मिलीभगत करने वालों में हड़कंप, परीक्षण होने तक पुरानी फर्में करेंगी काम
खाद्य व रसद मंत्री और प्रमुख सचिव ने दिखाए तेवर, विभाग में हलचल
आरएफसी और आरएमओ हुए सख्त, कुछ फर्मों पर गिर सकती है गाज
टेलीग्राम संवाद
बरेली। खाद्य विभाग ने मिलीभगत और संगठित होकर ट्रांसपोर्ट व हैंडलिंग ठेका लेने वाली फर्मो पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। नवागत आरएफसी सौम्या पांडे और आरएमओ राजेश कुमार उपाध्याय ने कम दरों पर टेंडर डालकर ठेका हथियाने वाली फर्मों की समीक्षा शुरू करा दी है। परीक्षण में इस बात को देखा जाएगा कि ब्लो रेट पर टेंडर डालने वाली फर्में कैसे काम कर पाएंगी। बताया जाता है कि परीक्षण कार्य तीन महीने तक चल सकता है, तब तक पुराने ठेकेदार पुरानी दरों पर कार्य करते रहेंगे।
खाद्य विभाग में लंबे समय से ट्रांसपोर्ट, हैंडलिंग और क्रय केंद्र ठेका हथियाने की होड़ लगी रहती है। पिछले दिनों डीजल लगभग पांच रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ, फिर भी ठेकेदारों ने कम दरों पर अपने टेंडर डाल दिए। जबकि नवागत खाद्य मंत्री मनोज पांडे ने चार्ज संभालते ही निर्देश दिए थे कि ब्लो टेंडर सिस्टम नहीं चलेगा। अगर कोई फर्म ब्लो रेट पर ट्रांसपोर्ट व हैंडलिंग आदि टेंडर भरता है तो उसका भौतिक सत्यापन भी अवश्यक होगा। खाद्य मंत्री ने स्पष्ट किया था कि विभाग में माफिया ठेकेदार सिस्टम से बाहर होंगे अथवा सही काम करेंगे। उनके निर्देश मिलते ही विभाग में हड़कंप मच गया। तेज तर्रार प्रमुख सचिव खाद्य व रसद रणवीर प्रसाद ने तत्काल मंत्री द्वारा जारी किए गए निर्देशों के अनुरूप विभागीय आदेश जारी कर दिया। उन्होंने अपने आदेश में कहा कम दरों पर ठेके लेने वाले कैसे काम करेंगे। इसका परीक्षण किया जाए। अगर कहीं प्रक्रिया प्रचलन में हो तब वहां पर पहले ही उसका परीक्षण कर लिया जाए। तब तक नए ठेकेदारों को काम न दिया जाए।
बरेली मंडल में टेंडर प्रक्रिया भले पूरी हो गई हो, लेकिन प्रमुख सचिव खाद्य व रसद से आदेश जारी होते ही हलचल शुरू हो गई। संबंधित अधिकारियों ने कोई जोखिम नहीं लेना चाहा। ऐसी स्थिति में टेंडर लेने में सफल फर्मों से अनुबंधन स्थगित कर दिया गया। ट्रांसपोर्ट व हैंडलिंग में संभावित मिलीभगत और मनमानी संबंधी समाचार टेलीग्राम हिंदी दैनिक ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद टेंडर डालने वाली फर्मों का परीक्षण शुरू कर दिया। बताया जाता है कि परीक्षण कार्य तीन माह तक चलेगा। इससे पहले अगर परीक्षण कार्य हो जाएगा तब पुराने ठेकेदार बाहर हो जाएंगे।

प्रमुख सचिव रणवीर प्रसाद
फर्मों पर गिर सकती है गाज
बताया जाता है कि संगठित तरीके से कम दरों पर ट्रांसपोर्ट व हैंडलिंग संबंधी ठेका लेने वाली फर्में रडार पर आ गई हैं। बरेली मंडल में नवागत आरएफसी और आरएमओ ने ठेकेदारों की मनमानी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का संकल्प लिया है, जिससे चर्चित ठेकेदारों में खलबली मची हुई है।
मंडल में 41 स्थानों पर भरे गए टेंडर
बरेली मंडल में विभिन्न 41 फर्मों द्वारा ब्लॉक स्तर पर ट्रांसपोर्ट व हैंडलिंग का ठेका लेने के लिए टेंडर प्रक्रिया में भाग लिया था। बताया जाता है कि खाद्य व रसद मंत्री मनोज पांडे और प्रमुख सचिव खाद्य व रसद रणवीर प्रसाद के तेवर देख ठेकेदारों में बेचैनी मची हुई है। हिंदी दैनिक समाचार पत्र टेलीग्राम संवाद में प्रकाशित खबर का शासन ने संज्ञान लिया है। बताया जाता है परीक्षण प्रक्रिया में कई चर्चित ठेकेदार फर्म सिस्टम से बाहर हो जाएंगी। कई ऐसे ठेकेदारों ने टेंडर भरे हैं, जो पहले से ही दागी माने जाते हैं।
इन फर्मों ने भरे थे टेंडर
शुभम अग्रवाल-भुता प्रेम शंक्रर अग्रवाल रामपुर बाग बरेली ने भदपुरा व भोजीपुरा, साईं ट्रांसपोर्ट गोरखपुर, जनता ट्रांसपोर्ट कुशीनगर, क्यारा- निजाम रोड लाइंस बिधौलिया, मझगवां-शुभम अग्रवाल, नवाबगंज- आध्या प्रसाद गोरखपुर, रिछा- धर्मवीर औरंगाबाद बहेड़ी, शेरगढ़- प्रेम शंकर अग्रवाल बहेड़ी, धर्मवीर बहेड़ी, फतेहगंज पश्चिमी- अंबे कैरियर गोरखपुर, मीरगंज- गंगवार इंटरप्राइजेज,आसफपुर- आरके रोडलाइन बदायूं, कादरचौक- जनता ट्रांसपोर्ट कुशीनगर, समरेर-हिमानी ट्रेडर्स चंदौसी, उसावां- आरके रोडलाइंस बदायूं, बजीरगंज- आध्या प्रसाद गोरखपुर, बिसौली- चौधरी ट्रेडर्स चंदौसी, दहगवां- जनता ट्रांसपोर्ट राजेंद्रनगर बरेली, इस्लामनगर-शर्मा एसोसिएटस चंदौसी, म्याऊं- जनता ट्रांसपोर्ट कुशीनगर, सहसवान-जनता ट्रांसपोर्ट राजेंद्रनगर, अमरिया- पीसी ट्रांसपोर्ट गोरखपुर,पूरनपुर पीसी ट्रांसपोर्ट गोरखपुर, बीसलपुर- सुरेंद्र गुप्ता पीलीभीत, कलीनगर, पूरनपुर, सदर पीलीभीत- गंगवार इंटर प्राइजेज रामपुर, बंडा- सांईं ट्रांसपोर्ट गोरखपुर, भावलखेड़ा- वकार अहमद शाहजहांपुर, निगोही, कटरा पुवायां, सिंधौलीजलालाबाद, कांठ, कलान, मिर्जापुर, जनता ट्रांसपोर्ट कुशीनगर, खुटार, पुवायां, मिर्जापुर, जलालाबाद- अध्योध्या प्रसाद गोरखपुर, जैतीपुर मदनापुर, ओमप्रकाश शाहजहांपुर, कांठ मदनापुर ददरौल आदि फर्मों ने टेंडर भरे हैं। इन सभी का तकनीकी परीक्षण शुरू हो गया है। परीक्षण होने तक पुराने ठेकेदार कार्यरत रहेंगे।









