संजय श्रीवास्तव
टेलीग्राम संवाद, बरेली। जादूगर अपने हाथ की सफाई और बाजीगरी मंच पर दिखाता है। जादूगर बादशाह नाम से एक बाजीगर विभिन्न आइटम लेकर शहर में पहुंचा है। इसका पहला उद्घाटन शो 17 अप्रैल शाम संजय गांधी कम्युनिटी हॉल में प्रस्तावित था। शहर भर में होर्डिंग और विभिन्न माध्यमों से जमकर प्रचार किया गया। मगर, जब दर्शक संजय कम्युनिटी हॉल पहुंचे तब पता चला कार्यक्रम संबंधी अनुमति प्रशासन द्वारा जारी नहीं की गई है। इससे पहले पिछले साल एक कंपनी सर्कस शो लेकर आई थी। कई दिनों बिना अनुमति कार्यक्रम चलते रहे। अखबारों में जब सुर्खियां बनीं तो उसे जबरन बंद कराया गया।
जादूगर बादशाह नाम से एक बाजीगर ने हाथ की सफाई दिखाने का 17 अप्रैल से शो संचालित करने के लिए जिला प्रशासन से अनुमति मांगी थी। आयोजक ने नगर निगम से संजय कम्युनिटी हॉल किराए पर लिया था। इसी आधार पर प्रचार प्रसार किया गया। बताया जाता है कि आयोजक ने टिकट बिक्री भी शुरू कर दी। इसका उद्घाटन शो शुक्रवार 17 अप्रैल शाम होना था। तमाम दर्शक शो देखने पहुंचे, लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं मिला। हॉल प्रवेश द्वार पर बैठी महिला कर्मी ने बताया कि अभी प्रशासन से अनुमति नहीं मिली है। इसलिए कार्यक्रम एक दिन आगे बढ़ा दिया है, यानि 18 अप्रैल से नियमित शो शुरू होंगे। महिला कर्मचारी एडवांस में टिकट बुकिंग भी कर रही थी।
किसी भी विभाग से कोई एनओसी नहीं
जादूगरी शो में तमाम मैकेनिकल और विद्युत संबंधी आईटम होते हैं। इसका मतलब सावधानी हटी दुर्घटना घटी वाला नियम ऐसे कार्यक्रमों में लागू होते हैं। जिला प्रशासन आवेदन पत्र पर संबंधित हॉल स्वामी, अग्निश्मन, पुलिस, विद्युत सुरक्षा आदि से एनओसी लेता है। संबंधित विभागों से क्लियरेंस मिलने पर जिला प्रशासन द्वारा अनुमति दी जाती है, लेकिन संबंधित विभागों से कोई एनओसी प्राप्त नहीं हुई है।

प्रचार पहले, आवेदन बाद में
बताया जाता है कि जादूगर बादशाह नाम से आयोजित होने वाला शो करीब एक माह तक चलना है। आयोजकों ने इसकी उद्घाटन तिथि 17 अप्रैल तय कर दी, जबकि प्रचार प्रसार पिछले कई दिनों से चल रहा था। चर्चा है कि उद्घाटन तिथि से दो दिन पहले आयोजक ने जिला प्रशासन में आवेदन किया था इसलिए अभी तक संबंधित विभागों से एनओसी नहीं मिल पाई है। आयोजकों ने दावा किया है कि शनिवार 18 अप्रैल दोपहर तक अनुमति मिल जाएगी। मगर अन्य विभागों से संपर्क किया गया तो पता चला कि उनके पास अभी तक कोई आवेदन ही नहीं पहुंचा है।
पिछले साल भी फंसा था एनओसी का फंदा
आपको यह सुनकर अटपटा ही लगेगा कि सर्कस शो हाल में प्रस्तुत किया जाता है। सर्कस नाम आते ही दिमाग में एक बड़ा सा मैदान, टेंट शामियाना, तंबू, जानवर, कलाकार आदि घूमने लगते हैं। लेकिन पिछले साल एक सर्कस संचालक कंपनी ने संजय कम्युनिटी हॉल में बिना किसी अनुमति शुरू कर दिया था। टिकट ऑन लाइन और ऑफ लाइन दोनों तरह से बेचे गए। मामला जब अखबारों की सुर्खियां बना तो अवैध रूप से संचालित शो जबरन बंद करा दिए गए। बताया जाता है कि आयोजक ने नगर निगम और बरेली विकास प्राधिकरण से ली गई अनुमति पर ही सर्कस शुरू कर दिया था।










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