बरेली समेत सभी जिलों में खुलेंगे फैसिलिटी सेंटर, लॉजिस्टिक्स बोझा होगा कम: सिंघी

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

टेलीग्राम संवाद, बरेली। राष्ट्रीय व्यापार कल्याण बोर्ड अध्यक्ष सुनील जे. सिंघी ने बीएल एग्रो प्रतिष्ठान में उद्यमियों और व्यापारियों संग बैठक कर सीधा संवाद किया। उन्होंने व्यापार और व्यापारी हित में केंद्र सरकार द्वारा संचालित योजनाएं विस्तार से बताईं। उन्होंने बताया शीघ्र ही बरेली समेत सभी जिलों में फैसिलिटी सेंटर खोले जाएंगे। किराया भाड़ा और परिवहन व्यवस्था सिस्टम मजबूत करने और होने वाला खर्च कम करने हेतु केंद्र सरकार गंभीर है। जल्द ही लॉजिस्टिक बोझा कम होगा। उन्होंने कहा केंद्र सरकार लगातार उद्योग व्यापार विस्तार करने और स्वदेशी उत्पादन पर जोर दे रही है। व्यापारियों की समस्या पर काफी हद तक कम की गई हैं। जीएसटी इसका उदाहरण है। साथ ही एफएसएसआई लाइसेंस वन टाइम बनाने का प्रावधान किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश में भी जल्द लागू हो जाएगा।सोमवार पूर्वाह्न बीएल एग्रो प्रतिष्ठान में आयोजित संवाद कार्यक्रम व्यापार और उद्योग जगत की वास्तविक चुनौतियों, संभावनाओं और भविष्य की योजनाओं पर गंभीर विमर्श का मंच बना। विभिन्न उद्योगों से जुड़े प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याओं और सुझावों को खुलकर रखा। उद्यमियों ने कहा केंद्र और राज्य सरकारें उद्योग व्यापार हित में बेहतर कदम अवश्य उठा रही हैं, लेकिन लाल फीताशाही मनमानी पर उतारू रहता है, जिससे त्वरित लाभ नहीं मिल पा रहा है।


संवाद आवश्यक: डॉ. घनश्याम खंडेलवाल


उद्योग राष्ट्र निर्माण में सहयोगी: आशीष खंडेलवाल


संवाद कार्यक्रम बाद सुनील जे. सिंघी ने बीएल कामधेनु फॉर्म पहुंचे। उन्होंने वहां पर देसी गायों के संरक्षण और संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुधन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। देसी नस्ल की गायों का संरक्षण केवल सांस्कृतिक नहीं, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सेंटर ग्रामीण अंचल पशुपालकों के लिए प्रेरणा बन सकते हैं। यदि आधुनिक तकनीक और पारंपरिक पशुपालन को साथ लेकर काम किया जाए तो ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
डॉ. घनश्याम खंडेलवाल और आशीष खंडेलवाल ने उन्हें फॉर्म पर संचालित विभिन्न गतिविधियों और योजनाओं संबंधी जानकारी दी। श्री सिंघी गाय पालन और व्यवस्था देखते ही गदगद हो गए। अपने हाथों से गायों को गुड़ खिलाया और पुचकारा। गायों को मिल रही सुविधा और आधुनिक तकनीक देखकर बोले ‘अद्भुत’। प्रबंध निदेशक आशीष अग्रवाल ने स्वागत कर आभार जताया।

और पढ़ें