टेलीग्राम संवाद
बरेली। नगर निगम के हजारों करदाताओं के लिए राहत भरी खबर है। यदि किसी भवन में लंबे समय से न मालिक रह रहा है और न ही कोई किरायेदार है, तो ऐसे भवन पर नगर निगम कर में छूट का प्रावधान है। हालांकि, जानकारी के अभाव में अधिकांश लोग इस सुविधा का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
पार्षद सतीश कातिब उर्फ मम्मा ने दावा किया है कि नगर निगम अधिनियम, 1959 की धारा-178 में स्पष्ट व्यवस्था है कि यदि कोई भवन पूरे वित्तीय वर्ष तक खाली रहता है, तो भवन स्वामी निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर करों में छूट पाने का अधिकारी हो सकता है। इसके लिए भवन स्वामी को नगर आयुक्त को संबोधित एक प्रार्थना पत्र देकर भवन के खाली होने की सूचना देनी होती है। इसके बाद 90 दिन पूरे होने पर दोबारा निगम को अवगत कराना पड़ता है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद यदि नगर आयुक्त इस बात से संतुष्ट हो जाते हैं कि भवन पूरे वर्ष खाली रहा, तो संबंधित भवन स्वामी को कर में छूट प्रदान की जा सकती है। भवन खाली रहने की स्थिति में प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंत में निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोबारा आवेदन करना होता है।
पार्षद सतीश मम्मा का कहना है कि इस नियम की जानकारी आम लोगों तक नहीं पहुंचाई गई, जिसके कारण वर्षों से खाली पड़े मकानों पर भी लोग नगर निगम का कर जमा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह 31 जुलाई 2023 से इस मुद्दे को लगातार उठा रहे थे। लंबे संघर्ष के बाद उनके बरेली स्थित मकान संख्या 163, टीवरी पर धारा-178 के तहत कर छूट स्वीकृत हुई है। उन्होंने नगर निगम से मांग की है कि इस प्रावधान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि पात्र भवन स्वामी अनावश्यक कर भार से राहत पा सकें।













