- बायोमेट्रिक ने खोली पोल, दो थानों में हुआ मामला दर्ज
टेलीग्राम संवाद
बरेली। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) परीक्षा में पहले दिन बुधवार को दो सॉल्वर रंगेहाथ पकड़े गए। दोनों सॉल्वर दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर बैठकर परीक्षा दे रहे थे। चेकिंग के दौरान केंद्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षकों ने उन्हें पकड़ लिया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। दो अलग-अलग थानों में दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी जिन अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा दे रहे थे उनकी तलाश जारी है।बुधवार सुबह आयोजित परीक्षा में आजमगढ़ निवासी आरोपी प्रमोद कुमार यादव फर्रुखाबाद निवासी अभ्यर्थी विजय प्रताप सिंह के स्थान पर विज्ञान विषय की परीक्षा देने पहुंचा। पूछताछ में सामने आया है कि इस फर्जीवाड़े के लिए प्रमोद और विजय के बीच डेढ़ लाख रुपए में सौदा तय हुआ था। प्रमोद ने विमल से एडवांस रुपये भी लिए थे और बाकी रकम परीक्षा पास होने के बाद दिए जाने थे।

नगर मजिस्ट्रेट आरके वर्मा ने बताया कि मामला शहर कोतवाली थाना क्षेत्र इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र का है। परीक्षा शुरू होने के बाद जब स्टेटिक मजिस्ट्रेट और कॉलेज प्रशासन टीम अभ्यर्थियों के सत्यापन के लिए पहुंची तो प्रमोद के हाव-भाव देख संदेह हुआ। उसके आधार कार्ड, प्रवेश पत्र जांच की हुई तो गड़बड़ मिला। इसके बाद उससे पूछताछ की गई तो सारा मामला खुल गया। फिर उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। उसके खिलाफ कोतवाली में मामला दर्ज किया गया है।
दूसरा सॉल्वर बरेली कॉलेज में पकड़ा गया। अमेठी जिले का मूल निवासी राम मनोहर प्रजापति वर्तमान में प्रयागराज में रहता है। वह रविंद्र नमक अभ्यर्थी के बदले सामाजिक विज्ञान की परीक्षा देता पकड़ा गया। पूछताछ में पता चला कि उसने सॉल्वर बनने के लिए मोटा सौदा तय किया था।

परीक्षा शुचिता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु चयन आयोग द्वारा नामित प्रेक्षक व पूर्व आईजी डॉ. राकेश सिंह ने परीक्षा केंद्रों पर निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा किसी भी कीमत पर नकलविहीन, पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए।प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) चयन परीक्षा के लिए आयोग ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में 18 सेवानिवृत्त आईपीएस, सात आईएएस, आईजी और डीआईजी स्तर के अधिकारियों को प्रेक्षक नियुक्त किया है। इसी क्रम में बरेली में रिटायर्ड आईजी डॉ. राकेश सिंह ने बुधवार को विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने परीक्षा संचालन, सुरक्षा व्यवस्था, बायोमेट्रिक सत्यापन और सीसीटीवी निगरानी की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण दौरान डॉ. राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निर्देश पर भर्ती परीक्षा पूरी पारदर्शिता और शुचिता साथ कराया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य शिक्षित युवाओं को निष्पक्ष तरीके से रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि मेधावी अभ्यर्थियों का अधिकार सुरक्षित रहे, इसके लिए नकल और फर्जीवाड़े प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। उन्होंने बताया कि अक्टूबर तक शिक्षक भर्ती और प्रधानाचार्य चयन समेत करीब पांच महत्वपूर्ण परीक्षाएं प्रस्तावित हैं, जिनकी रणनीति और सुरक्षा व्यवस्था का खाका पहले ही तैयार कर लिया गया है।
बायोमेट्रिक और थंब इंप्रेशन से पकड़ा
दोनों मामले शहर कोतवाली क्षेत्र के इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज और थाना बारादरी क्षेत्र स्थित बरेली कालेज बरेली परीक्षा केंद्र में हुए। परीक्षा शुरू होने के बाद अभ्यर्थियों के सत्यापन के लिए पहुंची स्टेटिक मजिस्ट्रेट और कॉलेज प्रशासन की टीम ने आधार कार्ड, प्रवेश पत्र पर लगा फोटो और थंब इंप्रेशन का मिलान किया, तो आरोपियों का बायोमेट्रिक डेटा मैच नहीं हुआ। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने कुबूल किया कि वे असली अभ्यर्थी नहीं हैं। अभ्यर्थी के बदले में परीक्षा देने के नाम पर उन्हें मोटी रकम मिली है।
परीक्षा केंद्रों पर फूलप्रूफ सुरक्षा व्यवस्था एडीएम सिटी अविनाश त्रिपाठी ने बताया परीक्षा केंद्र पर कड़ी सुरक्षा और चेकिंग की व्यवस्था है। किसी दूसरे के स्थान पर परीक्षा देना असंभव है। परीक्षा शुचिता पर बात करते हुए एडीएम सिटी ने साफ किया कि वर्तमान समय में परीक्षा प्रणाली पूरी तरह फूलप्रूफ और सुरक्षित है। परीक्षा केंद्र में प्रवेश करते ही सबसे पहले मुख्य गेट पर बायोमेट्रिक अटेंडेंस लगती है, जिसमें अभ्यर्थियों के थंब इम्प्रेशन (अंगूठा निशान) साथ-साथ आइरिस (आंख पुतली) से पहचान की जाती है। उन्होंने बताया कड़े वेरिफिकेशन के बाद डेटाबेस से मिलान होना अनिवार्य है।
एडीएम सिटी ने बताया कि ऐसा कृत्य करने वाले हर हाल में पकड़े जाएंगे और उनके खिलाफ कठोरतम विधिक व दंडात्मक कार्रवाई होगी। दोनों मामले थाना कोतवाली और बारादरी दर्ज कर लिए गए हैं, जिन अभ्यर्थियों के बदले में साल्बर परीक्षा दे रहे थे उनकी तलाश जारी है। उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।













