देशभर से पहुंचे कलाकार व विद्वान, दर्शकों को आध्यात्मिक कला ने किया आकर्षित
टेलीग्राम संवाद
बरेली। गंगाशील महाविद्यालय, फैज़ुल्लापुर, नवाबगंज, बरेली में आयोजित ‘अखिल भारतीय चित्रकला प्रदर्शनी’ के द्वितीय दिवस पर भी दर्शकों का उत्साह चरम पर रहा। उपनिषद् विषय पर आधारित इस विशेष प्रदर्शनी को देखने के लिए दिनभर दर्शनार्थियों का निरंतर आवागमन बना रहा।

प्रदर्शनी के दूसरे दिन देहरादून (उत्तराखंड) और हैदराबाद सहित विभिन्न स्थानों से पहुंचे विद्वानों व कलाकारों ने आयोजन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। डॉ. कृष्णा, डॉ. विनीत कुमार शांडिल्य, डॉ. निकिता, डॉ. अंजलि उनियाल और डॉ. गिरिकण्य ने महाविद्यालय पहुंचकर कलाकृतियों का अवलोकन किया।

गंगाशील आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, कमुआ, बरेली की प्राचार्या डॉ. जी. वी. रानी भी अपने शिक्षकों के साथ प्रदर्शनी देखने पहुंचीं। उन्होंने कलाकारों की सृजनात्मकता और आयोजकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उपनिषद् जैसे गूढ़ विषय को कला के माध्यम से प्रस्तुत करना अत्यंत सराहनीय पहल है।प्रदर्शनी में प्रदर्शित कलाकृतियों ने दर्शकों को विशेष रूप से प्रभावित किया। कलाकारों ने अपने चित्रों के माध्यम से न केवल उपनिषदों के दर्शन को उकेरा, बल्कि अपनी संवेदनाओं और भावनाओं से उन्हें जीवंत बना दिया। कला वीथिका में प्रस्तुत प्रतिस्थापन (इंस्टॉलेशन) कला ने भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।

साहू राम स्वरूप महिला महाविद्यालय, बरेली की डॉ. रुचि अग्रवाल ने भी प्रदर्शनी में पहुंचकर गहनता से सभी चित्रों का अवलोकन किया। वहीं जिंगल बेल्स पब्लिक स्कूल की छात्राएं यशस्वी और वैष्णवी तथा रूहेलखंड मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल से आर्यवर्धन गुप्ता ने भी उत्सुकता के साथ प्रदर्शनी का आनंद लिया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के सचिव डॉ. एन. के. गुप्ता, प्रदर्शनी की संयोजिका डॉ. शशि बाला राठी, डॉ. शिल्पा जैन, डॉ. प्रीति सक्सेना, डॉ. स्वाति गुप्ता, डॉ. बी. के. वर्मा,पंकज कुमार, प्रीतिका गुप्ता, मो. जुनैद तथा प्रतिभागी दीपक उपाध्याय सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।प्रदर्शनी सोमवार को भी दर्शकों के अवलोकनार्थ खुली रहेगी, जिससे अधिक से अधिक लोग इस आध्यात्मिक और कलात्मक संगम का अनुभव कर सकें।










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