22 करोड़ से तैयार नगर निगम भवन में खामियां छोड़ भागी फर्म

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टेलीग्राम संवाद

बरेली। नगर निगम में 22 करोड़ रुपये लागत से बनी बहुमंजिला बिल्डिंग एक बार फिर विवादों में है। निर्माण में गंभीर खामियां छोड़ने वाली कार्यदायी संस्था के खिलाफ हुई कार्रवाई और जारी नोटिसों से संबंधित पूरी फाइल ही नगर निगम से गायब हो गई है। इससे निगम में हड़कंप मच गया है। संबंधित फाइल बरामद करने के लिए इंजीनियर, बाबुओं को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।

वीके कंस्ट्रक्शन फर्म गाजियाबाद ने भवन निर्माण ठेका लिया था।
बताया जाता है फर्म ने करोड़ों रुपए का भुगतान लेने के बावजूद भवन में कई तकनीकी और निर्माण संबंधी खामियां छोड़ दीं। औपचारिक हैंडओवर किए बिना ही फर्म परियोजना से दूर हो गई। निर्माण में मिली खामियों को लेकर निगम प्रशासन ने समय-समय पर फर्म को नोटिस जारी किए थे। एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की गई थी। इन सभी दस्तावेजों, पत्राचार और कार्रवाई संबंधी रिकॉर्ड की फाइल अब रिकॉर्ड रूम और संबंधित शाखाओं में नहीं मिल रही है।

मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी ने कहा है संबंधित लिपिक और इंजीनियर से फाइल मांगी है। अगर फाइल नहीं मिलती है तो मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

बताया जाता है करोड़ों रुपए की परियोजना से जुड़ी इतनी महत्वपूर्ण फाइल आखिर गायब कैसे हो गई। फाइल में निर्माण गुणवत्ता, भुगतान, नोटिस, जवाब और विभागीय कार्रवाई से जुड़े कई अहम दस्तावेज होने की बात कही जा रही है। ऐसे में फाइल गायब होने से पूरे मामले की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। फाइल की तलाश के लिए निर्माण विभाग और रिकॉर्ड शाखा में विशेष खोजबीन शुरू कर दी गई है। वरिष्ठ अधिकारियों ने संबंधित इंजीनियरों और कर्मचारियों से जवाब भी तलब किया है। फाइल नहीं मिलने की स्थिति में जिम्मेदारी तय करते हुए विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

नए भवन का निर्माण छह अप्रैल 2023 को पूरा होना था, लेकिन अभी तक अधूरा है। काम पूरा कराने के लिए 21 मार्च 2024, आठ व 12 अप्रैल को आदेश दिए गए, लेकिन काम पूरा नहीं हुआ। इस पर 20 सितंबर, एक अक्टूबर व 11 नवंबर 2024 को नोटिस दिए गए। फर्म पर 30 दिसंबर 2024 को 50 हजार, 29 जनवरी 2025 को दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया जा चुका है।

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