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बरेली। बरेली क्लब और उसके आसपास का क्षेत्र ग्रीन बेल्ट में चिह्नित है। इसके साथ ही सैन्य क्षेत्र में बने प्रतिष्ठित क्लब में अक्सर नियम विरुद्ध गतिविधियां होती रहती हैं। क्लब में शहर की कई शख्सियत, जिला प्रशासन समेत प्रमुख लोग इससे जुड़े हुए हैं। पिछले कुछ दिनों से पाम हाउस क्षेत्र में अवैध निर्माण किया जा रहा है। इसकी शिकायत बरेली क्लब के एक प्रमुख स्थाई सदस्य ने शासन तक पहुंचाई, जिससे खलबली मची हुई है। बरेली विकास प्राधिकरण ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए निर्माण कार्य रुकवा दिया है।

स्थायी सदस्य संदीप टंडन ने एक पत्र शासन और प्रशासन को प्रेषित कर बरेली क्लब में हो रही गड़बड़ियों का खुलासा किया है, जिससे बरेली क्लब प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है। श्री टंडन ने विभिन्न आरोपों की शिकायत मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव आवास-नियोजन, कमिश्नर बरेली, बीडीए उपाध्यक्ष तक पहुंचाई है। बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडे और सचिव वंदना श्रीवास्तव ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बरेली क्लब परिसर में हो रहे अवैध निर्माण तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया है। हालांकि क्लब प्रबंधन इसके बावजूद चोरी-छिपे निर्माण करा रहा है। श्री टंडन ने इस पर प्रभारी कार्रवाई कराने के लिए उच्च स्थरीय जांच पर जोर दिया है।


उन्होंने अपने पत्र में कहा गया है कि बरेली क्लब की भूमि मास्टर प्लान के अनुसार ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में आती है। ऐसे में पाम हाउस भवन में केवल मरम्मत नहीं, बल्कि व्यापक संरचनात्मक परिवर्तन किए जा रहे हैं। उनका दावा है कि भवन की पुरानी छत हटाकर नई छत डालने की तैयारी की गई है, जो सामान्य मरम्मत की श्रेणी में नहीं आता और इसके लिए तकनीकी परीक्षण तथा सक्षम प्राधिकारी की अनुमति आवश्यक होती है। उन्होंने कहा है कि पाम हाउस लगभग 130 वर्ष पुराना भवन है, जिसकी दीवारें पारंपरिक ईंट और चूना-मिट्टी की चिनाई से बनी हैं। ऐसे भवन पर नई छत डालने से पहले उसकी भार वहन क्षमता का परीक्षण किसी योग्य संरचनात्मक अभियंता से कराया जाना चाहिए।

एजीएम बैठक में दिए गए आश्वासनों का उल्लेख
श्री टंडन ने वर्ष 2016, 2023 और 2024 की वार्षिक आम सभा (एजीएम) का हवाला देते हुए कहा है कि बरेली क्लब प्रबंधन पहले भी ग्रीन बेल्ट और वैधानिक अनुमतियों के मुद्दे पर सदस्यों को आश्वस्त कर चुका है। वर्ष 2016 में प्रस्तावित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को बरेली विकास प्राधिकरण ने ग्रीन बेल्ट का हवाला देकर स्वीकृति नहीं दी गई थी। वहीं, 2023 और 2024 की एजीएम में भी प्रबंधन ने किसी भी निर्माण कार्य से पहले सभी आवश्यक अनुमतियां और संरचनात्मक ऑडिट कराने का आश्वासन दिया था। श्री टंडन ने आरोप लगाया गया है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले क्लब प्रबंधन ने सदस्यों के सामने संरचनात्मक ऑडिट रिपोर्ट, स्थिरता प्रमाणपत्र, विशेषज्ञों की तकनीकी राय, बरेली विकास प्राधिकरण की स्वीकृति व अन्य आवश्यक पर्यावरणीय या नियामकीय अनुमतियां प्रस्तुत नहीं कीं।
मुख्यमंत्री से ये कहा
श्री टंडन ने मुख्यमंत्री से कहा है कि बरेली विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन को निर्देश देकर पाम हाउस परियोजना का तत्काल निरीक्षण कराया जाए। साथ ही यह जांच कराई जाए कि क्लब की भूमि वास्तव में ग्रीन बेल्ट में है या नहीं, निर्माण कार्य के लिए आवश्यक अनुमतियां ली गई हैं या नहीं तथा यह कार्य संरचनात्मक परिवर्तन की श्रेणी में आता है या नहीं। उधर, बीडीए अवर अभियंता सीताराम ने बताया कि शिकायत मिलने पर एक्शन लिया गया है। मौके पर हो रहे अवैध निर्माण आदि रुकवा दिया गया है। साथ ही प्रबंधन से कहा गया है कि संबंधित अभिलेख बीडीए में प्रस्तुत करें।










