टेलीग्राम संवाद
बरेली। जिले में जल जीवन मिशन परियोजना तहत 15 माह पहले बने ओवरहेड टैंक गिरने के प्रकरण में अधिशासी अभियंता जल निगम कुमकुम गंगवार को भी निलंबित कर दिया है। उन पर कर्तव्यों व दायित्व के सत्य निष्ठापूर्वक निर्वह्न न करने और मथुरा में भी जून-2024 में जलाशय गिरने के चलते गुणवत्ता में खामी के आरोप लगे हैं। आरोपों की जांच के लिए मुख्य अभियंता गोरखपुर विक्रम प्रताप सिंह को नामित किया गया है। लेकिन उन्हें अभी तक कोई आरोप पत्र नहीं दिया है। फिलहाल बड़े लोग बचाने के लिए निलंबित अधिशासी अभियंता कुमकुम गंगवार ग्रामीण जल निगम झांसी से संबंध कर दिया गया है।

यह है मामला
आंवला तहसील क्षेत्र स्थित सरदार नगर में 3.62 करोड़ से बनी पानी की टंकी चार मई को भरभराकर गिर गई थी। हादसे में टंकी नीचे छांव में बैठे पांच लोग भी घायल हो गए थे। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना जल जीवन मिशन तहत बनी पानी टंकी 15 माह में ही गिरने से पूरी परियोजना पर सवाल खड़े हो गए थे। मामले में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने एनसीसी कंपनी हैदराबाद विरुद्ध एफआईआर कराने के साथ अवर अभियंता (जेई) रूपचंद्र और सहायक अभियंता (एई) विपिन कुमार को निलंबित करने के आदेश जारी किए थे। साथ ही राज्य पेयजल व स्वच्छता मिशन सहायक अभियंता और जेई की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। एक्सईएन कुमकुम गंगवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। माना जा रहा था कि प्रकरण में कभी भी एक्सईएन पर भी गाज गिर सकती है। जल निगम ग्रामीण प्रबंध निदेशक डा. राजशेखर ने एक्सईएन कुमकुम गंगवार को निलंबित कर दिया। साथ ही आरोपों की जांच के लिए मुख्य अभियंता गोरखपुर विक्रम प्रताप सिंह को जांच सौंप दी।
बताया जाता है बड़े लोग ग्रामीण जल मिशन योजना में फंस रहे थे इसलिए ताबड़तोड़ कार्रवाई हुई है। लगभग सभी जिलों में ग्रामीण जिला आपूर्ति हेतु कार्य हो रहे हैं लेकिन किसी सक्षम अधिकारी ने शायद ही किसी ने सही से निरीक्षण किया होगा। बरेली में संचालित परियोजना ऑन में भी यही हाल रहा कई बार जल शक्ति मंत्री भी आए लेकिन मौके पर वह नहीं पहुंच पाए। माना जा रहा है पूरा विभाग इसे खानपान योजना मानकर चल रहा था। कार्य गुणवत्ता ठीक से चेक नहीं किया गया स्वास्थ्य से जुड़े जल आपूर्ति संबंधी परियोजनाओं में लापरवाही से काम हुआ। ऐसा हाल लगभग सभी संबंधित स्थानों पर है।

प्रबंध निदेशक जल निगम ग्रामीण डा. राजशेखर
प्रबंध निदेशक ने जारी किया पत्र
प्रबंध निदेशक जल निगम ग्रामीण डा. राजशेखर ने जारी आदेश में कुमकुम गंगवार पर बरेली में कर्तव्यों व दायित्वों का सत्यनिष्ठा पूर्वक निर्वहन न करने के साथ मथुरा में भी तैनाती के दौरान लापरवाही का आरोप लगा है। शासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि 30 जून 2024 को मथुरा पेयजल पुनर्गठन योजना गोकुल बैराज पार्ट-1 निर्माण कार्यों में लापरवाही बरते जाने के कारण कृष्णा बिहार कालोनी में 2500 किली. की निर्मित शिरोपरि जलाशय क्षतिग्रस्त होकर गिर गया था। उस घटना में
शासन की ओर से कुमकुम गंगवार को निलंबित कर दिया गया है, अब उनकी जांच गोरखपुर के मुख्य अभियंता को दी गई है।
कार्यों गुणवत्ता अधोमानक होने, कार्यों का सही ढंग से क्रियान्वयन न करने, विभाग को आर्थिक क्षति पहुंचाने, विभागीय व शासकीय निर्देशों का पालन न करने के आरोप में निलंबित किया गया। निलंबित एक्सईएन कुमकुम गंगवार ने बताया उन्हें कोई आरोप पत्र नहीं दिया है। वह इस कार्रवाई से व्यथित नजर आयीं।


परियोजना पर उठे सवाल
प्रकरण पर सवाल उठता है कोई पहले से ही दागी अधिकारी हो रह चुका हो उसे बरेली में कैसे नियुक्ति मिल गई। साथ ही महत्वपूर्ण निर्माण परियोजना कार्य भी सौंपा गया।जिले में जल निगम ग्रामीण योजना से वर्ष 2019 में हर घर नल हर घर जल योजना शुरू की गई। इसके लिए एनसीसी कंपनी हैदराबाद को नई पाइपलाइन बिछाने साथ ही हर घर नल-टोटी लगाने की जिम्मेदारी दी गई। परियोजना तहत जिले के 1801 राजस्व गांव में पानी की लाइन डालने के साथ 888 ट्यूबवेल, 877 ओवर हेड टैंक, 851 सोलर प्लांट का काम किया जा रहा। दावा किया जा रहा है कि अब तक 75 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण कर लिया गया है। दिसंबर-2027 तक परियोजना को पूर्ण कर लिया जाएगा। मगर, जिम्मेदारों की लापरवाह कार्यशैली से पूरी परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। कंपनी द्वारा जहां पर कार्य कराए गए हैं वहां तमाम शिकायतें मिलने पर भी अधिकारी मौन साधे रहे।















