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DIG अजय कुमार साहनी के नेतृत्व में बरेली परिक्षेत्र अव्वल, जनसुनवाई में बना नंबर-1- IGRS रैंकिंग में मार्च-2026 में प्रदेश में पहला स्थान, 84 थानों के प्रदर्शन ने रचा रिकॉर्ड तलाक नहीं, आत्मसम्मान की जीत:मेरठ कोर्ट में ढोल-नगाड़ों संग बेटी का सम्मानित स्वागत, रूढ़ियों पर सीधा प्रहार- रिटायर्ड जज ने कहा—“बेटी सामान नहीं, सम्मान है लापरवाही: लिलौर झील फैमिली ट्रेन पंचर-पांच डिब्बों में से दो डिब्बों के पहियों में नहीं हवा, खराब खड़े हैं आर्ट ऑफ लिविंग परिवार त्रिवटी नाथ मंदिर में करा रहा ऐतिहासिक आध्यात्मिक आयोजन-ज्योतिर्लिंग के पावन अवशेष छह अप्रैल को बरेली पहुंचेंगी, 9 बजे शुरु होगा शिवलिंग पूजा निदेशक पश्चिमांचल ने बरेली में देखी वर्टिकल व्यवस्था, सराहा-कामर्शियल-2 में मनमानी, रामपुर बाग उपकेंद्र में अग्निशमन यंत्र खाली होने पर बिफरे निदेशक बरेली में लाइंस चेरिटेबल ब्लड सेंटर संचालन पर रोक- विभिन्न जिलों में हुई आकस्मिक छापा कार्रवाई में मिली गड़बड़ी

DIG अजय कुमार साहनी के नेतृत्व में बरेली परिक्षेत्र अव्वल, जनसुनवाई में बना नंबर-1- IGRS रैंकिंग में मार्च-2026 में प्रदेश में पहला स्थान, 84 थानों के प्रदर्शन ने रचा रिकॉर्ड

टेलीग्राम संवाद

बरेली। जन शिकायतों के निस्तारण को लेकर अक्सर सवालों के घेरे में रहने वाली पुलिस व्यवस्था ने इस बार जवाब काम से दिया है। पुलिस उपमहानिरीक्षक अजय कुमार साहनी के निर्देशन में बरेली परिक्षेत्र ने शासन की जनसुनवाई समाधान प्रणाली (IGRS) की मार्च-2026 रैंकिंग में पूरे उत्तर प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर प्रशासनिक दक्षता की नई इबारत लिख दी है।
इस उपलब्धि की खास बात यह रही कि बरेली परिक्षेत्र के चारों जिले—बरेली, बदायूँ, शाहजहाँपुर और पीलीभीत—ने सामूहिक रूप से यह मुकाम हासिल किया। परिक्षेत्र के कुल 84 थानों का संयुक्त प्रदर्शन प्रदेश में अव्वल रहा, जो पुलिसिंग के स्तर पर एक संगठित और जवाबदेह तंत्र की ओर इशारा करता है।
जमीनी स्तर पर देखें तो बरेली जनपद के 28, बदायूँ के 20, पीलीभीत के 17 और शाहजहाँपुर के 19 थानों ने शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। यह आंकड़े महज संख्या नहीं, बल्कि सिस्टम की सक्रियता और मॉनिटरिंग की कड़ी व्यवस्था को दर्शाते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की लगातार समीक्षा, समय सीमा के भीतर कार्रवाई और फीडबैक की निगरानी ने इस सफलता में अहम भूमिका निभाई। यही वजह है कि परिक्षेत्र कार्यालय में तैनात आईजीआरएस कर्मियों—उपनिरीक्षक शालू, कम्प्यूटर ऑपरेटर अमरेन्द्र कुमार और आरक्षी सलिल सक्सेना—को नगद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
हालांकि, इस सफलता के बीच एक सख्त संदेश भी दिया गया है। जिन जनपदों और थानों का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा, उनके कार्यों की समीक्षा कर जवाबदेही तय की जाएगी।
स्पष्ट है कि बरेली परिक्षेत्र ने शिकायत निस्तारण को महज औपचारिकता नहीं, बल्कि जवाबदेह पुलिसिंग का हथियार बना दिया है—और यही मॉडल अब पूरे प्रदेश के लिए उदाहरण बन सकता है।

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Author: telegramsamvad

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