मनोरंजन कर हंसाया… गुदगुदाया और रुलाया – सुप्रसिद्ध गायक सोनू निगम ने होली पर किया सराबोर

आर.बी. लाल

टेलीग्राम संवाद, बरेली। अब मुझे रात दिन, तुम्हारा ही ख्याल है… जैसे ही ये पंक्तियां मखमली आवाज़ में गूंजीं, परसाखेड़ा व एग्रो स्टेडियम में आसमान सुरों से भर उठा, बैसे ही शनिवार रात सांस्कृतिक इतिहास में सुनहरे अक्षरों से दर्ज हो गई। सुरों के बेताज बादशाह सोनू निगम ने शहरवासियों को अपनी गायकी के समंदर में डुबो दिया।

शनिवार रात आयोजित भव्य संगीत संध्या सिर्फ एक कॉन्सर्ट नहीं थी, बल्कि भावनाओं, यादों और धड़कनों का उत्सव बन गई। जिसका जिम्मा संभाला था बल्यूम एंटरटेनमेंट ने, जिसने शहर को एक ऐसी शाम दी, जिसे लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।

मंच पर उतरा जादू, स्टेडियम बना सुरों का सागर

रात 8 बजे बाद जैसे ही सोनू निगम ने मंच संभाला, पूरा स्टेडियम सोनू-सोनू नारों से गूंज उठा। रंगीन लाइटों की चकाचौंध, साउंड सिस्टम की गहराई और हजारों मोबाइल फ्लैशलाइट्स बीच उन्होंने अपने अंदाज़ में कहा बरेली, क्या आप तैयार हैं?
पहला सुर छेड़ा, हम समंदर का एक कतरा हैं… और सचमुच, उस पल हर श्रोता खुद को उसी समंदर का हिस्सा महसूस करने लगा। तालियों की गड़गड़ाहट ने यह साफ कर दिया कि यह रात साधारण नहीं होने वाली।


एक के बाद एक हिट्स… गाने

सोनू ने जैसे ही तू है जाने जाना, मेरी महबूबा गाया, युवाओं की भीड़ थिरक उठी। कपल्स ने हाथ थामे झूमना शुरू किया, तो दोस्तों के समूहों ने हवा में हाथ लहराकर सुरों का साथ दिया।
इसके बाद आजकल मेरा वक्त करता नहीं… और “ऐसा पहली बार हुआ 17-18 सालों में…” की प्रस्तुति ने माहौल को और रूमानी बना दिया। हर गीत के साथ दर्शकों की आवाज़ और ऊंची होती गई।
जब उन्होंने मैं हूं दीवाना तेरा छेड़ा, तो स्टेडियम में मौजूद हजारों दिलों की धड़कनें एक साथ ताल में बंध गईं। ऐसा लगा मानो हर शख्स उसी गीत का किरदार बन गया हो।


फैंस की दीवानगी: पोस्टर, सेल्फी और लाइव स्ट्रीम

सोनू निगम की एक झलक पाने के लिए प्रशंसकों में ऐसी दीवानगी दिखी कि कार्यक्रम शुरू होने से घंटों पहले ही स्टेडियम खचाखच भर गया। वीआईपी सेक्शन से लेकर फैन पिट तक हर जगह सिर्फ एक नाम गूंज रहा था… सोनू।


सोशल मीडिया पर सोनू

कार्यक्रम दौरान #SonuNigamBareilly ट्रेंड करने लगा। युवाओं ने रील्स बनाई, बुजुर्गों ने यादों को संजोया और बच्चों ने पहली बार लाइव संगीत का जादू महसूस किया।


पुरानी यादों से नई धड़कनों तक

सोनू निगम ने अपने गायकी सफर का जिक्र करते हुए संगीत निर्देशक अनु मलिक को याद किया। उन्होंने बताया कि कैसे 90 दशक में संघर्ष के दौर से निकलकर आज तक सुरों का यह सफर जारी है।
उन्होंने “मैं शायर नहीं…, देखा तुमको जब से…, “नजरों से नजरें मिलीं… और “ओह सोनिए…” संदेशे आते हैं जैसे गीतों से पुरानी यादों को ताजा कर दिया।
जब अब मुझे रात दिन, पापा मेरी जान…और ये दिल दीवाना…गूंजा, तो कई आंखें नम दिखीं। यह सिर्फ संगीत नहीं था, यह उन लम्हों की वापसी थी, जिनमें लोगों ने अपनी जवानी, अपना प्यार और अपने सपने जिये थे।


सुरों संग संवाद

सोनू निगम की खासियत सिर्फ उनकी आवाज नहीं, बल्कि दर्शकों से उनका संवाद भी है। उन्होंने कई बार माइक आगे बढ़ाकर लोगों को साथ गाने के लिए प्रेरित किया।

बरेली, आप लोग कमाल हैं, उन्होंने कहा।
और जवाब में आया.. वी लव यू सोनू!
यह रिश्ता एकतरफा नहीं था। मंच और दर्शकदीर्घा के बीच एक अदृश्य सेतु बन चुका था, जिसमें सुर, ताल और भावनाएं बराबरी से बह रही थीं।


बल्यूम एंटरटेनमेंट की सशक्त प्रस्तुति

इस भव्य आयोजन का श्रेय जाता है बल्यूम एंटरटेनमेंट को, जिसने तकनीकी और प्रबंधन स्तर पर बेहतरीन समन्वय दिखाया। साउंड क्वालिटी, लाइटिंग इफेक्ट्स और सुरक्षा व्यवस्था ने कार्यक्रम को विश्वस्तरीय स्पर्श दिया।
स्टेडियम परिसर में प्रवेश से लेकर पार्किंग और फूड स्टॉल्स तक हर व्यवस्था सुसंगठित दिखी। यही वजह रही कि हजारों की भीड़ के बावजूद कार्यक्रम सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।


दूर-दराज से पहुंचे श्रोता

बरेली ही नहीं, आसपास के जिलों से भी लोग सोनू निगम को सुनने पहुंचे थे। कुछ परिवार बच्चों के साथ आए, तो कुछ कॉलेज छात्र दोस्तों के समूह में आये।


जब रात ठहरी… और सुर थमे

करीब पौने तीन घंटे तक चले इस कार्यक्रम का समापन भी उतना ही भावुक रहा जितनी इसकी शुरुआत। सोनू ने हाथ जोड़कर कहा बरेली, आपने दिल जीत लिया।
भीड़ देर तक खड़ी रही। जैसे कोई जादू अभी बाकी हो।
स्टेडियम से निकलते वक्त लोगों के चेहरों पर थकान नहीं, चमक था। कानों में अब भी वही आवाज गूंज रही थी अब मुझे रात दिन, तुम्हारा ही ख्याल है…।


यह लोग मौजूद रहे

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Author: telegramsamvad