प्रदेश में रसोई गैस किल्लत नहीं, विपक्ष कर रहा दुष्प्रचार: धर्मपाल सिंह
टेलीग्राम संवाद
बरेली। पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा है कि ग्रीष्म कालीन मौसम में पशु चारा पर्याप्त बनाए रखने हेतु भूसा बैंक बनेगा। उन्होंने कहा गर्मियों में गोशाला में रह रहे गोवंश को गर्मी से बचाने के लिए योजना बनाई गई है। उन्होंने दान दाताओं से भूसा मांगा और गायों को गोद लेने के लिए आगे आने को कहा। विभागीय बैठक में आमंत्रित उद्यमी अनुपम कपूर और आशीष खंडेलवाल ने कहा कि वे एक-एक हजार कुंतल भूसा देंगे। साथ ही बीएल एग्रो एक हजार गायों को गोद लेगा।

सर्किट हाउस में आयोजित विभागीय बैठक में मंत्री ने बताया कि गोवंश, भैंस, बकरी, भेड़ समेत अन्य पशुओं की संख्या देश में सर्वाधिक है। इसको देखते हुए सरकार ने पशुपालन को मिशन मोड में लेकर कई महत्वाकांक्षी योजनाएं शुरू की हैं। इसका परिणाम है कि दूध, अंडा और मांस उत्पादन में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। वर्ष 2023-24 में दुग्ध उत्पादन बढ़कर 387.9 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया, जबकि अंडा उत्पादन 589 करोड़ से अधिक हो गया।

उन्होंने बताया सबसे बड़ा बदलाव मोबाइल वेटरनरी यूनिट योजना के रूप में सामने आया है। अब पशुपालकों को इलाज के लिए अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ते हैं, बल्कि 1962 नंबर पर कॉल करने पर डॉक्टर उनके घर पहुंचकर पशुओं का उपचार कर रहे हैं। प्रदेश में करीब 620 मोबाइल यूनिट हाईब्रिड मोड पर संचालित हो रही हैं, जो अब तक लाखों पशुओं का इलाज कर चुकी हैं।

मंत्री ने बताया कि नस्ल सुधार और टीकाकरण क्षेत्र में भी सरकार ने तेजी लाई है। करोड़ों पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है, जबकि लाखों कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से पशुओं की उत्पादकता बढ़ाई जा रही है। हापुड़ और लखनऊ में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित कर सेक्सड सीमन तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे बेहतर नस्ल और अधिक दूध देने वाले पशु तैयार किए जा सकें।
उन्होंने कहा कि गौसंरक्षण क्षेत्र में भी सरकार सक्रिय है। प्रदेश के हजारों गोआश्रय स्थलों में 12 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित हैं।
वहीं, पशुपालकों को प्रति पशु प्रतिदिन 50 रुपये की दर से डीबीटी के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। रोजगार सृजन के लिहाज से नंद बाबा दुग्ध मिशन महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। नंदिनी और मिनी नंदिनी योजनाओं के तहत सब्सिडी देकर युवाओं को डेयरी व्यवसाय से जोड़ा जा रहा है। इसके अलावा कुक्कुट पालन नीति के जरिए निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
सरकार ने चारा संकट से निपटने के लिए गोचर भूमि को कब्जामुक्त कर वहां हरे चारे की खेती शुरू कराई है। साथ ही, प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से पशुपालकों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ा जा रहा है। कुल मिलाकर, प्रदेश में पशुपालन अब परंपरागत कार्य न रहकर एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में उभर रहा है। बैठक में जिलाधिकारी अविनाश सिंह, सीडीओ देवयानी और पशु पालन विभाग से संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक उपरांत पशु पालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने विभागीय जानकारी दी और बताया कि हर जिले में भूसा बैंक स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने बातचीत में बताया कि बरेली में अभी तक दो उद्यमी आगे आए हैं, जो भूसा बैंक और गायों को गोद लेने में सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गैस किल्लत नहीं है। विपक्ष द्वारा फैलाया गया दुष्प्रचार है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रदेश में रसोई गैस संबंधी कोई समस्या नहीं होने दी जाएगी। इसके स्पष्ट आदेश सभी जिलों में जारी कर दिए गए हैं। एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि गन्ना भुगतान और मूल्य को लेकर पूर्व मंत्री नवाबगंज में धरने पर बैठे हैं। मंत्री ने सवाल किया सपा सरकार ने गन्ना कृषकों के लिए क्या किया। जबकि भाजपा सरकार लगातार कृषक हित में कदम उठा रही है, जिससे उनकी आय दोगुनी हो सके।









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