अंडर-17 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप: हरियाणा की गरिमा ढांडा ने जीता कांस्य पदक, विश्व पटल पर लहराया भारत का परचम

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टेलीग्राम संवाद,सोनीपत/बाकू (अज़रबैजान)।हरियाणा के हिसार जिले के मिर्चपुर गांव की होनहार महिला पहलवान गरिमा ढांडा ने अज़रबैजान की राजधानी बाकू में आयोजित अंडर-17 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 73 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीतकर भारत का नाम विश्वभर में रोशन किया है। 28 जुलाई से 1 अगस्त 2026 तक आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में गरिमा ने अपने दमदार प्रदर्शन से भारतीय महिला कुश्ती की प्रतिभा का लोहा मनवाया।

गरिमा ने प्रतियोगिता के पहले मुकाबले में किर्गिस्तान की पहलवान को 10-0 के एकतरफा अंतर से पराजित किया। इसके बाद दूसरे मुकाबले में मिस्र (इजिप्ट) की पहलवान को भी 10-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने रूस की पहलवान को 9-2 के स्कोर से मात देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। सेमीफाइनल में उन्हें अमेरिका की पहलवान से 2-7 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद कांस्य पदक के मुकाबले में गरिमा ने स्पेन की पहलवान को 10-0 से करारी शिकस्त देकर विश्व चैंपियनशिप का ब्रॉन्ज़ मेडल अपने नाम कर लिया।

उल्लेखनीय है कि 14 जून 2026 को साईं सेंटर, बाहलगढ़ (सोनीपत) में आयोजित भारतीय टीम के चयन ट्रायल में गरिमा ढांडा ने देशभर की शीर्ष महिला पहलवानों को पराजित करते हुए अज़रबैजान के बाकू में आयोजित विश्व चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में अपना स्थान सुनिश्चित किया था। चयन ट्रायल में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन ने पहले ही संकेत दे दिया था कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत के लिए पदक जीतने का माद्दा रखती हैं।

गरिमा ढांडा, मिर्चपुर निवासी अजय ढांडा एवं शीला देवी की पुत्री हैं तथा शहीद भगत सिंह (SBS) कुश्ती अकादमी, मिर्चपुर में प्रशिक्षण प्राप्त करती हैं। वह इंडस पब्लिक स्कूल, जींद में कक्षा 12वीं की छात्रा हैं। पढ़ाई में उनका पसंदीदा विषय इतिहास है, जबकि खेल के साथ-साथ उन्हें पेंटिंग का भी विशेष शौक है। अपनी व्यस्त दिनचर्या के बावजूद वह प्रतिदिन 2 से 3 घंटे नियमित रूप से कुश्ती का अभ्यास करती हैं, जिसका परिणाम आज विश्व स्तर पर देश के सामने है।

खेल उपलब्धियों के साथ-साथ गरिमा का व्यक्तित्व आध्यात्मिक संस्कारों से भी अनुप्राणित है। भारतीय टीम के लिए चयनित होने के बाद वह अपने पिता अजय ढांडा, माता शीला देवी तथा भाई पीयूष ढांडा के साथ सोनीपत के कुमाशपुर-दीपालपुर रोड स्थित श्री रजनीश ध्यान मंदिर पहुँची थीं, जहाँ उन्होंने अपने परिवार के गुरु ओशो अनुज पूज्य स्वामी शैलेन्द्र सरस्वती जी एवं गुरु माँ अमृत प्रिया जी से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया था।

गरिमा की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पूज्य स्वामी शैलेन्द्र सरस्वती जी एवं गुरु माँ अमृत प्रिया जी ने उन्हें तथा उनके परिवार को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं। उन्होंने कहा कि निरंतर परिश्रम, अनुशासन, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ने वाला व्यक्ति निश्चित रूप से सफलता के सर्वोच्च शिखर तक पहुँचता है। उन्होंने गरिमा के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें अपना शुभाशीष प्रदान किया।

गरिमा ढांडा की इस उपलब्धि से पूरे हरियाणा, विशेषकर मिर्चपुर क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल है। ग्रामीणों, खेल प्रेमियों, प्रशिक्षकों एवं खिलाड़ियों ने उनकी सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि गरिमा भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के लिए स्वर्णिम सफलताओं का नया इतिहास रचेंगी।

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