समग्र स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद, पंचकर्म, नेचुरोपैथी और फिजियोथेरेपी पर जोर
पवन सचदेवा – संपादक(दिल्ली-एनसीआर)
टेलीग्राम संवाद, नोएडा। बदलती जीवनशैली, अनियमित खान-पान, बढ़ते मानसिक तनाव, लंबे समय तक बैठकर काम करने और शारीरिक गतिविधियों में कमी के बीच स्वास्थ्य को लेकर लोगों की प्राथमिकताएं भी बदल रही हैं। अब स्वास्थ्य को केवल बीमारी के उपचार तक सीमित रखने के बजाय शारीरिक सक्रियता, जीवनशैली और समग्र स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत महसूस की जा रही है। इसी दृष्टिकोण के साथ नोएडा के सेक्टर-141 में युधिष्ठिर मेहता द्वारा पुनर् एक्सिस थेरेपी की शुरुआत की गई है, जहां आयुर्वेद, पंचकर्म, नेचुरोपैथी, फिजियोथेरेपी और विभिन्न वेलनेस थेरेपी को एक साथ उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
युधिष्ठिर मेहता ने ‘टेलीग्राम संवाद’ से बातचीत में बताया कि केंद्र में आयुर्वेदिक चिकित्सा के साथ पंचकर्म, प्राकृतिक चिकित्सा, फिजियोथेरेपी और जीवनशैली संबंधी मार्गदर्शन को महत्व दिया जा रहा है। उद्देश्य व्यक्ति की स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप विशेषज्ञ परामर्श और उपयुक्त थेरेपी के माध्यम से बेहतर शारीरिक स्वास्थ्य तथा सक्रिय जीवनशैली की दिशा में सहयोग करना है।

पंचकर्म में पारंपरिक आयुर्वेदिक प्रक्रियाओं पर जोर
आयुर्वेद की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में पंचकर्म का महत्वपूर्ण स्थान है। केंद्र के अनुसार व्यक्ति की प्रकृति, स्वास्थ्य स्थिति और आवश्यकता के आकलन के बाद उपयुक्त प्रक्रियाओं का चयन किया जाता है। पंचकर्म की पारंपरिक प्रक्रियाओं में वमन, विरेचन, बस्ति और नस्य शामिल हैं। इसके अलावा अभ्यंग, शिरोधारा, जानु बस्ति, कटि बस्ति, ग्रीवा बस्ति, पिंड स्वेद और स्वेदन जैसी प्रक्रियाओं को भी शामिल किया गया है।
संस्था की ओर से बताया गया कि पंचकर्म अथवा किसी भी आयुर्वेदिक प्रक्रिया को अपनाने से पहले व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति का उचित मूल्यांकन आवश्यक है। इसी वजह से प्रशिक्षित एवं योग्य विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में उपचार और थेरेपी कराने पर जोर दिया जा रहा है।

आहार और जीवनशैली को भी उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा माना
आयुर्वेद में उपचार के साथ व्यक्ति के आहार और दैनिक जीवनशैली को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। पुनर् एक्सिस थेरेपी में आयुर्वेदिक औषधियों के साथ व्यक्ति की स्थिति के अनुरूप खान-पान और जीवनशैली संबंधी सलाह देने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है।
वहीं, नेचुरोपैथी के तहत प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों, योग, संतुलित आहार और जीवनशैली में आवश्यक सुधार के माध्यम से स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जाता है। उद्देश्य लोगों को दैनिक जीवन में स्वस्थ आदतों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
फिजियोथेरेपी से शारीरिक गतिशीलता और कार्यक्षमता पर फोकस
लंबे समय तक बैठकर काम करने, गलत पॉश्चर, चोट, मांसपेशियों की कमजोरी अथवा ऑपरेशन के बाद रिकवरी जैसी स्थितियों में फिजियोथेरेपी उपयोगी हो सकती है। यहां डॉ. विकास के माध्यम से व्यक्ति की समस्या और आवश्यकता के अनुसार फिजियोथेरेपी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
फिजियोथेरेपी में दर्द कम करने, मांसपेशियों की ताकत और शारीरिक गतिशीलता बेहतर करने तथा चोट या ऑपरेशन के बाद सामान्य गतिविधियों की ओर लौटने में सहायता के लिए विभिन्न तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। आवश्यकता के अनुसार एक्सरसाइज, मोबिलाइजेशन और अन्य फिजियोथेरेपी तकनीकों को उपचार प्रक्रिया में शामिल किया जाता है।

विशेषज्ञों की देखरेख में सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर
पुनर् एक्सिस थेरेपी में आयुर्वेद, पंचकर्म, नेचुरोपैथी और फिजियोथेरेपी जैसी सेवाओं के संचालन में प्रशिक्षित एवं योग्य चिकित्सकों और थेरेपिस्ट की भूमिका को महत्वपूर्ण माना गया है। वैद्य अंकुश के मार्गदर्शन में आयुर्वेदिक सेवाएं और डॉ. विकास के माध्यम से फिजियोथेरेपी संबंधी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति की शारीरिक स्थिति, जीवनशैली और स्वास्थ्य आवश्यकताएं अलग होती हैं। इसलिए किसी भी उपचार, पंचकर्म प्रक्रिया, आयुर्वेदिक औषधि या फिजियोथेरेपी को अपनाने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श लेना जरूरी है। उपचार और थेरेपी का चयन व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति के अनुरूप किया जाना चाहिए।
समग्र स्वास्थ्य के लिए समन्वित दृष्टिकोण
पुनर् एक्सिस थेरेपी में आयुर्वेद, पंचकर्म, नेचुरोपैथी, फिजियोथेरेपी और वेलनेस थेरेपी को एक समन्वित दृष्टिकोण के तहत उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। जहां आयुर्वेद और पारंपरिक थेरेपी के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं पर ध्यान दिया जाता है, वहीं नेचुरोपैथी में प्राकृतिक जीवनशैली, योग और संतुलित आहार को महत्व दिया जाता है। फिजियोथेरेपी के माध्यम से शारीरिक गतिशीलता और कार्यक्षमता बेहतर करने की दिशा में काम किया जाता है।
संस्था का कहना है कि इन सेवाओं का उद्देश्य लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक करना और बेहतर शारीरिक सक्रियता तथा संतुलित जीवनशैली की दिशा में सहयोग प्रदान करना है।













