टेलीग्राम संवाद
बरेली। सिर्फ 41 लाख रुपये में दुकान और हर माह 32 हजार रुपये तक किराये के दावे वाली रियल एस्टेट परियोजना को लेकर सवाल उठने के बाद बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने कार्रवाई की है। परियोजना को लेकर सामने आई खबर में नक्शा स्वीकृति, रेरा पंजीकरण और निवेश पर किए जा रहे दावों की वैधानिक स्थिति पर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद परियोजना स्थल पर लगे बिल्डर के होर्डिंग और फ्लेक्स हटवा दिए गए।

BDA कार्रवाई बाद परियोजना के प्रचार-प्रसार और निवेशकों को किए जा रहे दावों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। परियोजना में निवेश के नाम पर कुछ लोगों से रकम लिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में संबंधित लेन-देन और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पैसा लगाने वाले लोगों में भी अब चिंता बढ़ गई है।

बताया गया कि मामले की जांच के दौरान BDA जूनियर इंजीनियर ने क्षेत्रीय थाने में शिकायत किए जाने की बात कही थी। अब जांच में यह सामने आना बाकी है कि परियोजना के लिए आवश्यक स्वीकृतियां वास्तव में प्राप्त हैं या नहीं और रेरा पंजीकरण की स्थिति क्या है।इसके अलावा निवेशकों को दिए गए ‘एश्योर्ड रिटर्न’ और 32 हजार रुपये प्रतिमाह किराये के दावों के पीछे मौजूद दस्तावेजों की भी पड़ताल जरूरी है।
41 लाख रुपये में दुकान खरीदने और नियमित किराये की आय के दावों से आकर्षित होकर यदि लोगों ने रकम लगाई है तो जांच के निष्कर्ष उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे।बीडीए कार्रवाई बाद अब परियोजना की वैधानिक स्थिति, निवेश से जुड़े लेन-देन और बिल्डर दावों की जांच पर सभी की निगाहें टिकी हैं।















