Breaking News
तलाक नहीं, आत्मसम्मान की जीत:मेरठ कोर्ट में ढोल-नगाड़ों संग बेटी का सम्मानित स्वागत, रूढ़ियों पर सीधा प्रहार- रिटायर्ड जज ने कहा—“बेटी सामान नहीं, सम्मान है लापरवाही: लिलौर झील फैमिली ट्रेन पंचर-पांच डिब्बों में से दो डिब्बों के पहियों में नहीं हवा, खराब खड़े हैं आर्ट ऑफ लिविंग परिवार त्रिवटी नाथ मंदिर में करा रहा ऐतिहासिक आध्यात्मिक आयोजन-ज्योतिर्लिंग के पावन अवशेष छह अप्रैल को बरेली पहुंचेंगी, 9 बजे शुरु होगा शिवलिंग पूजा निदेशक पश्चिमांचल ने बरेली में देखी वर्टिकल व्यवस्था, सराहा-कामर्शियल-2 में मनमानी, रामपुर बाग उपकेंद्र में अग्निशमन यंत्र खाली होने पर बिफरे निदेशक बरेली में लाइंस चेरिटेबल ब्लड सेंटर संचालन पर रोक- विभिन्न जिलों में हुई आकस्मिक छापा कार्रवाई में मिली गड़बड़ी बीएल एग्रो एक हजार गाय लेगा गोद – उद्यमी अनुपम कपूर और आशीष खंडेलवाल एक-एक हजार कुंतल भूसा देंगे दान

आर्ट ऑफ लिविंग परिवार त्रिवटी नाथ मंदिर में करा रहा ऐतिहासिक आध्यात्मिक आयोजन-ज्योतिर्लिंग के पावन अवशेष छह अप्रैल को बरेली पहुंचेंगी, 9 बजे शुरु होगा शिवलिंग पूजा

टेलीग्राम संवाद


बरेली। आर्ट ऑफ लिविंग परिवार की तरफ से नाथ नगरी के त्रिवटी नाथ मंदिर में एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक आयोजन होने जा रहा है। जहां पर एक हजार वर्ष प्राचीन सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के पावन अवशेष छह अप्रैल को बरेली पहुंचेंगी। जिन्हें आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर के मार्गदर्शन में देशभर में ले जाया जा रहा है। बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग आश्रम से स्वामी भव्य तेज इसे बरेली लेकर पहुंचेंगे। 6 अप्रैल की सुबह 8.30 बजे से प्राचीन त्रिवटी नाथ मंदिर में कार्यक्रम शुरू होगा।

वीडीएस को आर्डिनेटर श्वेता कुनार ने बताया कि आर्ट ऑफ लिविंग 6 अप्रैल को नाथ नगरी में एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक घटना की साक्षी बनने जा रही है। पूरे देश की यात्रा के अंतर्गत श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के पावन अवशेष जो 100 वर्षों तक तमिलनाडु में गुप्त रूप से संरक्षित रहा, इस पावन नगरी में पहुंचेंगे। यह यात्रा 1000 वर्षों की तपस्या, भक्ति और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है, जो लंबे समय से भारतीय आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करने का कार्य आर्ट ऑफ लिविंग संस्था कर रही है। जिसका मूल मंत्र है तनाव मुक्त मन, हिंसा मुक्त समाज। यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक अस्मिता और आध्यात्मिक चेतना के पुनर्जागरण का प्रतीक है। 1000 वर्ष प्राचीन सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के पावन अवशेषों को लेकर यात्रा पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, केरल और तमिलनाडु से होते हुए प्रदेश में झांसी, कानपुर, आगरा, मेरठ, मुरादाबाद होते हुए 6 अप्रैल को बरेली पहुंचेगी।

आर्ट ऑफ लिविंग शिक्षक सौरभ मेहरोत्रा ने कहा कि यह ऐतिहासिक अवसर जिले की एक नई पहचान स्थापित करेगा। श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के पावन अवशेषों का आगमन शहर के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को राष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ करेगा। कार्यक्रम प्राचीन त्रिवटी नाथ मंदिर में प्रात 8:30 बजे से 1:00 बजे तक आयोजित होगा। कार्यक्रम में सोमनाथ शिवलिंग पूजा, आर्ट ऑफ लिविंग भजन-संकीर्तन और दर्शन होगा। इस मौके पर पार्थो कुनार, श्वेता कुनार, रीना अग्रवाल, अमित, सौरभ, वृजवासी, मंदिर ट्रस्ट नवीन गोयल, गोपाल, अशोक मौजूद रहे।
गजनवी ने मंदिर को किया था ध्वस्त, 900 वर्षों तक सुरक्षित रखकर हुई पूजा

telegramsamvad
Author: telegramsamvad

Our Visitor

0 9 9 4 8 1
Total Users : 99481
Total views : 1219643