खाद्य विभाग में फर्जी अभिलेखों से टेंडर लेने वाले रडार पर

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बरेली। संभागीय खाद्य नियंत्रक बरेली क्षेत्र में हैंडलिंग व ट्रांसपोर्ट ब्लो रेट पर कई फर्मों ने टेंडर डालकर सिस्टम पर कब्जा करने की कोशिश की है। जानकारी में आया है कि कुछ फर्मों ने फर्जी अनुभव पत्र और अन्य अभिलेख लगाकर टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने में सफल हो गए हैं। बताया जाता है कि चर्चित और दागी फर्मों के नाम, पता उच्च स्तर पर पहुंच गए हैं। आरएफसी सौम्या पांडे और आरएमओ राजेश कुमार उपाध्याय ने मिलकर इनकी सघन छानबीन शुरू कर दी है।
खाद्य विभाग में हैंडलिंग व ट्रांसपोर्ट टेंडर प्रक्रिया में कुछ दागी फर्में भी शामिल हो गई हैं। इन फर्मों को अन्य विभागों में सिस्टम से बाहर कर दिया गया था। इसके बावजूद चर्चित और दागी फर्में खाद्य विभाग के सिस्टम में घुस गई हैं। कुछ फर्मों ने मिलीभगत और सुनियोजित तरीके से ठेका प्रक्रिया में पूल कर लिया। इसके बाद ब्लो रेट पर टेंडर डाल दिए और सफल भी हो गए। इसका खुलासा हिंदी दैनिक समाचार पत्र टेलीग्राम संवाद ने पिछले दिनों किया था। इसके बाद चर्चित और दागी फर्में रडार पर आ गई हैं। खाद्य व रसद मंत्री मनोज पांडे और प्रमुख सचिव रणवीर प्रसाद सख्त रवैया अपनाया है। बताया जाता है कि बरेली समेत सभी मंडलों में आदेश जारी किए गए हैं, जिसमें कहा गया है कि अव्यवहारिक और ब्लो रेट पर टेंडर हथियाने वालों की सघन जांच पड़ताल कर ली जाए। सही पाए जाने पर ही फर्मों से अनुबंधन किया जाए, अन्यथा उन्हें सिस्टम से बाहर कर दिया जाए। शासन ने यह भी कहा है कि जांच पड़ताल होने तक पुरानी फर्मों से काम कराया जाए।


प्रादेशिक कोआपरेटिव फेडरेशन (पीसीएफ) में पिछले दिनों बदायूं जिला में फर्टीलाइजर हैंडलिंग व ट्रांसपोर्ट संबंधी टेंडर आमंत्रित किए गए थे। बताया जाता है कि टेंडर प्रक्रिया में आरके रोड लाइंस बदायूं नामक फर्म ने भाग लिया था। विभागीय अफसरों तक जानकारी पहुंची कि यह फर्म फर्जी अभिलेखों से टेंडर प्रक्रिया में शामिल हो जाती है। पीसीएफ अधिकारियों ने शिकायत मिलने पर छानबीन कराई तब आरोप सही पाए गए। जिस पर पीसीएफ ने आरके रोडलाइंस बदायूं नामक फर्म के टेंडर रद्द कर दिए। बताया जाता है कि मामला न्यायालय तक पहुंच गया है। शिकायत कर्ताओं ने कहा है कि इससे पहले भी इस फर्म पर राज्य भंडारण निगम बरेली कार्रवाई कर चुका है। निगम ने अभिलेख जांच कराए तब पता चला फर्म ने अनुभव पत्र फर्जी लगा दिए हैं।

पीसीएफ क्षेत्रीय प्रबंधक बरेली शैलेंद्र कुमार शुक्ला ने बताया कि आरके रोड लाइंस द्वारा टेंडर प्रक्रिया में गलत अभिलेख लगाए गए थे, जिसकी जांच कराई गई। गलत अभिलेख मिलने पर संबंधित फर्म को आउट कर दिया है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
जानकारी में आया है कि आरके रोड लाइंस बदायूं द्वारा दो विभागों में गड़बड़ी कर दी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर दोनों विभागों ने टेंडर सिस्टम से बाहर कर दिया। बताया जाता है कि यह फर्म आरएफसी बरेली कार्यालय द्वारा पिछले दिनों मांगे गए हैंडलिंग व ट्रांसपोर्ट टेंडर प्रक्रिया में शामिल हो गई। यह कैसे संभव हुआ इसकी छानबीन शुरू हो गई है। इसके अलावा अन्य कुछ फर्मों की शिकायतें आरएफसी कार्यालय पहुंची हैं, जिनका परीक्षण शुरू हो गया है। बताया जाता है कि आरएफसी सौम्या पांडे और आरएमओ राजेश कुमार उपाध्याय ने सख्ती दिखाई तब कुछ तथ्य सामने आने लगे। माना जा रहा है कि फर्जी और कूटरचित अभिलेखों से ठेका हथियाने वाली फर्मों पर कार्रवाई तय है।

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