खाद्य सुरक्षा से ग्लोबल ट्रेड तक भारत की क्षमताओं को नए बाजारों से जोड़ने पर जोर
भारत-यूएई सहयोग से खाद्य उद्योग और निर्यात कारोबार के लिए नए अवसरों की उम्मीद
अबू धाबी( Abu Dhabi)। ग्लोबल फूड वीक 2026 में बीएल एग्रो समूह(Global Food Week 2026: BL AGRO GROUP) ने भारतीय कृषि एवं खाद्य उद्योग की क्षमताओं और वैश्विक साझेदारी की संभावनाओं को प्रस्तुत किया। समूह के चेयरमैन डॉ. घनश्याम खंडेलवाल ने कहा कि खाद्य सुरक्षा के लिए कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ बेहतर प्रसंस्करण, तकनीकी नवाचार और मजबूत आपूर्ति शृंखला जरूरी है।संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में आयोजित तीन दिवसीय आयोजन में 92 देशों के 2,580 प्रदर्शकों और 47,092 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान खाद्य एवं कृषि क्षेत्र में 6.9 अरब यूएई दिरहम के 97 समझौते हुए। पिछले संस्करण के मुकाबले समझौतों के मूल्य में पांच और प्रतिभागियों की संख्या में 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
बीएल एग्रो ने खाद्य तेल, प्रसंस्करण और कृषि आधारित उद्योगों में भारत की क्षमताओं को वैश्विक बाजार, निवेश और आधुनिक तकनीक से जोड़ने की संभावनाओं पर जोर दिया।





ग्लोबल फूड वीक में कृषि तकनीक और खाद्य सुरक्षा पर चर्चा
ग्लोबल फूड वीक में ग्लोबल फूड सिक्योरिटी समिट, 12वें अबू धाबी डेट पाम एग्जिबिशन और एग्रीटेक फोरम सहित कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। पहली बार अबू धाबी हनी सिम्पोजियम भी हुआ। इनमें कृषि नवाचार, खाद्य सुरक्षा और टिकाऊ खेती पर चर्चा हुई।एग्रीटेक फोरम में स्मार्ट खेती, सटीक सिंचाई, मृदा सुधार, स्वचालन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों पर जोर दिया गया। वहीं, डेट पाम एग्जिबिशन में 12 देशों के 100 प्रदर्शकों और प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। अंतरराष्ट्रीय खरीदार कार्यक्रम में व्यावसायिक बैठकें हुईं। छोटे कारोबारों को नए बाजारों से जोड़ने के लिए भी विशेष पहल की गई।

बीएल एग्रो के लिए कृषि और खाद्य उद्योग में नए अवसर
ग्लोबल फूड वीक(Global Food Week 2026)में कृषि उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, तकनीक और वैश्विक बाजारों तक पहुंच को मजबूत बनाने पर जोर रहा। भारत के लिए यह कृषि आधारित उद्योगों में निवेश बढ़ाने, किसानों को बाजार से जोड़ने और मूल्यवर्धित खाद्य उत्पादों का कारोबार बढ़ाने का अवसर है।बीएल एग्रो के चेयरमैन डॉ. घनश्याम खंडेलवाल ने किसान-केंद्रित विकास, तकनीकी नवाचार और मजबूत आपूर्ति शृंखला की जरूरत पर जोर दिया। बीएल एग्रो और लीड्स कनेक्ट समूह के प्रतिनिधियों ने भारतीय कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के बीच सहयोग की संभावनाएं भी रेखांकित कीं।हालांकि, इन अवसरों का वास्तविक लाभ निवेश, समझौतों के क्रियान्वयन और व्यावसायिक साझेदारियों पर निर्भर करेगा।









