आज पांच दिवसीय ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ का आगाज़, 300 से अधिक कंपनियां दिखा रहीं भविष्य की तकनीक,पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

विशेष प्रतिनिधि

टेलीग्राम संवाद, नई दिल्ली । राजधानी के भारत मंडपम में आज से शुरू हुआ इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 16 से 20 फरवरी तक चलने वाले इस पांच दिवसीय आयोजन में 300 से अधिक कंपनियां, 500 से ज्यादा सत्र और 3,000 से अधिक विशेषज्ञ, शोधकर्ता व उद्योग नेता भाग ले रहे हैं।
सम्मेलन को दुनिया के सबसे बड़े एआई मंचों में से एक बताया जा रहा है। पहली बार किसी विकासशील देश में इस स्तर का आयोजन हो रहा है, जिससे भारत की तकनीकी क्षमता और वैश्विक नेतृत्व की भूमिका और मजबूत हुई है।

पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज इस एआई इम्पैक्ट एक्सपो का उद्घाटन करेंगे । प्रधानमंत्री के अनुसार- एआई मानवता की प्रगति का माध्यम बने, यही भारत का लक्ष्य है। उन्होंने इस कार्यक्रम के माध्यम से एआई के लोकतंत्रीकरण, सुरक्षित उपयोग और समाज के अंतिम व्यक्ति तक तकनीक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया है । इस सम्मेलन में फ्रांस, ब्राजील, स्पेन, स्विट्जरलैंड सहित 65 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं। करीब 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष, प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति स्तर के नेता भी मौजूद हैं।

तकनीकी जगत की अग्रणी कंपनियों-Google, Microsoft, OpenAI, DeepMind और Anthropic-के शीर्ष अधिकारी मंच साझा कर रहे हैं। गूगल के सुंदर पिचाई, ओपनएआई के सैम अल्टमैन, डीपमाइंड के डेमिस हासाबिस, माइक्रोसॉफ्ट के ब्रैड स्मिथ और एंथ्रोपिक के डारियो अमोडेई जैसे नामों की उपस्थिति ने सम्मेलन को और विशेष बना दिया है।

खेती, पढ़ाई और सेहत पर खास फोकस

समिट की थीम “लोग, पृथ्वी और प्रगति” रखी गई है। इसके तहत एआई के उपयोग को खेती, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मूलभूत क्षेत्रों में बढ़ावा देने पर चर्चा हो रही है। एक्सपो में प्रदर्शित तकनीकों में एआई आधारित स्मार्ट खेती समाधान, डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म, रोगों की शीघ्र पहचान करने वाली स्वास्थ्य तकनीक, ड्रोन मॉनिटरिंग, डेटा एनालिटिक्स और भविष्य के स्मार्ट गैजेट्स शामिल हैं। आयोजकों का कहना है कि उद्देश्य एआई को केवल बड़े उद्योगों तक सीमित न रखकर आम नागरिक तक पहुंचाना है।

100 अरब डॉलर निवेश की संभावना

सम्मेलन के दौरान भारत में लगभग 100 अरब डॉलर के निवेश अवसरों पर चर्चा हो रही है। स्टार्टअप इकोसिस्टम, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर निर्माण, डिजिटल अवसंरचना और कौशल विकास प्रमुख फोकस क्षेत्र हैं।

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि एआई रोजगार खत्म करने के बजाय कार्यप्रणाली में बदलाव लाएगा और नई भूमिकाओं व कौशल की मांग बढ़ाएगा।

कड़ी सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था

आयोजन को देखते हुए राजधानी में जी-20 स्तर की सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। भारत मंडपम और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक पुलिस बल, सीसीटीवी निगरानी, ड्रोन-रोधी प्रणाली और विशेष यातायात प्रबंधन लागू किया गया है। कई मार्गों पर अस्थायी प्रतिबंध और वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था की गई है।

वैश्विक दक्षिण के लिए साझा मंच

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सम्मेलन वैश्विक दक्षिण के देशों के लिए साझा तकनीकी संवाद का मंच बन सकता है। भारत मानव-केंद्रित, सुरक्षित और समावेशी एआई विकास के नए मानक स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
नई दिल्ली में चल रहा यह एआई महाकुंभ केवल तकनीकी प्रदर्शनी नहीं, बल्कि डिजिटल भविष्य की दिशा तय करने वाला वैश्विक संवाद बनता दिख रहा है। आने वाले दिनों में यहां से निकलने वाले विचार और निवेश समझौते भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई गति दे सकते हैं।

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Author: telegramsamvad