अवैध तमंचा बरामद—साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार
टेलीग्राम संवाद
पीलीभीत। पीलीभीत के बराही जंगल में सक्रिय वन्यजीव शिकारियों के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई सामने आई है। देर रात हुई मुठभेड़ में पुलिस ने कुख्यात शिकारी गिरोह के एक सदस्य को गोली लगने के बाद दबोच लिया, जबकि उसके साथी घने जंगल और अंधेरे का सहारा लेकर फरार हो गए।
माधौटांडा थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के केंद्र में 28 वर्षीय हरजिन्दर सिंह रहा, जो लंबे समय से वन्यजीव शिकार के मामलों में वांछित चल रहा था। पुलिस के मुताबिक, 21 अप्रैल की रात मुखबिर की सटीक सूचना पर टीम ने नवदिया गेस्ट हाउस के पास सीतापुर ब्रांच नहर किनारे घेराबंदी की। खुद को घिरा देख आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग झोंक दी।

जवाबी कार्रवाई में चली गोली हरजिन्दर के दाहिने पैर में लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। पुलिस ने तुरंत उसे कब्जे में लेकर अस्पताल भेजा। मौके से 315 बोर का तमंचा, जिंदा कारतूस और खोखा बरामद किया गया है।
शिकार से मुठभेड़ तक की कहानी
पूरी वारदात की जड़ 15 अप्रैल की रात से जुड़ी है, जब बराही जंगल में संरक्षित वन्यजीव—जंगली सूअर—का शिकार किया गया था। इस दौरान शिकारियों ने जानलेवा फायरिंग भी की थी। मामले में पहले ही हरजिन्दर सिंह, बलजीत सिंह और अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी।
अपराध का लंबा रिकॉर्ड
गिरफ्तार हरजिन्दर सिंह का आपराधिक इतिहास भी कम नहीं है। उस पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और भारतीय वन अधिनियम के तहत कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं, खासकर पीलीभीत टाइगर रिजर्व क्षेत्र में।
पुलिस का ऑपरेशन और आगे की कार्रवाई
इस ऑपरेशन को प्रभारी निरीक्षक अशोक पाल के नेतृत्व में अंजाम दिया गया, जिसमें उपनिरीक्षक अमरीश बाबू सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक सुकृति माधव मिश्रा ने पुष्टि की कि फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और अवैध हथियारों के नेटवर्क की भी जांच जारी है।

“पीलीभीत टाइगर रिजर्व की बराही रेंज में वन्यजीव शिकार के आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के पैर में गोली लगी है, उसे उपचार के लिए सीएचसी भेजा गया है। उसके पास से 315 बोर का तमंचा और कारतूस बरामद हुए हैं।-सुकृति माधव मिश्रा, पुलिस अधीक्षक










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