आर्टिलरी इक्विपमेंट प्रदर्शनी में बेल्जियम, रूस, इजराइल और स्वदेशी दिखे शस्त्र
विजय कुमार
टेलीग्राम संवाद
बरेली। कारगिल विजय दिवस पर भारतीय सेना ने 1999 के कारगिल युद्ध नायकों के साहस, बलिदान और वीरता का सम्मान करने के लिए बरेली में दो दिवसीय आर्टिलरी इक्विपमेंट और हथियारों की प्रदर्शनी आयोजित कर अपनी शक्ति घर एहसास कराया। कैट क्षेत्र में शुक्रवार और शनिवार प्रदर्शनी आयोजित हुई। जिसमें भारतीय सेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले विभिन्न विभिन्न आर्टिलरी इक्विपमेंट, इन्फैंट्री हथियार, सर्विलांस सिस्टम, कम्युनिकेशन इक्विपमेंट, एयर डिफेंस एसेट्स और खास मिलिट्री इक्विपमेंट प्रदर्शित किया। लोगों को आर्टिलरी सिस्टम और दूसरे कॉम्बैट इक्विपमेंट के बारे में जानने का मौका मिला। साथ ही वे सेना जवानों से बातचीत कर देश की सीमाओं की सुरक्षा में उनकी ऑपरेशनल भूमिका को समझा।



प्रदर्शनी का मकसद छात्रों, NCC कैडेट्स, पूर्व सैनिकों और सिविल एडमिनिस्ट्रेशन अधिकारियों को भारतीय सेना की ऑपरेशनल तैयारी, तकनीकी तरक्की और सैनिकों की प्रोफेशनलिज्म के बारे में जानकारी देना था। जवानों ने प्रदर्शनी में रखे गए अलग-अलग हथियार सिस्टम और इक्विपमेंट काम करने के तरीके और उनकी अहमियत के बारे में बताया। अलग-अलग इलाकों में मिलिट्री ऑपरेशन चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का मकसद युवा पीढ़ी को साहस, अनुशासन और निस्वार्थ सेवा की भावना से प्रेरित करना है, जो भारतीय सेना की पहचान है। साथ ही, यह उन युवाओं को भी प्रोत्साहित करेगा जो आर्म्ड फोर्सेज में करियर बनाने के मौके तलाश रहे हैं।
हर साल 26 जुलाई को मनाया जाने वाला कारगिल विजय दिवस, ऑपरेशन विजय में भारतीय जीत की याद दिलाता है और उन बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि देता है जिन्होंने देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।


भारतीय सेना आम जनता को प्रदर्शनी देखने और कारगिल नायकों को याद करने में देश के साथ शामिल होने के लिए आमंत्रित करती है। साथ ही, इससे उन्हें भारत की आर्म्ड फोर्सेज की क्षमताओं और प्रतिबद्धता को बेहतर ढंग से समझने का मौका मिलेगा।1,325 विद्यार्थी, 71 शिक्षक और 11 विद्यालय में एक ऐसा अनुभव जिसने हर युवा मन में भारतीय सेना के प्रति गर्व और राष्ट्रसेवा का संकल्प जगा दिया।



Panchshul Gunners द्वारा कारगिल विजय दिवस पर आयोजित हथियार व सैन्य उपकरण प्रदर्शनी में छात्रों ने आधुनिक तोपें, हथियार, एयर डिफेंस, निगरानी प्रणालियाँ और युद्ध तकनीक को करीब से देखा। हर सैनिक बना प्रेरणा, हर हथियार बना वीरता की कहानी। प्रदर्शनी में बेल्जियम, रूस, इजराइल और स्वदेशी शस्त्र और उनका संचालन स्कूली बच्चों ने समझा और सीखा। युद्ध में इस्तेमाल होने वाले शास्त्रों को छूकर छात्र गदगद हुए।















