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बराही जंगल में ‘शिकारी गैंग’ से मुठभेड़: मुख्य आरोपी पैर में गोली लगने के बाद दबोचा ,पीलीभीत टाइगर रिजर्व में वन्यजीव शिकार का खुलासा बरेली डीएम जागेश्वर धाम में गनर लेकर पहुंचे, हुआ विवाद, माफी मांगी दूध-घी नमूना फेल, मूंगफली में फंगस, कुट्टू आटा में मिलावट-बीएल एग्रो कच्ची घानी सरसों तेल जांच में विशुद्ध मिला स्व. डॉ. निशांत गुप्ता की पुण्यतिथि पर नि:शुल्क हृदय जांच शिविर आज-सुबह 10 से शाम 4 बजे तक मिलेगा मुफ्त परामर्श, जांचों पर विशेष छूट स्मार्ट मीटर पर बवाल: ऊर्जा मंत्री ने रविवार दोपहर समीक्षा बैठक कर परखा सिस्टम-मंत्री बोले- बैलेंस न होने पर तुरंत ना काटी जाए सप्लाई, जारी किया जाए अलर्ट एसएमएस जादूगर बादशाह ने दिखाई बाजीगरी, अनुमति मिली नहीं, बांटने लगे टिकट – 17 अप्रैल को होना था उद्घाटन शो, मायूस होकर लौटे दर्शक

बराही जंगल में ‘शिकारी गैंग’ से मुठभेड़: मुख्य आरोपी पैर में गोली लगने के बाद दबोचा ,पीलीभीत टाइगर रिजर्व में वन्यजीव शिकार का खुलासा

टेलीग्राम संवाद

पीलीभीत। पीलीभीत के बराही जंगल में सक्रिय वन्यजीव शिकारियों के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई सामने आई है। देर रात हुई मुठभेड़ में पुलिस ने कुख्यात शिकारी गिरोह के एक सदस्य को गोली लगने के बाद दबोच लिया, जबकि उसके साथी घने जंगल और अंधेरे का सहारा लेकर फरार हो गए।
माधौटांडा थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के केंद्र में 28 वर्षीय हरजिन्दर सिंह रहा, जो लंबे समय से वन्यजीव शिकार के मामलों में वांछित चल रहा था। पुलिस के मुताबिक, 21 अप्रैल की रात मुखबिर की सटीक सूचना पर टीम ने नवदिया गेस्ट हाउस के पास सीतापुर ब्रांच नहर किनारे घेराबंदी की। खुद को घिरा देख आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग झोंक दी।

जवाबी कार्रवाई में चली गोली हरजिन्दर के दाहिने पैर में लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। पुलिस ने तुरंत उसे कब्जे में लेकर अस्पताल भेजा। मौके से 315 बोर का तमंचा, जिंदा कारतूस और खोखा बरामद किया गया है।

पूरी वारदात की जड़ 15 अप्रैल की रात से जुड़ी है, जब बराही जंगल में संरक्षित वन्यजीव—जंगली सूअर—का शिकार किया गया था। इस दौरान शिकारियों ने जानलेवा फायरिंग भी की थी। मामले में पहले ही हरजिन्दर सिंह, बलजीत सिंह और अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी।


अपराध का लंबा रिकॉर्ड

गिरफ्तार हरजिन्दर सिंह का आपराधिक इतिहास भी कम नहीं है। उस पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और भारतीय वन अधिनियम के तहत कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं, खासकर पीलीभीत टाइगर रिजर्व क्षेत्र में।


इस ऑपरेशन को प्रभारी निरीक्षक अशोक पाल के नेतृत्व में अंजाम दिया गया, जिसमें उपनिरीक्षक अमरीश बाबू सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक सुकृति माधव मिश्रा ने पुष्टि की कि फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और अवैध हथियारों के नेटवर्क की भी जांच जारी है।

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Author: telegramsamvad

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