लीड्स कनेक्ट खोलेगा अंतरराष्ट्रीय खाद्य बाजार के दरवाजे
भारत के सम्मानित अतिथि देश बनने के बीच बीएल एग्रो समूह, लीड्स कनेक्ट और लीड्स ब्रांड कनेक्ट तलाशेंगे प्रीमियम खाद्य ब्रांड, आधुनिक तकनीक, निवेश और रणनीतिक साझेदारियों के नए अवसर
टेलीग्राम संवाद
अबू धाबी।खाद्य सुरक्षा, कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण और टिकाऊ खाद्य आपूर्ति तंत्र के भविष्य को लेकर दुनिया के प्रमुख देश अबू धाबी में मंथन करेंगे। छह से आठ अक्टूबर तक आयोजित ग्लोबल फूड वीक 2026 में सरकारों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, निवेशकों, शोध संस्थानों, वैज्ञानिकों, नवोन्मेषकों और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों की व्यापक भागीदारी हो रही है। इस बार भारत को सम्मानित अतिथि देशका दर्जा दिया गया है, जिससे वैश्विक कृषि एवं खाद्य कारोबार में भारत की बढ़ती भूमिका को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
अबू धाबी के एडीएनईसी सेंटर में आयोजित यह आयोजन एडीएनईसी समूह और अबू धाबी कृषि एवं खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण के रणनीतिक सहयोग से हो रहा है। सम्मेलन में कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, खाद्य प्रौद्योगिकी, पशु स्वास्थ्य, निवेश और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श होगा।भारत का सम्मानित अतिथि देश के रूप में शामिल होना इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषताओं में है। इससे भारतीय कृषि एवं खाद्य उद्योग के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच, निवेश, तकनीकी सहयोग, निर्यात और वैश्विक कारोबारी साझेदारियों के नए रास्ते खुलने की संभावना है।
संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन, विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन और खाद्य एवं कृषि नीति परिषद जैसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी आयोजन में भाग ले रही हैं। इन संस्थाओं के प्रतिनिधि वैश्विक खाद्य सुरक्षा, पशु स्वास्थ्य, कृषि नवाचार, निवेश और भविष्य के लिए अधिक सक्षम एवं टिकाऊ खाद्य प्रणालियों पर चर्चा करेंगे।

खाड़ी देशों और अफ्रीका के बीच सहयोग पर जोर
ग्लोबल फूड वीक के तहत **विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन की खाड़ी सहयोग परिषद एवं अफ्रीका कार्यशाला भी आयोजित होगी। इसमें विशेषज्ञ और नीति-निर्माता खाड़ी देशों तथा अफ्रीका के बीच तकनीकी, कृषि और व्यापारिक सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।
कार्यशाला में पशु स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने, सीमा-पार पशु रोगों से निपटने, खाद्य आपूर्ति शृंखला को अधिक मजबूत बनाने और अंतरराष्ट्रीय समन्वय बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा।
इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन का युवा कृषि-खाद्य जागरूकता एवं तंत्र परिवर्तन नेतृत्व कार्यक्रम भी आयोजन का हिस्सा होगा। विभिन्न देशों के युवा नेतृत्वकर्ता इसमें हिस्सा लेकर ज्ञान और अनुभव साझा करेंगे। उद्देश्य युवाओं को कृषि एवं खाद्य क्षेत्र के भविष्य में नेतृत्व की भूमिका के लिए तैयार करना है।
नीतियों से निवेश तक पर होगा मंथन
सात और आठ अक्टूबर को आयोजित खाद्य एवं कृषि नीति परिषद में निकट पूर्व और उत्तरी अफ्रीका क्षेत्र में कृषि-खाद्य तंत्र में बदलाव से जुड़े मुद्दों पर नीतिगत विमर्श होगा। इसमें नीति-निर्माता, वैज्ञानिक, शोधकर्ता, युवा प्रतिनिधि, वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि, नवोन्मेषक और निजी क्षेत्र से जुड़े लोग भाग लेंगे।
विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, युवा सहभागिता, वित्त और निवेश के माध्यम से कृषि एवं खाद्य क्षेत्र को अधिक सक्षम, टिकाऊ और संकटों से निपटने में सक्षम बनाने के उपायों पर चर्चा होगी।
बीएल एग्रो समूह और लीड्स कनेक्ट की अंतरराष्ट्रीय भागीदारी
बीएल एग्रो समूह, लीड्स कनेक्ट और लीड्स ब्रांड कनेक्ट की भागीदारी भारत के खाद्य उद्योग की वैश्विक संभावनाओं को तलाशने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कंपनियां आयोजन में अंतरराष्ट्रीय खाद्य ब्रांड, आधुनिक तकनीक, वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं और नए कारोबारी साझेदारों की संभावनाएं तलाशेंगी। अवसर तलाशने पर केंद्रित रहेगा।


खाद्य सुरक्षा से कृषि तकनीक तक एक मंच पर कई आयाम
ग्लोबल फूड वीक में वैश्विक खाद्य सुरक्षा शिखर सम्मेलन, कृषि प्रौद्योगिकी मंच, किसान परिषद और अबू धाबी मधुमक्खी पालन मंच** भी प्रमुख आकर्षण होंगे। मधुमक्खी पालन मंच का आयोजन अंतरराष्ट्रीय मधुमक्खी पालन संगठन के सहयोग से किया जा रहा है।
इन मंचों पर किसान, वैज्ञानिक, नीति-निर्माता, प्रौद्योगिकी कंपनियां, निवेशक, खाद्य उद्योग, विकास संस्थान और नवोन्मेषक एक साथ आकर कृषि एवं खाद्य क्षेत्र की चुनौतियों और संभावनाओं पर विचार करेंगे।
इस लिहाज से ग्लोबल फूड वीक 2026 महज प्रदर्शनी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ज्ञान के आदान-प्रदान, नीतिगत संवाद, निवेश, तकनीकी हस्तांतरण, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और रणनीतिक कारोबारी साझेदारियों का वैश्विक केंद्र बनकर उभर रहा है।
बीएल एग्रो समूह, लीड्स कनेक्ट और लीड्स ब्रांड कनेक्ट की भागीदारी से अंतरराष्ट्रीय कारोबारी संपर्कों को मजबूत करने, नई कृषि एवं खाद्य तकनीकों की पहचान करने, नए उत्पादों और बाजारों को समझने तथा ऐसे प्रीमियम वैश्विक खाद्य ब्रांड की तलाश का अवसर मिलेगा, जिन्हें भारतीय उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा सके।
भारत के सम्मानित अतिथि देश बनने और संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन तथा विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन जैसी प्रमुख संस्थाओं की भागीदारी से अबू धाबी वैश्विक खाद्य सुरक्षा, कृषि, खाद्य उद्योग, निवेश और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के एक महत्वपूर्ण मिलन-बिंदु के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत करता दिखाई दे रहा है।










