शिवमय हुआ चौकी चौराहा: ‘नाथ नगरी’ थीम पर आईएमए ने रचा आस्था और सौंदर्य का भव्य संगम, बीडीए की पहल पर सामाजिक सहभागिता का सशक्त उदाहरण, मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने किया लोकार्पण

टेलीग्राम संवाद

बरेली। शहरों की पहचान केवल इमारतों से नहीं, बल्कि उनकी सांस्कृतिक चेतना से निर्मित होती है। इसी सोच के साथ बरेली विकास प्राधिकरण ने इस वर्ष शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों के सुंदरीकरण के लिए “नाथ नगरी” थीम निर्धारित की। उद्देश्य स्पष्ट था—आधुनिकता के बीच बरेली की आध्यात्मिक विरासत को दृश्य रूप में स्थापित करना।
इस अभियान के तहत विभिन्न सामाजिक और व्यावसायिक संस्थाओं को अलग-अलग स्थलों का दायित्व सौंपा गया। चौकी चौराहा के कायाकल्प की जिम्मेदारी इंडियन मेडिकल एसोसिएशन बरेली को प्रदान की गई, जिसे आईएमए ने सामाजिक दायित्व के रूप में स्वीकार करते हुए पूर्ण समर्पण से निभाया।

महाशिवरात्रि के पावन अवसर को केंद्र में रखते हुए चौराहे को शिवमय स्वरूप दिया गया है। “नाथ नगरी” की अवधारणा को मूर्त रूप प्रदान करते हुए भगवान शिव की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है। प्रतिमा में उनकी जटाओं से पुष्पों की धारा धरती पर प्रवाहित होती दर्शाई गई है—जो आध्यात्मिक ऊर्जा और प्रकृति के संरक्षण का प्रतीकात्मक संदेश देती है।
चौराहे के चारों ओर रंग-बिरंगे पुष्पों के गमले सुव्यवस्थित ढंग से सजाए गए हैं। हरियाली और पुष्प सज्जा ने पूरे क्षेत्र को एक सांस्कृतिक आभा प्रदान की है। रात्रिकालीन आकर्षण को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रकाश व्यवस्था की गई है, जिससे दूर से ही सुंदरीकरण की भव्यता दृष्टिगोचर होती है।

वन एवं पर्यावरण मंत्री ने किया लोकार्पण

चौकी चौराहा का यह रूपांतरण केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है। यह पहल शहर की सांस्कृतिक स्मृति को पुनर्जीवित करने का प्रयास है। “नाथ नगरी” की थीम के माध्यम से बरेली की धार्मिक विरासत को सार्वजनिक स्थलों पर उकेरने का जो प्रयास हुआ है, वह नागरिक सहभागिता और प्रशासनिक पहल का संतुलित उदाहरण प्रस्तुत करता है। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि यदि इसी प्रकार सामाजिक संस्थाएं आगे आकर सार्वजनिक स्थलों के रखरखाव में भागीदारी निभाएं, तो शहर की तस्वीर बदलने में अधिक समय नहीं लगेगा।

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Author: telegramsamvad