आलोक निधि गोयल से उपनिदेशक विद्युत यांत्रिक का कार्यभार छीना
बरेली। मंडी परिसर में प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त नहीं मिलने और लाइटों की मरम्मत में लापरवाही पर राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने उपनिदेशक (विद्युत एवं यांत्रिक) आलोक निधि गोयल से विद्युत एवं यांत्रिक कार्यों का प्रभार तत्काल प्रभाव से वापस लेने के निर्देश दिए हैं। बरेली मंडी के निरीक्षण के दौरान हाईमास्ट लाइटों की मरम्मत का काम एक महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी पूरा नहीं मिला। स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत भी लंबित पाई गई।
निदेशक ने मंडी परिसर की प्रकाश व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को कमियां जल्द दूर कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मंडियों में बुनियादी सुविधाओं के रखरखाव में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्धारित समय में सुधार नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आठ मंडियों की व्यवस्थाएं परखीं
निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने दो दिवसीय निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान बरेली समेत मलिहाबाद, संडीला, हरदोई, शाहजहांपुर, तिलहर, लखीमपुर और सीतापुर की मंडियों का जायजा लिया। निरीक्षण में साफ-सफाई, आंतरिक सड़कों, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, अभिलेखों के रखरखाव और क्रय केंद्रों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई।
उन्होंने अधिकारियों को मंडियों में किसानों और व्यापारियों के लिए जरूरी सुविधाएं बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी’ अभियान के तहत साफ-सफाई और आधारभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही कमियों को निर्धारित समयसीमा में दूर कर अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
निदेशक ने कहा कि मंडियों में बेहतर व्यवस्थाएं केवल कृषि उपज की आवक के सीजन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पूरे वर्ष किसानों और व्यापारियों को सुविधाएं मिलनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान मंडी के संयुक्त निदेशक महेंद्र सिंह, उपनिदेशक विश्वेन्द्र पवार और मंडी सचिव संतोष यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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छह नवंबर को पांच हजार दीयों से जगमगाएगी मंडी: मंडी सचिव
मंडी सचिव संतोष यादव ने बताया कि ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी’ अभियान के तहत मंडी में व्यवस्थाएं सुधारी जा रही हैं। छह नवंबर को मंडी परिसर में दीपोत्सव का आयोजन होगा। इस दौरान करीब पांच हजार दीये जलाकर मंडी को रोशन किया जाएगा









