- कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित फसल निगरानी और आँकड़ा विश्लेषण पर जोर
- सोयाबीन उद्योग के दिग्गजों व अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के साथ साझेदारी की संभावनाओं पर हुआ
टेलीग्राम संवाद
इंदौर। कृषि प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित फसल निगरानी और आँकड़ा आधारित कृषि विश्लेषण के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं को विस्तार देने के उद्देश्य से लीड्स कनेक्ट( Leads Connect) ने अंतरराष्ट्रीय सोया कॉन्क्लेव 2026 ( International Soy Conclave 2026)में सक्रिय भागीदारी की। सोयाबीन प्रसंस्करण संघ भारत (सोपा) SOPA की ओर से 16 और 17 अक्टूबर को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस सम्मेलन के दूसरे दिन लीड्स कनेक्ट के प्रतिनिधियों ने सोयाबीन उद्योग के प्रमुख पदाधिकारियों, वनस्पति तेल क्षेत्र के प्रतिनिधियों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से जुड़े विशेषज्ञों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं।
सम्मेलन का विषय ‘आत्मनिर्भर भारत—तेल एवं प्रोटीन संबंधी राष्ट्रीय दृष्टिकोण को सशक्त बनाना’ था। इसमें देश-विदेश के उद्योग प्रतिनिधियों, कृषि विशेषज्ञों और सोयाबीन मूल्य श्रृंखला से जुड़े विभिन्न पक्षों ने भाग लिया। चर्चाओं का प्रमुख उद्देश्य कृषि क्षेत्र में तकनीक के प्रभावी उपयोग, उद्योग के बीच बेहतर समन्वय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए अवसरों की तलाश करना रहा।

सोयाबीन उद्योग के नेतृत्व के साथ सहयोग पर चर्चा
Leads Connect लीड्स कनेक्ट के उपाध्यक्ष राजीव अरोड़ा ने सोपा के उपाध्यक्ष गिरीश मतलानी तथा मानद कोषाध्यक्ष संजय श्रीश्रीमाल से मुलाकात की। इन बैठकों में सोयाबीन प्रसंस्करण उद्योग की चुनौतियों, कृषि विकास और मूल्य श्रृंखला से जुड़े विभिन्न पक्षों के बीच समन्वय बढ़ाने पर विचार-विमर्श हुआ।चर्चा में तिलहन क्षेत्र की उभरती चुनौतियों का समाधान खोजने तथा भारत की सोयाबीन मूल्य श्रृंखला को दीर्घकालिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया गया। उद्योग के विभिन्न पक्षों के बीच बेहतर तालमेल को उत्पादन, प्रसंस्करण और बाजार से जुड़ी संभावनाओं का लाभ उठाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया।

कई देशों में फसल निगरानी के लिए साझेदारी की संभावनाएं
सम्मेलन के दौरान राजीव अरोड़ा ने सॉलिडैरिडाड के महाप्रबंधक सुरेश मोटवानी के साथ भी बैठक की। इसमें विभिन्न देशों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित फसल निगरानी के लिए सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।बैठक में खेतों से प्राप्त जानकारी, तकनीकी प्रणालियों और आँकड़ा आधारित विश्लेषण के माध्यम से फसलों की स्थिति पर अधिक प्रभावी ढंग से नजर रखने के तरीकों पर विचार किया गया। ऐसी तकनीकों से फसलों के स्वास्थ्य की निगरानी बेहतर बनाने, टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने और किसानों तथा कृषि क्षेत्र से जुड़े अन्य पक्षों को अधिक सटीक जानकारी उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।इस चर्चा ने कृषि क्षेत्र में तकनीक आधारित समाधानों को व्यापक स्तर पर लागू करने के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के महत्व को भी रेखांकित किया। लीड्स कनेक्ट के लिए इस प्रकार का सहयोग विभिन्न कृषि क्षेत्रों की जरूरतों के अनुरूप समाधान विकसित करने और उपलब्ध तकनीकी क्षमताओं का बेहतर उपयोग करने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर सकता है।
वनस्पति तेल उद्योग के नेतृत्व से भी हुआ संवाद
राजीव अरोड़ा ने इमामी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और भारतीय वनस्पति तेल उत्पादक संघ के अध्यक्ष सुधाकर देसाई के साथ भी चर्चा की। इस दौरान वनस्पति तेल उद्योग, तिलहन क्षेत्र और कृषि एवं खाद्य मूल्य श्रृंखला में परस्पर सहयोग की संभावनाओं पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ।सोयाबीन और अन्य तिलहनों का महत्व केवल कृषि उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि इनका संबंध खाद्य तेल की उपलब्धता, प्रसंस्करण उद्योग, किसानों की आय और देश की खाद्य जरूरतों से भी है। ऐसे में कृषि, प्रसंस्करण और तकनीकी सेवाओं से जुड़े संगठनों के बीच सहयोग को उद्योग के दीर्घकालिक विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

लीड्स समूह की तकनीकी क्षमताओं से कराया परिचित
सम्मेलन में भारत और विदेशों से आए अन्य प्रतिनिधियों के साथ संवाद के दौरान राजीव अरोड़ा ने लीड्स समूह की विविध व्यावसायिक गतिविधियों और तकनीकी क्षमताओं की जानकारी भी साझा की। इनमें कृषि प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित फसल निगरानी, कृषि संबंधी आँकड़ों का विश्लेषण और अन्य व्यावसायिक क्षेत्र शामिल हैं।इन संवादों के माध्यम से समूह ने उद्योग जगत, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और कृषि मूल्य श्रृंखला से जुड़े विभिन्न पक्षों के साथ सार्थक साझेदारियां विकसित करने की अपनी प्रतिबद्धता प्रस्तुत की। कंपनी का जोर ऐसी तकनीकी क्षमताओं के उपयोग पर है, जिनसे कृषि संबंधी जानकारी का बेहतर विश्लेषण किया जा सके और फसलों की निगरानी तथा कृषि प्रबंधन से जुड़े निर्णयों को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
बाजार के रुझानों और फसल अनुमानों पर भी मंथन
International Soy Conclave 2026(अंतरराष्ट्रीय सोया कॉन्क्लेव) के दूसरे दिन तकनीकी प्रस्तुतियों के साथ सोयाबीन की घरेलू एवं वैश्विक मांग-आपूर्ति, बाजार की संभावनाओं, मूल्य रुझानों और फसल अनुमानों पर भी चर्चा हुई। सम्मेलन ने उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों को अपने अनुभव साझा करने तथा सोयाबीन क्षेत्र के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार करने का मंच प्रदान किया।बदलते बाजार, उत्पादन संबंधी अनिश्चितताओं और कृषि क्षेत्र में तकनीकी बदलावों के बीच फसल से जुड़ी विश्वसनीय जानकारी तथा समय पर विश्लेषण का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे परिदृश्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आँकड़ा आधारित तकनीकों का उपयोग कृषि क्षेत्र की निगरानी तथा बेहतर निर्णय प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

तकनीक आधारित कृषि विकास पर लीड्स कनेक्ट का जोर
International Soy Conclave 2026 Leads Connect की भागीदारी कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित फसल निगरानी और आँकड़ा विश्लेषण को बढ़ावा देने की दिशा में उसके प्रयासों को रेखांकित करती है।सोपा के नेतृत्व, उद्योग प्रतिनिधियों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों के साथ हुई बैठकों से कृषि प्रौद्योगिकी तथा तिलहन मूल्य श्रृंखला में सहयोग के नए अवसरों की संभावनाएं सामने आईं। कंपनी का उद्देश्य ऐसे पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग की संभावनाएं तलाशना है, जिनसे फसल निगरानी अधिक प्रभावी हो, कृषि संबंधी जानकारी और विश्लेषण मजबूत बने तथा तिलहन क्षेत्र के सतत विकास को प्रोत्साहन मिले।इस प्रकार, सम्मेलन में लीड्स कनेक्ट की सक्रिय भागीदारी ने कृषि तकनीक, उद्योग समन्वय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को एक साथ जोड़ने की संभावनाओं को प्रमुखता दी।









