टेलीग्रामसंवाद
बरेली। जिले के थाना फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र में बुधवार तड़के पुलिस और एक कुख्यात गौकश के बीच हुई मुठभेड़ में 25 हजार रुपये का इनामिया अभियुक्त आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया। गोलीबारी के इस घटनाक्रम में अभियुक्त कामिल उर्फ नक्ता के दोनों पैरों में गोली लगी, जबकि एक उपनिरीक्षक भी बाल-बाल बचते हुए घायल हो गया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक 25 मार्च की सुबह करीब साढ़े पांच बजे गश्त के दौरान टीम को मुखबिर से सटीक इनपुट मिला कि गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता अधिनियम में वांछित इनामिया अपराधी कामिल उर्फ नक्ता बंद पड़ी रबर फैक्ट्री के पास जंगल में छिपा हुआ है और वारदात की फिराक में है।

सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की। खुद को चारों ओर से घिरा देख अभियुक्त ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान एक गोली उपनिरीक्षक पंकज कुमार के बाजू को छूती हुई निकल गई, जिससे वह घायल हो गए।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें अभियुक्त के दोनों पैरों में गोली जा लगी। गोली लगते ही उसका दुस्साहस टूट गया और वह मौके पर ही गिर पड़ा। पुलिस ने तत्काल उसे दबोच लिया।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान कामिल उर्फ नक्ता पुत्र गुलाम फरीद निवासी मोहल्ला ग्यासपुर, थाना बीसलपुर, जनपद पीलीभीत के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से .315 बोर का अवैध तमंचा, एक खोखा कारतूस, दो जिंदा कारतूस और गौकशी से जुड़े उपकरण बरामद किए गए।
घायल अभियुक्त और उपनिरीक्षक को तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां दोनों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार कामिल उर्फ नक्ता एक शातिर अपराधी है, जिस पर गौकशी, गैंगस्टर एक्ट समेत करीब 15 संगीन मुकदमे दर्ज हैं। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
फिलहाल पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है और उसके आपराधिक नेटवर्क की भी गहराई से जांच की जा रही है।










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