तीन माह पहले रामपुरबाग उपकेंद्र पर हुआ था ,धमाका प्रशासन ने अपनी जांच में माना है दोषी
नगरीय सप्लाई और विद्युत कार्य मंडल देखेंगे एक साथ
बरेली, टेलीग्रामहिन्दी । पावर कारपोरेशन और विद्युत वितरण कंपनियों ने 30 जून शुक्रवार देर रात तक बड़े स्तर पर इंजीनियर और विभिन्न श्रेणी स्टाफ़ इधर-उधर किया है लेकिन प्रबंधन ने जांच के घेरे में चल रहे आरोपी अधीक्षण अभियंता (नगर) बरेली पर कार्रवाई करने की जगह एक और मलाईदार पोस्ट पर अतिरिक्त चार्ज दे दिया है। वे इससे पहले भी इस पद पर कार्यरत रह चुके हैं। तब तमाम गड़बड़ियां सामने आई थी। विभाग में चर्चा है कि आरोपित अधिकारियों को अतिरिक्त चार्ज क्यों दिया गया जबकि उनसे सीनियर अधिकारी बरेली में मौजूद है।

नगर में बिजली व्यवस्था से गुस्साए लोगों ने पिछले दिनों प्रदर्शन किया था।
करीब तीन माह पहले रामपुर बाग स्थित बिजली उपकेंद्र पर विभागीय लापरवाही से भूमिगत केबल फॉल्ट लोकेटर मशीन का प्रदर्शन करते समय बड़ा धमाका हुआ था। कार्यक्रम मुख्य अतिथि वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार थे। जबकि कमिश्नर सौम्या अग्रवाल, जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी, नगर आयुक्त निधि गुप्ता, चीफ इंजीनियर बिजली आरके शर्मा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उपकेंद्र यार्ड में नियम विपरीत डेमो किया गया। अर्थिंग सिस्टम करने के लिए राड गाड़ी गई जिससे बड़ा धमाका हुआ। किसी तरह तीन आईएएस, एक मंत्री, बिजली चीफ इंजीनियर समेत कई लोग बाल-बाल बच गए। धमाका होते ही भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी, इसमें एक कर्मचारी और एक भाजपा कार्यकर्ता घायल भी हुआ था, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना से अधिकारी बदहवास दिख रहे थे। इस लापरवाही को कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने गंभीरता से लिया और जिलाधिकारी से कहा कि वे इस मामले पर जांच समिति गठित कर तथ्य जुटाए जाएं। प्रशासनिक जांच में अधीक्षण अभियंता (नगर) विकास सिंघल एसडीओ विजय कनौजिया, जेई श्यामवली बर्मा दोषी पाए गए। इन तीनों को पिछले दिनों आरोपपत्र भी मध्यांचल विद्युत वितरण निगम द्वारा जारी किया जा चुका है। अभी जांच पड़ताल चल रही है। फाइनल कार्रवाई अभी अपेक्षित है,

प्रदर्शन उपरांत अधीक्षण अभियंता विकास सिंघल अपना पक्ष देते हुए।
इस बीच विभाग में हुई फेरबदल में जांच में दोषी पाए गए अधीक्षण अभियंता (नगर) विकास सिंघल को इनाम के तौर पर विद्युत कार्य मंडल का अतिरिक्त चार्ज दे दिया गया। वह इससे पहले भी इस मलाईदार पद पर काम कर चुके हैं। सेटिंग के चलते ही पीलीभीत और बरेली में संयुक्त पोस्टिंग रही। खराब विद्युत आपूर्ति पर पिछले दिनों उनका घेराव भी हुआ था लेकिन मध्यांचल विद्युत वितरण निगम द्वारा आंख बंद कर आरोपित अधीक्षण अभियंता को मलाईदार पोस्ट अतिरिक्त तौर पर इनाम में सौंप दी गई इसे लेकर विभाग में खासी चर्चा है।
उल्लेखनीय है कि विद्युत कार्य मंडल पद पर तैनात जेपी वर्मा शाहजहांपुर स्थानांतरित कर दिए गए हैं, इसलिए विकास सिंघल उनके स्थान पर अतिरिक्त व्यवस्था के तहत लगाए गए हैं। नई पोस्टिंग होने पर मूल पद पर फिर से विकास सिंघल बापस होंगे।










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