यूपी में पहला बड़ा कदम, एएमयू साइन, विदेशी आधुनिक अनुसंधान और भ्रूण प्रत्यारोपण संबंधी मिलेगी तकनीक
बरेली में बनेगा Centre of Excellence, उन्नत पशु प्रजनन, डेयरी जेनेटिक्स और भ्रूण प्रत्यारोपण की अत्याधुनिक तकनीक को मिलेगा बढ़ावा
400 एकड़ भूमि सरकार लीज पर देगी
आर. के. गौड़
टेलीग्राम संवाद, बरेली। प्रदेश में पशुधन आनुवंशिक गुणवत्ता, दुग्ध उत्पादकता व प्रजनन तकनीकों को बढ़ावा देने की दिशा में पशुपालन विभाग व Leads Genetics मध्य एमओयू हस्ताक्षरित हुआ है। एमओयू से प्रदेश में उन्नत पशु प्रजनन व डेयरी जेनेटिक्स को एक नया आयाम मिलेगा।
पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया लखनऊ आयोजित कार्यक्रम में निजी क्षेत्र में पहला एमओयू हस्ताक्षरित हुआ है। उन्होंने सर्किट हाउस में टेलीग्राम संवाद (हिंदी दैनिक) से बातचीत करते हुए बताया प्रदेश सरकार राज्य पशुधन व डेयरी क्षेत्र को आधुनिक तकनीक वैज्ञानिक पशु प्रजनन व गुणवत्तायुक्त बेहतर आनुवंशिक क्षमता से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी क्रम में एक महत्वपूर्ण पहल में पशुपालन विभाग और
पशुपालन क्षेत्र में मंत्री धर्मपाल सिंह प्रदेश में पहला पीपीपी मॉडल पर एएमयू साइन करने के बाद संयुक्त फोटो कराया। Leads Genetics मध्य Centre of Excellence (COE) बरेली में स्थापना हेतु एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षरित किया गया। उन्होंने बताया समझौते से प्रदेश में उन्नत पशु प्रजनन (Advanced Reproduc tion), डेयरी जेनेटिक्स (Dairy Genetics), मूल्य संवर्धन (Value Addition) तथा सर्कुलर इकोनॉमी (Cir- cular Economy) क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र विकसित किया जा सकेगा। इस पहल से प्रदेश में अनुवांशिक क्षमता वाले पशुधन के विकास, प्रजनन तकनीक प्रसार, तकनीकी प्रशिक्षण तथा पशुपालको तक आधुनिक वैज्ञानिक तकनीक की पहुँच को मजबूती मिलेगी तथा पशुपालकों की उत्पादकता व आय में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। यह समझौता उत्तर प्रदेश पशुधन व डेयरी क्षेत्र में अधिक उत्पादक, तकनीक सक्षम व टिकाऊ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

400 एकड़ भूमि सरकार लीज पर देगी
पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में पहला एमओयू निजी क्षेत्र में हस्ताक्षरित हुआ है। एमओयू साइन करने वाले निजी संगठन लीड्स जेनेटिक्स ने कम से कम 400 एकड भूमि मांगी है। महाराजगंज, बुंदेलखंड, लखीमपुर खीरी, हापुड़ आदि स्थानों पर बड़े स्तर पर भूमि उपलब्ध है। प्रदेश सरकार इन स्थानों पर लौज पर भूमि उपलब्ध कराएगी।
अनुसंधान और नस्ल सुधार में होगा बड़ा काम
पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया योजना का मुख्य उद्देश्य पशुओं की तादाद बढ़ाना नहीं है बल्कि उन्नत किस्म के दुधारू गाय तैयार करना है। इससे किसानों की और को सीधा लाभ होगा उन्हें उन्नत किस्म के गाय मिल सकेंगे। आधुनिक और उत्त्व स्तरीय भ्रूण प्रत्यारोपण होगा।
सिर्फ बछिया पैदा होगी
मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि ब्राजील और तंजानिया देश से आधुनिक तकनीक ली जा रही है। विदेशी उच्च स्तरीय भ्रूण प्रत्यारोपण से सिर्फ बछिया पैदा होगी। जबकि भारतीय तकनीक में ऐसा नहीं है। उन्होंने बताया देसी नस्ल गाय उच्च तकनीक से तैयार होगी। करीब डेढ़ लाख रुपए लागत की तकनीक सिर्फ 10 से 12000 रुपये में किसानों तक पहुंचाई चाएगी। उन्होंने बताया निजी क्षेत्र में पहला समझौता उत्तर प्रदेश सरकार से हुआ है।

समझौते में यह शामिल रहे
इस मौके पर अपर मुख्य सचिव पशुपालन मुकेश मेश्राम, डा. राजेन्द्र प्रसाद निदेशक प्रशासन व विकास, डा. संगीता तिवारी निदेशक रोग नियन्त्रण व प्रक्षेत्र, बीएल एग्रो ग्रुप चेयरमैन घनश्याम खंडेलवाल, नवनीत रविकर निदेशक लीड जेनेटिकस, ब्राजील से डा. माकौश विनिशियश, वैज्ञानिक पशु प्रजनन ब्राजील तथा डा. राजेरियो बैरश निदेशक इंटरनेशनल रिलेशन ब्राजील उपस्थित रहे।














