Asian Para Games Aichi-Nagoya-बीएल एग्रो(BL Agro) ने दिया खिलाड़ियों के हौसलों को सम्मान, 13 पैरा खिलाड़ियों की उपलब्धियों को किया सलाम

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टेलीग्राम संवाद

बरेली। शारीरिक चुनौतियों को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत बनाकर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर देश का गौरव बढ़ाने वाले उत्तर प्रदेश के पैरा खिलाड़ियों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा और अदम्य इच्छाशक्ति का लोहा मनवाया है। जापान के आइची-नागोया( Aichi-Nagoya 20260) में आयोजित 5वें एशियाई पैरा खेल 2026 (5th Asian Para Games– 2026 Asian Games,) में उत्तर प्रदेश के 13 खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 16 पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया। इन खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में 5 स्वर्ण, 7 रजत और 4 कांस्य पदक हासिल किए। खिलाड़ियों की इस उल्लेखनीय उपलब्धि को सम्मान देने के लिए बीएल एग्रो (BL Agro)और उत्तर प्रदेश पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन की ओर से बरेली स्थित बीएल एग्रो स्टेडियम में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित कर उनके संघर्ष, मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण की सराहना की गई।18 से 24 अक्टूबर 2026 तक जापान के आइची-नागोया  Aichi-Nagoya में आयोजित इन खेलों में भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स, ऊंची कूद, भाला फेंक, गोला फेंक, चक्का फेंक, पैरा तीरंदाजी, पैरा टेबल टेनिस और पैरा बैडमिंटन जैसी स्पर्धाओं में पदक जीतकर अपनी खेल क्षमता का परिचय दिया। इन उपलब्धियों के पीछे खिलाड़ियों का वर्षों का कठिन अभ्यास, लगातार संघर्ष, प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन और लक्ष्य के प्रति समर्पण रहा है।

बरेली में आयोजित सम्मान समारोह केवल पदक विजेताओं को सम्मानित करने का अवसर नहीं था, बल्कि यह उन खिलाड़ियों के संघर्ष और सफलता को सलाम करने का मंच भी बना, जिन्होंने तमाम चुनौतियों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित की। समारोह में जनप्रतिनिधियों, खेल संगठनों के पदाधिकारियों और बीएल एग्रो के वरिष्ठ अधिकारियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

एशियाई पैरा (5th Asian Para Games Aichi-Nagoya 2026,Japan) खेलों में उत्तर प्रदेश की पदक उपलब्धियों में गाजियाबाद की सिमरन शर्मा का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। उन्होंने 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ की टी-12 श्रेणी में हिस्सा लेते हुए दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक हासिल किए। दोहरी स्वर्णिम सफलता के साथ उन्होंने अपनी गति और खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन किया।गौतम बुद्ध नगर के प्रवीण कुमार ने ऊंची कूद की टी-64 श्रेणी में स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। इसी जिले की सुवर्णा राज ने चक्का फेंक की एफ-54 श्रेणी में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मेरठ के आयुष वर्मा ने भी दो पदक जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। उन्होंने भाला फेंक की एफ-53 श्रेणी में स्वर्ण और गोला फेंक में कांस्य पदक हासिल किया।

मुजफ्फरनगर की प्रीति पाल ने 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ की टी-35 श्रेणी में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो रजत पदक जीते। उनकी इस उपलब्धि ने प्रदेश की पदक तालिका में महत्वपूर्ण योगदान दिया।गाजियाबाद के प्रदीप कुमार ने भाला फेंक की एफ-54 श्रेणी में रजत पदक हासिल किया। इटावा के अजीत सिंह यादव ने भाला फेंक की एफ-46 श्रेणी में रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। मथुरा के राम रतन सिंह ने चक्का फेंक की एफ-51 श्रेणी में रजत पदक हासिल किया।गौतम बुद्ध नगर के वरुण सिंह भाटी ने ऊंची कूद की टी-63 श्रेणी में रजत पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। वहीं मेरठ की स्वाति चौधरी ने पैरा तीरंदाजी की डब्ल्यू-1 श्रेणी में रजत पदक हासिल किया। इन खिलाड़ियों ने अलग-अलग खेल विधाओं में अपनी क्षमता का प्रदर्शन करते हुए यह साबित किया कि उत्तर प्रदेश में पैरा खेलों की प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।

प्रदेश के खिलाड़ियों ने कांस्य पदक जीतने में भी महत्वपूर्ण सफलता हासिल की। मेरठ के अनुभव चौधरी ने 100 मीटर दौड़ की टी-35 श्रेणी में कांस्य पदक प्राप्त किया। उन्नाव की प्राची पांडेय ने पैरा टेबल टेनिस की क्लास-6 श्रेणी में कांस्य पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया। वहीं पैरा बैडमिंटन की एसएल-4 श्रेणी में सुहास यथिराज ने कांस्य पदक हासिल किया।इन सभी खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने यह साबित किया कि पैरा खेलों में प्रतिभा, मेहनत और संकल्प के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।

उत्तर प्रदेश सरकार के वन एवं पर्यावरण विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि एशियाई पैरा खेलों में उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों ने 16 पदक जीतकर प्रदेश का गौरव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया है। यह उपलब्धि खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, अटूट इच्छाशक्ति, अनुशासन और आत्मविश्वास का परिणाम है। इन खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा से साबित किया है कि मजबूत संकल्प और निरंतर प्रयास के सामने कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती।उन्होंने कहा कि पैरा खिलाड़ियों का संघर्ष और उनकी सफलता समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए प्रेरणादायक है। इन खिलाड़ियों ने न केवल अपने परिवार और जनपद, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश को गौरवान्वित किया है। उनकी उपलब्धियां दूसरे युवाओं को भी खेलों के प्रति प्रोत्साहित करेंगी और उन्हें अपने लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा देंगी।डॉ. अरुण कुमार ने बीएल एग्रो (BL Agro)और उत्तर प्रदेश पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित करना सराहनीय प्रयास है। खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनकेउज्ज्वल भविष्य और आगामी प्रतियोगिताओं में और बेहतर प्रदर्शन की कामना की।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना बड़ी उपलब्धि : जेपी सिंह

सम्मान समारोह में पैरा पावरलिफ्टिंग के चेयरमैन जेपी सिंह ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उत्तर प्रदेश के इन खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से न केवल प्रदेश, बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है।उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता पैरा खेलों की बढ़ती ताकत और उत्तर प्रदेश में मौजूद खेल प्रतिभाओं को दर्शाती है। इन खिलाड़ियों ने जिस तरह मेहनत और लगन के साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाई है, वह दूसरे खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणादायक है। उन्होंने सभी पदक विजेताओं को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि उनकी सफलता से अन्य खिलाड़ी भी खेलों में आगे बढ़ने और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित होंगे।

 

दृढ़ इच्छाशक्ति से हर चुनौती पर पाई जा सकती है जीत : सुमति मिश्रा

पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया की उपाध्यक्ष सुमति मिश्रा ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि इन खिलाड़ियों ने साबित किया है कि दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। उनकी उपलब्धियां पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का विषय हैं।उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत और सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी। उन्होंने सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य और खेल के क्षेत्र में निरंतर सफलता की कामना की।

सम्मान समारोह ने प्रदेश में पैरा खेलों को बढ़ावा देने और दिव्यांग खिलाड़ियों की प्रतिभा को उचित पहचान दिलाने की आवश्यकता को भी प्रमुखता से सामने रखा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों का सम्मान करना उनके मनोबल को बढ़ाने के साथ ही उन युवाओं को भी प्रेरित करता है, जो खेलों के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं।बीएल एग्रो और उत्तर प्रदेश पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से खिलाड़ियों की उपलब्धियों को सम्मान देकर खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया। दोनों संस्थाओं ने पैरा खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने, उनकी उपलब्धियों को पहचान दिलाने और एक ऐसे समावेशी खेल वातावरण के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जहां प्रत्येक खिलाड़ी को अपनी प्रतिभा और क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।उत्तर प्रदेश के 13 खिलाड़ियों की 16 पदकों की यह उपलब्धि प्रदेश के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में देखी जा रही है। इन खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से यह साबित किया कि सफलता की राह में शारीरिक सीमाएं बाधा नहीं बन सकतीं, यदि लक्ष्य के प्रति समर्पण, मेहनत और आत्मविश्वास मजबूत हो। जापान में मिली इस सफलता और बरेली में हुए सम्मान ने पैरा खेलों को नई पहचान और खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का नया उत्साह दिया है।

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