अधिशासी अभियंता ग्रामीण द्वितीय अफसर बड़े बकायेदारों पर मेहरबान, छोटे बकायेदार परेशान
टेलीग्राम संवाद
बरेली। बिजली विभाग बरेली में बकाया वसूली बड़ा खेल हो रहा है। अधिशासी अभियंता ग्रामीण द्वितीय अफसर बड़े बकायेदारों पर मेहरबान हैं। वसूली में लगी टीम बड़े बकायेदारों से रसीद दिए बगैर लाखों रुपए बकाया बिल धनराशि लेकर सरकारी खातों में जमाने कर रहे हैं जिससे राजस्व वसूली लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है। इसका खुलासा अधिशासी अभियंता ग्रामीण द्वितीय ने जब अधीनस्थों से बकाया स्थिति संबंधी जानकारी लिए तब पता चला उपभोक्ता से धनराशि तो ले ली है लेकिन सरकारी खातों में जमा नहीं है इस पर उन्होंने नाराज की जताते हुए कहा कि तत्काल इसकी रसीद दी जाए लेकिन अस्थाई गवन पर अधिशासी अभियंता चुप्पी साथ गए। बताया जाता है वसूली टीम के कुछ सदस्य बड़े बकायेदारों से वसूली कर धनराशि अपने निजी कार्यों में लगा रहे हैं।
शहर से लेकर देहात तक जहां पांच-दस हजार रुपये के बकायेदारों पर बिल जमा कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, वहीं लाखों रुपये बकाये वाले बड़े उपभोक्ताओं और फैक्ट्रियों पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि बड़े बकायेदारों के मामले में विभागीय स्तर पर दोस्ताना रवैया अपनाया जा रहा है और कागजों में बकाया लाखों रुपये होने के बावजूद कनेक्शन काटने की कार्रवाई नहीं की जा रही।
बताया जा रहा है कि छोटे बकायेदारों से हर महीने बिल जमा कराने के लिए लगातार दबाव बनाया जाता है। कई मामलों में पांच से दस हजार रुपये के बकाये पर भी उपभोक्ताओं को परेशान किए जाने के आरोप हैं। इसके विपरीत बड़े बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
विभागीय सूत्रों ने बताया कई बड़े बकायेदारों से कथित तौर पर कुछ रकम लेकर अस्थायी रूप से कार्रवाई टाल दी जाती है।
इसकी रसीद कई दिनों बाद काटी जाती है यानी कई दिनों तक वसूल गया राजस्व निजी प्रयोग में लिया जा रहा है।
बड़े खुश, छोटे परेशान
रविवार दोपहर फतेहगंज पूर्वी और फरीदपुर क्षेत्र में वसूली अभियान चला। टीम ने छोटे उपभोक्ताओं को खूब परेशान किया और कनेक्शन भी काट दिए। बाद में 100 -200 रुपए लेकर जोड़ दिया गया है। बताया जाता है फरीदपुर क्षेत्र में वसूली टीम में लगे लोग 5 से 10000 रुपए वाले छोटे उपभोक्ताओं पर ज्यादा दबाव देते हैं। यह कनेक्शन घरेलू और गरीब लोगों से संबंधित है। जबकि बड़े बकायदारों पर विभाग मेहरबान है जबकि ऊपर से लगातार निर्देश दिए जाते हैं कि घरेलू और छोटे उपभोक्ताओं को परेशान ना किया जाए बड़े उपभोक्ताओं से सत प्रतिशत वसूली हो लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।
एक करोड़ से अधिक बकाया फिर भी सप्लाई चालू
अधिशासी अभियंता ग्रामीण द्वितीय क्षेत्र में दो बड़े से स्लॉटर हाउस है। जिन पर करीब सवा दो करोड़ रूपया बकाया है। वसूली तो दूर कनेक्शन तक नहीं कटे। अधिशासी अभियंता पवन वर्मा ने संबंधित कर्मियों से फोन पर जानकारी ली तो वह हैरान हो गए कि कनेक्शन इतने बड़े बकाया पर क्यों चल रहे हैं ? अस्थाई गवन और बड़े बकायादारी में कनेक्शन न काटने संबंधी मामला सामने आने पर भी अधिशासी अभियंता पवन वर्मा ने कोई ठोस कार्रवाई करना उचित नहीं समझा। एक्सईएन ने बताया कि संबंधित बकायेदार से पैसा आ गया है। जब भुगतान की रसीद के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि रसीद आ जाएगी। सवाल यह है कि यदि भुगतान हो चुका है तो उसकी रसीद तत्काल उपलब्ध क्यों नहीं कराई गई?
बिजली विभाग की कार्रवाई में यदि वास्तव में दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है तो छोटे उपभोक्ताओं पर सख्ती और बड़े बकायेदारों पर नरमी की व्यवस्था की जांच जरूरी है। विभाग को बड़े बकायेदारों की सूची सार्वजनिक कर उनके खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्योरा भी स्पष्ट करना चाहिए।
राजस्व वसूली में फिसड्डी
ग्रामीण क्षेत्र में चार डिवीजन कार्यालय हैं जिसमें दो शहरी क्षेत्र में कार्यरत हैं तीसरा और चौथा कार्यालय बहेड़ी और आंवला में है। अधिशासी अभियंता ग्रामीण द्वितीय में मनमानी ज्यादा है राजस्व वसूली बमुश्किल सिर्फ 24% तक हो पाई है। जबकि महीना पूरा होने में एक सप्ताह भी नहीं है। उच्च स्तर पर नाराजगी भी जाहिर की गई है इसके बावजूद मनमानी जारी है।











