पर्वतों के नाम से आकार ले रहा ग्रेटर बरेली

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11 सेक्टरों को मिली देश की प्रमुख पर्वत श्रृंखलाओं और धार्मिक पर्वतों की पहचान

टेलीग्राम संवाद

बरेली। ग्रेटर बरेली आवासीय योजना अब सिर्फ आवासीय परियोजना नहीं, बल्कि अपनी अलग भौगोलिक और सांस्कृतिक पहचान के साथ आकार ले रही है। योजना के 11 सेक्टरों का नामकरण देश की प्रमुख पर्वत श्रृंखलाओं, पर्वतों और धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व वाले पर्वतीय स्थलों के नाम पर किया गया है। नामकरण में पर्वतों की भौगोलिक स्थिति और दिशा को भी ध्यान में रखा गया है। इससे ग्रेटर बरेली में हिमालय से लेकर दक्षिण भारत और ब्रज क्षेत्र तक की पर्वतीय विरासत की झलक दिखाई देगी।

ग्रेटर बरेली के सेक्टर-1 से 11 तक क्रमश: हिमाद्रि, शिवालिक, नीलगिरि, सह्याद्रि, विंध्याचल, धौलाधार, मेरु, नंदा देवी, त्रिशूल, केदारगिरि और गोवर्धन एन्क्लेव नाम रखे गए हैं। सेक्टरों के नामकरण की यह थीम पूरी योजना को एक विशिष्ट पहचान देने के साथ ही प्रकृति और संस्कृति से जोड़ने का प्रयास है।

मेरु एन्क्लेव बनेगा योजना का केंद्र

योजना के मध्य स्थित मेरु एन्क्लेव को विशेष महत्व दिया गया है। भारतीय परंपरा में मेरु को केंद्रीय पर्वत के रूप में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। इसी क्षेत्र में सेन्ट्रल पार्क विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप प्रस्तावित पार्क का शिलान्यास भी हो चुका है। इसे ग्रेटर बरेली के प्रमुख आकर्षणों में शामिल किया जा रहा है। पार्क के माध्यम से क्षेत्र को हरित और सांस्कृतिक पहचान देने की तैयारी है।

मेरु एन्क्लेव क्षेत्र में एक प्रीमियम आवासीय परिसर भी विकसित किया जा रहा है। इसे जल्द ही जनता के समक्ष प्रस्तुत किए जाने और पंजीकरण के लिए उपलब्ध कराने की तैयारी है।

नहर बनेगी कैनाल फ्रंट

ग्रेटर बरेली में पर्वतों की थीम के साथ जल और हरियाली को भी विकास का हिस्सा बनाया गया है। सेक्टर-1 हिमाद्रि और सेक्टर-2 शिवालिक के बीच से गुजर रही नहर को कैनाल फ्रंट के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे आवासीय क्षेत्रों के बीच हरित क्षेत्र और जल आधारित आकर्षण विकसित होंगे।

जहां रामगंगा नगर योजना में सेक्टरों को नदियों के नाम से पहचान दी गई है, वहीं ग्रेटर बरेली में पर्वतों के नाम इसकी नई पहचान बनेंगे। प्राधिकरण का उद्देश्य आधुनिक सुविधाओं से युक्त ऐसी टाउनशिप विकसित करना है, जिसमें प्रकृति, पर्यावरण और सांस्कृतिक विरासत का भी समावेश हो।

पर्वतों के नाम से योजना से मिलेगी विशिष्ट पहचान

बरेली विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष सौम्या पांडे ने कहा कि ग्रेटर बरेली के सेक्टरों का नामकरण केवल पहचान देने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि पूरी योजना को एक विशिष्ट स्वरूप देने का प्रयास है। मुख्यमंत्री विजन अनुरूप आधुनिक विकास साथ प्रकृति, संस्कृति और स्थानीय पहचान का समन्वय किया जा रहा है। सेन्ट्रल पार्क, कैनाल फ्रंट और पर्वतों के नाम पर आधारित सेक्टर इसी समग्र विजन का हिस्सा हैं। प्रयास है कि ग्रेटर बरेली भविष्य की ऐसी आधुनिक और विशिष्ट टाउनशिप बने, जिसकी अपनी अलग पहचान हो।

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