने तंजानिया में कृषि उत्पादन, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण और औद्योगिक गतिविधियों को एक साथ जोड़कर दीर्घकालिक कारोबारी ढांचा विकसित करने की दिशा में रुचि दिखाई है। कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग और स्थानीय किसानों के साथ सहयोग से कृषि आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने, डेयरी और खाद्य तेल क्षेत्र में प्रोसेसिंग सुविधाओं से स्थानीय वैल्यू एडिशन बढ़ने की संभावना है।

प्रतिनिधिमंडल तंजानिया रवाना
बीएल एग्रो ग्रुप निदेशक मंडल और तकनीकी टीम का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल 30 सितंबर से आयोजित होने वाली बैठकों में शामिल होने हेतु सोमवार सुबह रवाना हो गया। प्रतिनिधिमंडल इस दौरान संबंधित सरकारी विभागों, मंत्रालयों, एजेंसियों, निर्णय लेने वाले अधिकारियों और अन्य प्रमुख हितधारकों के साथ प्रस्तावित निवेश को लेकर बैठकें करेगा। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों तंजानिया राष्ट्रपति सामिया सुलूहु हसन भारत यात्रा पर आईं थीं, तब तंजानिया में निवेश करने हेतु एक एमओयू पर समझौता हुआ था।
MARS संगठन ने कहा है कि वह भारत से तंजानिया में विश्वसनीय और रणनीतिक निवेश आकर्षित करने में सहयोग हेतु प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में बीएल एग्रो ग्रुप प्रस्तावित निवेश और दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग के लिए आगे बढ़ रहा है।
बीएल एग्रो ग्रुप निदेशक मंडल और तकनीकी टीम का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल 30 सितंबर से आयोजित होने वाली बैठकों में शामिल होने हेतु सोमवार सुबह रवाना हो गया। प्रतिनिधिमंडल इस दौरान संबंधित सरकारी विभागों, मंत्रालयों, एजेंसियों, निर्णय लेने वाले अधिकारियों और अन्य प्रमुख हितधारकों के साथ प्रस्तावित निवेश को लेकर बैठकें करेगा। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों तंजानिया राष्ट्रपति सामिया सुलूहु हसन भारत यात्रा पर आईं थीं, तब तंजानिया में निवेश करने हेतु एक एमओयू पर समझौता हुआ था।
MARS संगठन ने कहा है कि वह भारत से तंजानिया में विश्वसनीय और रणनीतिक निवेश आकर्षित करने में सहयोग हेतु प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में बीएल एग्रो ग्रुप प्रस्तावित निवेश और दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग के लिए आगे बढ़ रहा है।











