Genomics India Conference 2026 में अत्याधुनिक जीनोमिक्स तकनीकों के साथ पशुधन सुधार के लिए Cattle Genotyping Array पर फोकस
भारतीय पशुधन की आनुवंशिक क्षमता को नई दिशा देगा जीनोमिक्स का विस्तार
विशेष संवाददाता
टेलीग्राम संवाद, बेंगलुरु। भारतीय पशुधन, कृषि जैव प्रौद्योगिकी और मानव स्वास्थ्य अनुसंधान में जीनोमिक्स की बढ़ती भूमिका के बीच Leads Genetics ने Genomics India Conference 2026 में अपनी अत्याधुनिक जीनोमिक क्षमताओं और पशुधन सुधार से जुड़े भारत-केंद्रित समाधानों को प्रदर्शित किया। बेंगलुरु के डॉ. बाबू राजेंद्र प्रसाद इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर, GKVK में 2 से 3 सितंबर तक आयोजित सम्मेलन में देश-विदेश के वैज्ञानिक, शोधकर्ता, उद्योग विशेषज्ञ और जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
पशु, पादप एवं मानव जीनोमिक्स में दो दशक से अधिक के अनुभव वाली Leads Genetics ने सम्मेलन में ‘Sequence to Solution’ दृष्टिकोण के तहत अपनी एंड-टू-एंड जीनोमिक्स क्षमताओं को सामने रखा। कंपनी की तकनीकी सेवाओं में Next-Generation Sequencing (NGS), Whole Genome Sequencing, RNA Sequencing, Telomere-to-Telomere (T2T) Genome Projects, Long-Read Sequencing, Single-Cell Sequencing, Pan-Genome Solutions और Bioinformatics जैसी उन्नत तकनीकें शामिल हैं।

डेटा से आगे, जैविक समाधान पर फोकस
Leads Genetics का जोर केवल उच्च गुणवत्ता वाला जीनोमिक डेटा तैयार करने तक सीमित नहीं है। कंपनी जीनोमिक सूचनाओं को वैज्ञानिक अनुसंधान, जैविक तंत्रों की बेहतर समझ और व्यावहारिक प्रजनन एवं चयन कार्यक्रमों में परिवर्तित करने की दिशा में काम कर रही है। यही दृष्टिकोण जीनोमिक्स को प्रयोगशाला की तकनीक से निकालकर कृषि, पशुधन और मानव स्वास्थ्य के व्यावहारिक उपयोग तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

पशुधन जीनोमिक्स बना सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण
सम्मेलन में Leads Genetics की प्रमुख पहलों में कैटल जीनोमिक्स और भारतीय पशुधन सुधार विशेष रूप से केंद्र में रहा। कंपनी ब्राजील की EMBRAPA के साथ अपनी साझेदारी को भी प्रदर्शित कर रही है। इसका उद्देश्य वैश्विक कैटल जीनोमिक्स विशेषज्ञता और तकनीकी अनुभव को भारतीय पशुधन की आनुवंशिक विविधता एवं स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप उपयोग में लाना है।
कंपनी अपने बरेली स्थित रिसर्च फार्म को भी इस जीनोमिक्स इकोसिस्टम के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में प्रस्तुत कर रही है। यहां लगभग 1,000 पशुओं के माध्यम से genotype-to-phenotype validation और संबंधित जीनोमिक अनुसंधान किया जा रहा है। इससे जीन स्तर पर प्राप्त जानकारी को वास्तविक पशु-लक्षणों और उत्पादन क्षमता से जोड़ने में मदद मिल सकती है।
भारत-केंद्रित Cattle Genotyping Array पर बड़ा दांव
सम्मेलन में Leads Genetics की महत्वपूर्ण पहलों में भारत के लिए विकसित किया जा रहा Cattle Genotyping Array भी शामिल है। भारतीय पशुधन की आनुवंशिक विविधता और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा यह समाधान देश में अधिक व्यावहारिक और लागत-प्रभावी जीनोटाइपिंग व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।
Genotyping के जरिए पशुओं की आनुवंशिक क्षमता और महत्वपूर्ण आनुवंशिक संकेतकों की पहचान कर genomic selection, बेहतर breeding decisions और तेज genetic gain को बढ़ावा दिया जा सकता है। इसका संभावित प्रभाव दूध उत्पादन, प्रजनन क्षमता, रोग प्रतिरोधकता और अन्य आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण पशु-लक्षणों के चयन कार्यक्रमों पर पड़ सकता है।

वैज्ञानिक अनुसंधान और उद्योग के बीच बनेगा सहयोग का पुल
Genomics India Conference 2026 में Leads Genetics की भागीदारी जीनोमिक्स के वैज्ञानिक और व्यावसायिक उपयोग के बीच सहयोग की संभावनाओं को भी मजबूत कर रही है। सम्मेलन में वैज्ञानिकों, शोध संस्थानों, पशु प्रजनन विशेषज्ञों, IVF विशेषज्ञों, livestock organisations, biotechnology कंपनियों और अन्य stakeholders के साथ तकनीकी संवाद और संभावित सहयोग पर चर्चा का अवसर मिल रहा है।Leads Genetics के लिए यह मंच भारत में डेटा-ड्रिवन पशुधन सुधार, सटीक प्रजनन और आधुनिक जीनोमिक चयन की दिशा में अपनी तकनीकी क्षमताओं को प्रदर्शित करने के साथ-साथ वैश्विक जीनोमिक्स विशेषज्ञता को भारतीय आवश्यकताओं से जोड़ने का अवसर भी है।














