लखनऊ से आए दूत के सामने उपभोक्ताओं ने अफसरों का उड़ाया ‘फ्यूज’-वन मंत्री और कैंट विधायक ने सुनाईं खरी खोटी, जवाब नहीं दे पाए बिजली अफसर

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

टेलीग्राम संवाद

बरेली। लखनऊ से प्रबंध निदेशक मध्यांचल विद्युत वितरण निगम दूत बनकर आए मनीश गुप्ता के सामने जन प्रतिनिधियों और पीड़ित उपभोक्ताओं ने जमकर विभाग में व्याप्त मनमानी, लापरवाही और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले रखे। सभी लोगों ने एक स्वर में कहा अवर अभियंता कभी फोन नहीं उठाते। ऐसी स्थिति अधिकारियों ने भी बना रखी है। मंत्री और विधायक ने भी खरी खोटी सुनाईं। अफसर सिर्फ सुनते रहे, पीड़ित जवाब मांगते रहे, लेकिन अफसरों पर कोई जवाब नहीं था।

बरेली जिले में घंटों बिजली गुल रहने, अघोषित कटौती, भीषण गर्मी में लाइनें बदलने, मरम्मत कार्य, अनापशनाप बिल आने, दर्ज परिवाद निस्तारण की जगह उस पर लीपा पोती करना, अवर अभियंताओं और कुछ अफसरों द्वारा फोन न उठाना जैसे कई गंभीर मामले त्रिपक्षीय बैठक में उठे। जिलाधिकारी अविनाश सिंह, एडीएम सिटी अविनाश त्रिपाठी, सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार और लखनऊ से उर्जा मंत्री व प्रबंध निदेशक दूत मनीश गुप्ता के समक्ष लोगों ने विभागीय मनमानी, लापरवाही, भ्रष्टाचार और फोन न उठाने संबंधी सिलसिले बार प्रमाण सहित पार्षदों ने मामले रखे। आमने-सामने हो रही वार्तालाप धीरे-धीरे गर्माहट की ओर बढ़ने लगी। बैठक में अवर अभियंता चंद्रमा प्रसाद, मंजीत सिंह, कृष्णकांत आदि के कारनामे उजागर किए गए। उनकी मनमानी और फोन न उठाने संबंधी शिकायत की गई। साथ ही इन पर भ्रष्टाचार संबंधी गंभीर आरोप भी लगे। हालांकि वरिष्ठ पार्षद व भाजपा नेता सतीश कातिब ने अवर अभियंता मिलिंद गौतम के कामकाज की तारीफ कर दी।


बिजली अफसर सरकार विरोधी


बानखाना डेयरियों में चोरी

बैठक में कुछ लोगों ने बताया कि बानखाना आदि क्षेत्रों में संचालित डेयरी और अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशनों पर विभागीय मिलीभगत से खूब बिजली चोरी हो रही है। जिस पर शिकायत कर्ताओं से गोपनीय नाम, पते बैठक में मांग लिए और चीफ इंजीनियर को इस चेतावनी के साथ सौंपे गए कि गोपनीय तौर से इनकी चेकिंग कराई जाए।
बैठक में लोगों ने बल्लियों पर लंबी लाइनें चलने की शिकायतें उठाई। नए कनेक्शन देने में मनमानी हो रही है। पैसा न देने पर अनाप सनाप एस्टीमेट बनाया जाता है। बताया गया कि 40 मीटर पर कनेक्शन चल रहा है, लेकिन 30 मीटर दूरी वाले को नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने नालों पर रखे ट्रांसफार्मर, झुके हुए जर्जर खंभे, ट्रांसफार्मर की फैंसिंग न होना, बार-बार केबल टूटना आदि की शिकायतें रखीं।


शिकायतों का पुलिंदा सौंपा गया


हेल्प डेस्क बना हेल्प लैस


डीएम ने माना बिजली व्यवस्था खराब, हटाए जाएंगे लापरवाह

बैठक में मौजूद डीएम अविनाश सिंह ने भी विधायक द्वारा आरोप सही ठहराते हुए माना कि जिले में बिजली व्यवस्था काफी खराब है। जिला प्रशासन को लगातार इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। डीएम ने कहा कि सबसे बड़ी समस्या यह है कि बिजली अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं और उनका व्यवहार जनता के प्रति बेहद संवेदनहीन है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो अधिकारी बरेली में व्यवस्था को नहीं संभाल पा रहे हैं, उन्हें यहां से तत्काल हटवाया जाएगा।


मुख्यालय से आए दूत ने भी मानी विभागीय गलती


किला, हरूनगला उपकेंद्रों की शिकायतें सबसे ज्यादा

किला, हरूनगला, सुभाषनगर, कुतुबखाना आदि उपकेंद्रों की शिकायतें सबसे ज्यादा सामने आईं। बैठक में पार्षदों ने बताया कि इन उपकेंद्रों के अवर अभियंता फोन नहीं उठाते हैं। उपकेंद्रों पर शिकायत करने जाते हैं तब वहां अभद्र व्यवहार किया जाता है।


10 जून को फिर होगी समीक्षा

बैठक में वन मंत्री ने सप्ताह भर में सुधार लाने की चेतावनी दी। कैंट विधायक संजीव अग्रवाल ने मुख्य अभियंता को सभी पार्षदों की समस्याओं का निराकरण कर वन मंत्री व संबंधित पार्षद के साथ डीएम को अवगत कराने को कहा। विधायक ने कहा कि 10 जून तक सुधार का समय दिया जाता है। इसकी फिर से समीक्षा होगी। क्या सुधार हुआ क्या नहीं, यह देखने के बाद अगली रणनीति तैयार होगी।

और पढ़ें