फूड चेन प्रभावित, होटल रेस्त्रां में हाहाकार जैसी स्थिति, एस्मा लागू
कंपनियों ने केवाईसी अनिवार्य किया, जिला में छापामारी
आर. बी. लाल
टेलीग्राम संवाद, बरेली। मध्य पूर्व देशों में युद्ध जैसे हालात होने पर भारत में पेट्रोलियम पदार्थ संकट बढ़ता दिख रहा है। सबसे ज्यादा प्रभाव एलपीजी पर दिखा है। कृत्रिम संकट का फायदा गैस एजेंसियों ने उठाना शुरू कर दिया है। पेट्रोलियम कंपनियों ने संकट पर अंकुश लगाने के लिए कामर्शियल सिलिंडरों की सप्लाई पर ब्रेक लगा दिया है। जबकि घरेलू गैस सप्लाई में 25 प्रतिशत तक कटौती कर दी है। जिससे बरेली समेत कई जिलों में रेस्टारेंट, होटल और फूड चेन प्रभावित हो गई है। सरकार ने तत्काल प्रभाव से देश में एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट (एस्मा) लागू कर दिया है। इस बीच निजी कंपनियों ने 15 प्रतिशित तक उड़ानों पर किराया बढ़ा दिया है। साथ ही पेट्रोलियम कंपनियों ने अधिकृत ग्राहक तक ही सप्लाई पहुंचने के लिए सत्यापन व्यवस्था लागू कर दी है।

सिलेंडर ब्लैक में 1500 रुपये
रसोई गैस संकट पर इसलिए तीन-चार दिनों से काफी शोर शराबा हो रहा है। मंगलवार सुबह अचानक से गैस की कमी की अफवाह बहुत तेजी से शहर में फैल गई। सिलेंडर पर कालाबाजारी 1500 रुपये तक पहुंच गई। इसकी शिकायत जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय तक पहुंची है। जिस पर डीएसओ ने सख्त नाराजगी जताई है। अधिकारियों ने बताया कि घरेलू रसोई गैस में कोई कमी नहीं है। इसके बाद जिले भर में छापा मार कार्रवाई शुरू हो गई।
हवाई किराया 15% बढ़ाया
भारतीय निजी कंपनियों ने हवाई किराया में 15% तक बढ़ोतरी कर दी है। बताया जाता है हवाई कंपनियों ने मंगलवार सुबह से किराया बढ़ा दिया। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ा है। पेट्रोलियम कंपनी अधिकारियों ने बताया जेट फ्यूल (हवाई ईंधन) यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) जरूरत विमान परिचालन के लिए पड़ती है। इसका प्रयोग जेट व टर्बो-प्रॉप इंजन वाले विमान को पावर देने के लिए किया जाता है। यह एक विशेष प्रकार का पेट्रोलियम आधारित ईंधन है। एटीएफ दिखने में रंगहीन और स्ट्रा की तरह होता है।
जिलें में डबल बुकिंग
सूत्रों से पता चला है कि जिले में 91 एलपीजी एजेंसी है। जिनसे रोजाना औसतन 19- 20 हजार सिलेंडर सप्लाई होती है। लेकिन अचानक बुकिंग बढ़कर 47 हजार पहुंच गई। इससे गैस एजेंसियों पर दबाव बढ़ने लगा है। हालांकि बरेली में अभी घरेलू गैस कमी नहीं है

केवाईसी अनिवार्य, सप्लाई से पहले ओटीपी मिलेगा
पेट्रोलियम कंपनियों ने एलपीजी दुरुपयोग रोकने और अचानक बढ़ते मांग पर अंकुश लगाने हेतु केवाईसी व्यवस्था अनिवार्य एक बार फिर लागू कर दिए हैं। कंपनियों ने एलपीजी एजेंसियों को निर्देशित किया है कोई भी सिलेंडर बिना सत्यापन और केवाईसी किए बगैर नहीं दिया जाएगा। पेट्रोलियम कंपनियों ने संकट पर अंकुश लगाने हेतु सख्त कदम उठाना शुरू कर दिया है जिसके तहत प्रत्येक ग्राहक को सप्लाई देने से पहले कंपनियां ओटीपी नंबर मोबाइल पर प्रेषित करेगी जिसकी क्रॉस चेकिंग सिलेंडर सप्लाई देने वाला डिलीवरी बॉय करेगा अगर किसी पर ओटीपी नहीं आया तब सिलेंडर नहीं मिल पाएगा। ओटीपी नंबर वेरीफाई होने पर ही सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। दूसरा सिलेंडर बुकिंग 25 दिन बाद ही होगा।
मिडिल ईस्ट बढ़ते तनाव बीच एलपीजी पर भारत में कृत्रिम संकट पैदा हुआ है। सरकार ने इसकी समीक्षा कर मंगलवार दोपहर बड़ा कदम उठाया है। जिसके तहत देश में ESMA लागू कर दिया है।
क्या है ESMA
ESMA यानी Essential Services Maintenance Act भारतीय संसद द्वारा 1968 में पारित एक महत्वपूर्ण कानून है। इसका उद्देश्य उन सेवाओं की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना है, जिनके रुकने से आम लोगों का जीवन गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है। इस कानून के तहत आवश्यक सेवाओं में कार्यरत कर्मचारी हड़ताल या काम बंद नहीं कर सकते। यदि कोई कर्मचारी सेवा देने से इनकार करता है या हड़ताल करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। सरकार इस कानून को अधिकतम 6 महीने की अवधि के लिए लागू कर सकती है।

छापामारी शुरू, 15 घरेलू सिलेंडर पकड़े गए
घरेलू गैस की बढ़ते संकट को देखते हुए मंगलवार दोपहर अचानक छापा कार्रवाई शुरू हो गई। मीरगंज तहसील में हुई कार्रवाई दौरान 15 संदिग्ध सिलेंडर एक दुकान से बरामद हुए हैं।
मीरगंज नौसना गांव में अवैध बिक्री का खुलासा हुआ है आरोपी दुकानदार पर आवश्यक वस्तु अधिनियम में मुकदमा दर्ज हुआ है। एलपीजी गैस सिलिंडरों की आपूर्ति को लेकर चल रहे संकट के बीच कालाबाजारी का खेल भी सामने आने लगा है। मीरगंज तहसील क्षेत्र गांव नौसना में घरेलू गैस सिलेंडर की अवैध बिक्री की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए एक दुकान पर छापा मारा। कार्रवाई दौरान टीम ने दुकान से 15 घरेलू गैस सिलेंडर बरामद किए। मामले में आरोपी दुकानदार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
जानकारी अनुसार मीरगंज उपजिलाधिकारी निर्देश पर आपूर्ति विभाग टीम ने थाना मीरगंज पुलिस साथ गांव नौसना में छापेमारी की है। नाजिर नामक दुकानदार की दुकान की तलाशी ली। जांच दौरान वहां से 15 घरेलू गैस सिलिंडर बरामद हुए, जिनमें 14 सिलिंडर भरे हुए थे जबकि एक खाली पाया गया। पूछताछ दौरान दुकानदार सिलेंडर से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
इसके बाद टीम ने सभी सिलिंडरों को जब्त कर लिया और उन्हें मीरगंज स्थित जय माता दी गैस एजेंसी के सुपुर्द कर दिया। आपूर्ति निरीक्षक ने आरोपी नाजिर के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम तहत रिपोर्ट दर्ज करा दी है।

पेट्रोलियम कंपनियों ने घरेलू गैस सप्लाई में कटौती शुरू कर दी है जबकि कमर्शियल सिलेंडर नहीं दिए जा रहे हैं जिससे कुछ लोग परेशान जरूर है लेकिन सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है घरेलू गैस मांग के अनुपलब्ध है 25 दिन बाद दूसरा सिलेंडर बुक हो रहा है किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है।
रंजना सोलंकी – अध्यक्ष, एलजी संगठन बरेली

घरेलू गैस कमी नहीं है। आपूर्ति नियंत्रित करने के लिए 25 दिनों बाद ही दूसरा सिलेंडर बुक होगा और सत्यापन बाद ही उसकी सप्लाई होगी। जिससे कालाबाजारी कनेक्शन डुप्लीकेसी और एजेंसी द्वारा बरती जाने वाली मनमानी पर अंकुश लगेगा।
मनीष कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी










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