भारतीय अर्थव्यवस्था में एमएसएमई की प्रमुख भूमिका: सिंघी

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समागम कार्यक्रम में उद्यमियों ने रखी समस्याएं

बरेली। एमएसएमई समागम में उद्यमियों ने कई समस्याएं रखी। उद्योग, व्यापार व सेवा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा उद्यमियों की समस्याओं व उनके समाधान हेतु सार्थक सुझाव प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम मुख्य अतिथि राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड अध्यक्ष सुनील सिंघी ने कहा सुनील जे. सिंघी ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था सशक्त बनाने में एमएसएमई क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार व राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड व्यापारियों व उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा उद्योग व व्यापार अनुकूल वातावरण तैयार करने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।कार्यक्रम संयोजक डॉ. घनश्याम खंडेलवाल ने एमओसी (Ministry of Commerce) से संबंधित विषयों व उद्योगों के लिए उपलब्ध अवसरों पर विस्तार से जानकारी दी। उद्योगों व सरकार मध्य बेहतर समन्वय आवश्यकता पर बल दिया।अति विशिष्ट अतिथि राजेन्द्र गुप्ता सदस्य राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड व मुकुंद मिश्रा, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल उपस्थित रहे।कार्यक्रम राष्ट्रीय अध्यक्ष, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) अध्यक्ष दिनेश गोयल और विशिष्ट अतिथि डॉ. रविश अग्रवाल थे। उत्तर प्रदेश कृषि विकास परिषद अध्यक्ष डॉ. घनश्याम खंडेलवाल कार्यक्रम संयोजक रहे।

डॉ. रविश अग्रवाल ने स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित विषयों पर उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ मानव संसाधन किसी भी उद्योग की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने औद्योगिक इकाइयों में स्वास्थ्य जागरूकता एवं नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की आवश्यकता बताई।कार्यक्रम अध्यक्षता करते हुए दिनेश गोयल ने एमएसएमई क्षेत्र से संबंधित विभिन्न समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि एमएसएमई की आर्थिक प्रगति की रीढ़ है तथा इसके समक्ष आने वाली चुनौतियों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।वरिष्ठ उद्यमी एसके सिंह ने सभी अतिथियों, उद्यमियों व सहभागियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उद्योगपतियों, व्यापारियों, सेवा क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों व विभिन्न औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारियों ने सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम में विभिन्न विषय विशेषज्ञों व उद्योग प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। मयूर धीरवानी, चैप्टर चेयरमैन, आईआईए बरेली चैप्टर ने श्रम कानूनों व आयकर से संबंधित व्यावहारिक समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि श्रम कानूनों के सरलीकरण व आयकर प्रक्रियाओं को अधिक उद्यमी-अनुकूल बनाए जाने की आवश्यकता है, जिससे उद्योगों पर अनुपालन का अनावश्यक बोझ कम हो सके।

मनीष शर्मा ने बैंकिंग क्षेत्र से संबंधित समस्याओं व वित्तीय सुविधाओं की उपलब्धता पर अपने विचार व्यक्त करते हुए उद्योगों को सरल ऋण व्यवस्था व बैंकिंग प्रक्रियाओं में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। विमल रिवाड़ी ने औद्योगिक भूमि उपयोग (Industrial Land Use) से जुड़ी जटिलताओं को रेखांकित करते हुए औद्योगिक भूखंडों के उपयोग परिवर्तन, फ्रीहोल्ड व्यवस्था व विकास शुल्क से संबंधित समस्याओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही व्यापार बढे, विवाद घटे की भावना से लघु उद्योगों के कल्याण हेतु ओडीआर पोर्टल विकसित किया गया है। यह लघु उद्योगों के लंबित भुगतान संबंधित समस्यों को संभागीय सुविधा परिषद (Divisional facilitation Council) माध्यम से एक डिजिटल प्रक्रिया से समाधान करने की व्यवस्था है। इसमे उद्यमियों को इस पोर्टल पर अपने लम्बित, या विवादित भुगतान संबंधित समस्त अभिलेख अपलोड करने पड़ते हैं। बिना स्वयं किसी दफ्तर मे उपस्थित हुये एक ऑनलाइन प्रक्रिया से विवादों का निपटारा किया जा सकता है।

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