2027 की चुनावी तैयारियों के बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का अचानक दौरा; परिवार से 45 मिनट की मुलाकात, पार्टी ने बताया मानवीय और पारिवारिक संवाद
टेलीग्राम संवाद
बरेली, वरिष्ठ संवाददाता। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के बुधवार देर रात बरेली पहुंचने और इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान के सौदागरान स्थित आवास पर पहुंचने से स्थानीय सियासत में हलचल तेज हो गई। दिल्ली से लखनऊ जाते समय अजय राय का बरेली रुकने और किसी स्थानीय नेता से मुलाकात का कोई पूर्व निर्धारित कार्यक्रम सामने नहीं आया था। देर रात कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया, जिसके बाद वह सीधे तौकीर रजा के आवास पहुंचे।
अजय राय ने जेल में बंद मौलाना तौकीर रजा के बेटे फरमान रजा और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की। करीब 45 मिनट तक चली बातचीत के बाद वह रात में ही लखनऊ के लिए रवाना हो गए। कांग्रेस नेताओं ने मुलाकात को पारिवारिक और मानवीय बताते हुए कहा कि प्रदेश अध्यक्ष ने मुश्किल दौर से गुजर रहे परिवार के प्रति एकजुटता जताई और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
हालांकि, चुनावी तैयारियों के बीच हुई इस मुलाकात के राजनीतिक मायने निकाले जाने लगे हैं। कांग्रेस पहले ही प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर संगठन को मजबूत करने और बूथ स्तर तक तैयारी की बात कह चुकी है। ऐसे में बरेली में आईएमसी प्रमुख के परिवार से प्रदेश अध्यक्ष की अचानक मुलाकात स्थानीय राजनीतिक समीकरणों में चर्चा का विषय बन गई है।

2027 से पहले ‘सोशल पॉलिटिक्स’ की चर्चा
बरेली की सियासत में मौलाना तौकीर रजा और आईएमसी का लंबे समय से प्रभाव माना जाता है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान आईएमसी की ओर से कांग्रेस को समर्थन देने की घोषणा भी सामने आई थी। यही वजह है कि अजय राय की ताजा मुलाकात को कांग्रेस की चुनावी तैयारियों के बीच सामाजिक और राजनीतिक संवाद की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मुलाकात के दौरान किसी चुनावी गठजोड़, समर्थन या सीटों के बंटवारे को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई। पार्टी की ओर से इसे फिलहाल परिवार से मुलाकात और मानवीय संवाद ही बताया गया है।

तौकीर रजा के घर पहुंचने के मायने
मुलाकात ऐसे समय हुई है जब मौलाना तौकीर रजा सितंबर 2025 में बरेली में हुई हिंसा से जुड़े मामलों में जेल में हैं। वह 27 सितंबर 2025 से जेल में बंद हैं। इसी महीने इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका भी खारिज की थी। ऐसे में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का उनके परिवार के घर आधी रात पहुंचना बरेली की राजनीति में स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन गया है।
कांग्रेस की ओर से इसे परिवार के साथ खड़े होने और न्याय की लड़ाई में समर्थन के तौर पर पेश किया गया है, जबकि राजनीतिक हलकों में इसे 2027 से पहले कांग्रेस की सामाजिक पहुंच बढ़ाने की कोशिशों से जोड़कर देखा जा रहा है।
सितंबर 2025 की हिंसा के बाद जेल में हैं तौकीर
मौलाना तौकीर रजा सितंबर 2025 में बरेली में हुई हिंसा के बाद गिरफ्तार किए गए थे। पुलिस के मुताबिक, 26 सितंबर 2025 को ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद को लेकर इस्लामिया इंटर कॉलेज मैदान में लोगों को जुटाने के आह्वान के बाद शहर में उपद्रव हुआ था। पुलिस पर पथराव और हमले समेत कई आरोपों में मुकदमे दर्ज किए गए। तौकीर रजा 27 सितंबर 2025 से फतेहगढ़ जेल में बंद हैं। अलग-अलग मामलों में उन्हें जमानत मिलने के बावजूद सभी मामलों में राहत नहीं मिलने के कारण वह जेल से बाहर नहीं आ सके।

अजय राय बोले—‘बरेली में दंगा नहीं हुआ, लोगों ने माहौल बिगड़ने से बचाया’
तौकीर रजा के आवास पर पहुंचे अजय राय ने बरेली की घटना को लेकर सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बरेली में दंगा नहीं हुआ, बल्कि लोगों ने दंगा होने से बचाया। उनका आरोप था कि प्रशासन ने भीड़ पर जबरन लाठीचार्ज कराया, लोगों को पीटा और झूठे मुकदमे दर्ज कर जेल भेजा।
अजय राय ने हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों का आभार जताते हुए कहा कि स्थानीय जनता की समझदारी से बरेली का माहौल बिगड़ने से बचा। उन्होंने तौकीर रजा के जेल में रखे जाने को लेकर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि उन्हें तन्हाई में रखकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। अजय राय ने सरकार पर परिवार और संगठन को दबाव में लेने के लिए बदले की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया और उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट से मौलाना तौकीर रजा को जल्द राहत और न्याय मिलेगा।

फिलहाल, अजय राय की इस देर रात हुई मुलाकात ने बरेली की सियासत में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों को लेकर नई चर्चा जरूर छेड़ दी है। कांग्रेस इसे मानवीय संवाद बता रही है, जबकि राजनीतिक गलियारों में इसके व्यापक संदेश को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है।वैकल्पिक दमदार हेडिंग:
“आधी रात तौकीर रजा के घर पहुंचे अजय राय, 2027 से पहले बरेली में सियासी हलचल”











