फूड कोर्ट संचालन फर्म परस्टाम्प शुल्क चोरी का आरोप!

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टेलीग्राम संवाद

बरेली।नगर में स्मार्ट सिटी परियोजना तहत बनाए जा रहे फूड कोट निर्माण प्रक्रिया और अनुबंध संबंध में तमाम गंभीर आरोप लगना शुरू हो गए हैं। शिकायतकर्ता मुख्यमंत्री से लेकर सभी संबंधित तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं लेकिन जिम्मेदारों ने मौन साथ लिया है।

अब नया विवाद सामने आया है। फूड कोट संचालन ठेका लेने वाली एजेंसी एडटेक पर विज्ञापन ठेका में स्टांप शुल्क संबंधी अनियमितता का आरोप लगा है। नगर निगम विज्ञापन ठेके से जुड़े अनुबंधों की ऑडिट जांच के दौरान स्टांप शुल्क कम लगाए जाने की बात पकड़ी गई है।
नगर निगम में विज्ञापन का टेंडर में स्टांप चोरी का मामला फिर से चर्चाओं में आ गया है। बता दें कि शहर में विज्ञापन करने के लिए नगर निगम ने एडटैक प्रिंट एंड को 2022 में ठेका दिया था। नगर निगम द्वारा विज्ञापन संबंध में किए गए अनुबंध की शिकायत शासन तक पहुंची थी। वहां से शिकायत कमिश्नर तक आई थी।

बताया जाता है विज्ञापन विभाग में भ्रष्टाचार व मनमानी है। इसका फायदा एजेंसी नहीं उठाया। लेकिन मामला ऑडिट आपत्ति में फंस गया।

कमिश्नर बरेली ने मामले में आख्या नगर आयुक्त से मांगी थी। इसके अलावा सहायक महानिरीक्षक निबंधन को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। प्रकरण की जांच में यह साफ हुआ था कि विज्ञापन के टेंडर में स्टांप शुल्क में कमी की गई। 16.44 लाख रुपये की कमी पाई गई थी। इसकी एजेंसी को बाद में फूड कोर्ट संचालन का भी ठेका भी दे दिया गया था। आडिट विभाग ने आपत्ति दर्ज किया है कि अनुबंध निष्पादन दौरान नियमानुसार देय स्टांप शुल्क जमा नहीं किया गया और कम मूल्य के स्टांप पर दस्तावेज तैयार किए गए। ऑडिट में स्टाम्प शुल्क की कमी सामने आने के बाद अब पूरे अनुबंध की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

फूड कोर्ट परियोजना पहले ही मानचित्र स्वीकृति, फायर एनओसी और भूमि उपयोग को लेकर विवादों में है। एजेंसी पर स्टाम्प शुल्क से जुड़ी आपत्ति सामने आने के बाद परियोजना की पारदर्शिता पर नए सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ता राजकुमार महरोत्रा ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने और अनुबंध प्रक्रिया की वैधता की समीक्षा करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों और एजेंसी की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
संबंधित एजेंसी प्रमुख राजीव तनेजा ने बताया कि आरोप निराधार हैं। उनके कुछ प्रतिद्वंदी कुछ ना कुछ षडयंत्र रचते रहते हैं।

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