शहर में आधा दर्जन स्थानों पर 132 पटाखा दुकानें स्वीकृत, मिलीभगत से लग गईं इससे ज्यादा, देवचरा में अवैध बाजार सजा
टेलीग्राम संवाद
बरेली। आखिरकार बरेली जिले में भारी मशक्कत बाद सवा सौ से अधिक पटाखा लगाने हेतु लाइसेंस जारी हो गए। पिछले सप्ताह से चल रही खींचतान में शस्त्र लिपिक काउंटर पूरी व्यवस्था पर भारी दिखा। मनमानी, भ्रष्टाचार और पक्षपात पूर्ण कामकाज से तमाम लोग परेशान रहे। आधा दर्जन स्थान आतिशबाजी दुकानें लगाने पर मुहर लग गई।
जिलाधिकारी द्वारा नामित चयन समिति ने आधा दर्जन स्थान पटाखा दुकानें लगाने हेतु उपयुक्त पाईं। जिसके तहत इस्लामिया स्कूल मैदान पर 30, एमबी इंटर कालेज में 10, बीसलपुर रोड क्रिकेट ग्राउंड पर 30, दूरदर्शन केंद्र लाल फाटक क्षेत्र में 20, सीबीगंज आईटीआर मैदान पर 12, हार्टमैन स्कूल क्षेत्र रामलीला
देवचरा में सजा अवैध बाजार
मैदान में 30 दुकानें लगाने हेतु लाइसेंस जारी कर दिए गए है। जिसका काम हुआ और जिसका नहीं हुआ, मोटी रकम सभी को देनी पड़ गई। बताया जाता है कि शस्त्र काउंटर पर परंपरागत सिर्फ 500 रुपए सुविधा शुल्क था जो पहुंचकर 10 गुना से अधिक हो गया। अग्निशमन मुख्यालय से जारी परिपत्र में अपर पुलिस महानिरीक्षक अग्निशमन द्वारा कहा गया था कि आतिशबाजी दुकानें लगाने के लिए विभाग से कोई एनओसी जारी नहीं होगी। लाइसेंस सिर्फ अस्थाई निर्धारित गाइडलाइन से जारी होंगे। लेकिन शस्त्र काउंटर ने मनमाना रवैया अपनाते हुए इसके विपरीत कार्य किया। हालांकि अग्निशमन अधिकारियों ने मुख्यालय से जारी परिपत्र अनुसार काम किया। इसके तहत एलई फार्म 5 ही इस्तेमाल किया। शस्त्र काउंटर से संबंधित दर्जनों शिकायतें नीचे से ऊपर तक पहुंची। बताया जाता है कि शस्त्र काउंटर पूरी व्यवस्था पर भारी दिखा।
मिलीभगत से लगीं अवैध दुकानें
भमोरा । देवचरा-बल्लिया कस्बे में बिना आधिकारिक अनुमति और पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के पटाखा बाजार संचालित होने का मामला सामने आया है। बाजार में पटाखों की बिक्री कर रहे दुकानदारों के पास बाजार लगाने की वैध अनुमति नहीं होने की बात कही जा रही है। वहीं, दुकानों पर अग्निशमन यंत्र समेत जरूरी सुरक्षा उपकरणों की भी कमी है। ऐसे में आग लगने की स्थिति में बड़ा हादसा होने और जन-धन की भारी क्षति की आशंका बनी हुई है।
बिना सुरक्षा इंतजामों के पटाखों की बिक्री से लोगों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय स्तर पर पुलिस प्रशासन की भूमिका को लेकर भी चर्चा है। आरोप है कि कथित सुविधा शुल्क लेकर पटाखा बाजार संचालित होने दिया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उप जिलाधिकारी आंवला सुशील कुमार मिश्रा और क्षेत्राधिकारी आंवला हेमंत उपाध्याय ने बताया कि दुकानदारों के पास आवश्यक सुरक्षा उपकरण नहीं होने पर मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। देर शाम तक मौके पर कार्रवाई की सूचना नहीं मिली थी।












