राष्ट्रीय व्यापार कल्याण बोर्ड अध्यक्ष सुनील सिंघी ने समस्याओं पर सीधा किया संवाद
बीएल एग्रो में आयोजित संवाद कार्यक्रम में व्यापार, निर्यात, रोजगार और औद्योगिक विकास पर हुआ मंथन
विजय कुमार
टेलीग्राम संवाद, बरेली। राष्ट्रीय व्यापार कल्याण बोर्ड अध्यक्ष सुनील जे. सिंघी ने बीएल एग्रो प्रतिष्ठान में उद्यमियों और व्यापारियों संग बैठक कर सीधा संवाद किया। उन्होंने व्यापार और व्यापारी हित में केंद्र सरकार द्वारा संचालित योजनाएं विस्तार से बताईं। उन्होंने बताया शीघ्र ही बरेली समेत सभी जिलों में फैसिलिटी सेंटर खोले जाएंगे। किराया भाड़ा और परिवहन व्यवस्था सिस्टम मजबूत करने और होने वाला खर्च कम करने हेतु केंद्र सरकार गंभीर है। जल्द ही लॉजिस्टिक बोझा कम होगा। उन्होंने कहा केंद्र सरकार लगातार उद्योग व्यापार विस्तार करने और स्वदेशी उत्पादन पर जोर दे रही है। व्यापारियों की समस्या पर काफी हद तक कम की गई हैं। जीएसटी इसका उदाहरण है। साथ ही एफएसएसआई लाइसेंस वन टाइम बनाने का प्रावधान किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश में भी जल्द लागू हो जाएगा।सोमवार पूर्वाह्न बीएल एग्रो प्रतिष्ठान में आयोजित संवाद कार्यक्रम व्यापार और उद्योग जगत की वास्तविक चुनौतियों, संभावनाओं और भविष्य की योजनाओं पर गंभीर विमर्श का मंच बना। विभिन्न उद्योगों से जुड़े प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याओं और सुझावों को खुलकर रखा। उद्यमियों ने कहा केंद्र और राज्य सरकारें उद्योग व्यापार हित में बेहतर कदम अवश्य उठा रही हैं, लेकिन लाल फीताशाही मनमानी पर उतारू रहता है, जिससे त्वरित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
मुख्य अतिथि सुनील जे. सिंघी ने संवाद कार्यक्रम में कहा कि केंद्र सरकार व्यापार और व्यापारी हित में लगातार प्रयासरत है। जीएसटी संबंधी जटिल स्लैव कम किए, जिसका सीधा फायदा उपभोक्ता और उद्यमियों को मिला। दिवाली पर बम्पर आटोमोबाइल क्षेत्र झूम उठा। कानून व्यवस्था हो या फिर सड़कों का जाल और मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर से औद्योगिक क्षेत्र ने काफी बढ़त बनाई है। उन्होंने पश्चिमी बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां पर कानून व्यवस्था लचर हो, माफिया राज हो वहां उद्योग नहीं पनप सकते। जनता ने स्थिति पलटी है, कुछ ही दिनों में इसके परिणाम सामने आने लगे हैं। तमाम उद्यमी वहां फिर से अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि 2003 में नरेंद्र मोदी गुजरात में मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने बाइब्रेंट गुजरात कार्यक्रम शुरू किया। तमाम प्रदेश और देशों से निवेशक आकर्षित हुए और उद्योग लगाना शुरू कर दिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश हो या अन्य भाजपा द्वारा शासित राज्य हो सभी जगह कारोबार बहुत आगे बढ़ चुका है। पहले बिजली समस्या थी। उद्योग चलाना मुश्किल था, लेकिन अब बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाएं सुनश्चित हो चुकी हैं। कुछ बाकी हैं, जिन्हें मिलजुलकर पूरा किया जा रहा है। उन्होंने बताया व्यापार कल्याण बोर्ड 40 हजार से अधिक व्यापार और व्यापारियों से संबंधित समस्याओं का निराकरण करा चुका है।श्री सिंघी ने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में व्यापार और उद्योग के लिए सकारात्मक माहौल तैयार हुआ है। आज निवेश बढ़ रहा है, नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं और भारत वैश्विक आर्थिक मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय स्तर पर आने वाली समस्याओं को समझना और उनका समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है। बरेली मंडल के उद्योगों और व्यापारिक संगठनों से प्राप्त सुझावों को संबंधित विभागों तक पहुंचाकर आवश्यक कार्रवाई कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से खाद्य प्रसंस्करण, कृषि आधारित उद्योगों और निर्यात क्षेत्र की संभावनाओं पर जोर देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में देश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था का बड़ा केंद्र बन सकता है। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय उद्योगों को पर्याप्त संसाधन, बेहतर कनेक्टिविटी और प्रशासनिक सहयोग मिले तो रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।विशिष्ट अतिथि मुकुन्द मिश्रा ने कहा कि व्यापारी समाज केवल आर्थिक गतिविधियों का हिस्सा नहीं है, बल्कि देश की सामाजिक और आर्थिक संरचना की मजबूत कड़ी है। राष्ट्रीय व्यापार कल्याण बोर्ड सदस्य राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि उद्योग और व्यापार का विकास केवल आर्थिक मजबूती नहीं देता, बल्कि समाज में रोजगार और स्थिरता भी लाता है। उन्होंने कहा कि बरेली जैसे शहरों में उद्योगों की मजबूत परंपरा है। उद्यमियों में आगे बढ़ने की अद्भुत क्षमता मौजूद है। उन्होंने निर्यात, खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने पर विशेष जोर दिया।

संवाद आवश्यक: डॉ. घनश्याम खंडेलवाल
कार्यक्रम अध्यक्षता कर रहे उत्तर प्रदेश कृषि विकास परिषद अध्यक्ष व बीएल एग्रो इंडस्ट्रीज चेयरमैन डॉ. घनश्याम खंडेलवाल ने स्वागत करते हुए कहा कि सरकार और उद्योग जगत बीच सीधा संवाद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब नीति निर्माता और उद्योगपति एक मंच पर बैठकर चर्चा करते हैं तो विकास संबंधी नई राहें निकलती हैं। साथ ही रोजगार संभावनाएं भी पैदा होती हैं। क्योंकि जब उद्योग और व्यापार होगा तब रोजगार भी होना तय है। इससे संपन्नता भी आती है।

उद्योग राष्ट्र निर्माण में सहयोगी: आशीष खंडेलवाल
बीएल एग्रो इंडस्ट्रीज प्रबंध निदेशक आशीष खंडेलवाल ने कहा कि उद्योग केवल व्यापार तक सीमित नहीं होते, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस संवाद कार्यक्रम से व्यापार और उद्योग जगत को नई ऊर्जा और दिशा मिलेगी।



बीएल कामधेनु फॉर्म पहुंचे सिंघी, बोले- ‘अद्भुत’
संवाद कार्यक्रम बाद सुनील जे. सिंघी ने बीएल कामधेनु फॉर्म पहुंचे। उन्होंने वहां पर देसी गायों के संरक्षण और संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुधन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। देसी नस्ल की गायों का संरक्षण केवल सांस्कृतिक नहीं, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सेंटर ग्रामीण अंचल पशुपालकों के लिए प्रेरणा बन सकते हैं। यदि आधुनिक तकनीक और पारंपरिक पशुपालन को साथ लेकर काम किया जाए तो ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
डॉ. घनश्याम खंडेलवाल और आशीष खंडेलवाल ने उन्हें फॉर्म पर संचालित विभिन्न गतिविधियों और योजनाओं संबंधी जानकारी दी। श्री सिंघी गाय पालन और व्यवस्था देखते ही गदगद हो गए। अपने हाथों से गायों को गुड़ खिलाया और पुचकारा। गायों को मिल रही सुविधा और आधुनिक तकनीक देखकर बोले ‘अद्भुत’। प्रबंध निदेशक आशीष अग्रवाल ने स्वागत कर आभार जताया।















