पीलीभीत फिर बनेगा बासमती चावल का कटोरा: जितिन प्रसाद

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पीलीभीत। बासमती चावल के उत्पादन और निर्यात में अपनी पुरानी पहचान को फिर मजबूत करने की दिशा में पीलीभीत ने बड़ा कदम बढ़ाया है। न्यूरिया कॉलोनी स्थित राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में सात एकड़ भूमि पर 15 करोड़ रुपये की लागत से ‘वीरांगना अवंती बाई लोधी बासमती निर्यात एवं प्रशिक्षण केंद्र’ की आधारशिला रखी गई। केंद्रीय मंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद जितिन प्रसाद तथा प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने संयुक्त रूप से बटन दबाकर परियोजना का शिलान्यास किया।

शिलान्यास समारोह में केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि पीलीभीत की पहचान लंबे समय से ‘चावल के कटोरे’ के रूप में रही है। डबल इंजन की सरकार जिले को फिर बासमती उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में वही गौरव दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह केंद्र किसानों की आय और जिले के कृषि कारोबार को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पीलीभीत के चौमुखी विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि केंद्र में किसानों को उन्नत किस्म के बीज, आधुनिक पैकेजिंग तकनीक और प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ किसानों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश से दुनिया के विभिन्न देशों में बड़े पैमाने पर बासमती का निर्यात हो रहा है। ऐसे में पीलीभीत में अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण निवेश है।

उन्होंने रबी फसलों के लिए 11 लाख किसानों को निशुल्क बीज उपलब्ध कराने, सोलर पंप, ट्रैक्टर अनुदान और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने सहित सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी भी दी।

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