संजय श्रीवास्तव
टेलीग्राम संवाद, बरेली। सिविल लाइंस बरेली में स्थित मैथोडिस्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज खेल मैदान की बेशकीमती जमीन फर्जी कागजात तैयार करके बेच दी गई जिस पर दीवार खड़ी करके अवैध कब्जा कर लिया गया। इसकी शिकायत मिलने पर तीन-सदस्यीय जांच समिति ने जांच हुई। जांच रिपोर्ट आधार पर कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
मामला बरेली में मैथोडिस्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज के खेल मैदान से जुड़ा है। किला छावनी निवासी अमर सिंह राठौर ने इस संबंध में तत्कालीन मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल से शिकायत की थी। शिकायत पर अपर आयुक्त (प्रशासन), अपर जिलाधिकारी और एसपी सिटी की तीन-सदस्यीय समिति गठित कर जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि विद्यालय के खेल मैदान का क्षेत्रफल पहले लगभग 20 हजार वर्गमीटर था, जिसमें वॉलीबॉल और बास्केटबॉल कोर्ट भी शामिल थे। वर्ष 2009 की लीज डीड और एग्रीमेंट में भी विवादित भूमि को विद्यालय परिसर का हिस्सा ही दर्शाया गया था।
बावजूद इसके वर्ष 2022 में करीब 610 वर्गमीटर भूमि को अनयूज्ड दिखाकर एक निजी फर्म को लीज पर दे दिया गया। जांच में यह भी सामने आया कि विवादित भूमि की चौहद्दी में एक पुरानी सड़क को भी शामिल कर लिया गया और निर्धारित क्षेत्रफल से अधिक जमीन पर कब्जा किया गया। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि भूमि को बेचने के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर फर्जी नक्शों का इस्तेमाल किया गया। शिकायत में एमसीआई पदाधिकारियों पर कूटरचना कर अवैध लीज करने के आरोप लगाए गए हैं।
एक्जीक्यूटिव बोर्ड नार्थ इंडिया रीजनल कॉन्फ्रेंस अधिशासी सचिव सुनील मसीह पर पूर्व में भी कई संपत्तियों की अवैध बिक्री के मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। जांच के बाद डीआईओएस की शिकायत आधार पर पुलिस ने डॉ. न्यूटन एम. परमार, सुनील मसीह, क्षितिज इंटरप्राइजेज (पाटनरर्शिप फर्म) हरीश अरोरा पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।











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