विद्युत दुर्घनायें न हों इसके लिये बरतें पूरी सावधानी

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सख्ती से पालन हो अनुरक्षण मानक: चैयरमेन

टेलीग्राम संवाद
लखनऊ। विद्युत वितरण निगम कार्यों की समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव ऊर्जा व पावर कारपोरेशन अध्यक्ष डा. आशीष कुमार गोयल ने कहा कि आंधी-तूफान से प्रभावित विद्युत आपूर्ति के क्षत्रों में जहॉ अधिकारियों ने आपूर्ति बहाल करने के लिये आवश्यक अनुरक्षण कार्यों को ठीक कराने में लापरवाही की है उन पर कार्यवाई होगी। उन्होंने कहा कि यद्यपि अधिकांश स्थानों पर अच्छा कार्य हुआ है। जिसकी प्रसंशा हो रही है।

उन्होंने कहाकि सभी क्षेत्रों में पर्याप्त विद्युत सामग्री की व्यवस्था है। साथ ही स्थानीय स्तर पर आवश्यकतानुसार सामग्री क्रय करने हेतु अधिशाषी अभियन्ताओं को पूर्ण अधिकार व धनराशि दी गयी है। ऐसी स्थिति में दैवीय आपदा या अन्य कारण से विद्युत बाधाओं को कम से कम समय में ठीक कर आपूर्ति बहाल की जानी चाहिए। इसमें लापरवाही बरदास्त नहीं की जायेगी।

अध्यक्ष ने कहा कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को समय से रीडिंग का सही बिल मिले यह सबसे महत्वपूर्ण है। इसके लिये रीडिंग से लेकर बिल पहॅुचाने तक पूरी प्रक्रिया समयबद्ध एवं त्रुटि विहीन हो यह सुनिश्चित करें।

उन्होंने निर्देशित किया कि अविकसित कालोनियों के लिये विद्युत कनेक्शन निर्धारित नियम अनुरूप उपभोक्ताओं को स्वीकृत किये जाये।
उपभोक्ताओं की सुविधा हेतु अविकसित कालोनियों में कनेक्शन हेतु एक नियमावली बनायी गयी है। जिसमें प्रति स्क्वायर फिट शुल्क निर्धारित कर दिया गया है। उसी अनुसार राशि लेकर कनेक्शन स्वीकृत किया जाना है।

उन्होंने निर्देशित किया कि सभी जिलो में अविकसित कालोनियों का सर्वे करा लिया जाये। जिससे कनेक्शन स्वीकृत करने में सुविधा होगी।

अध्यक्ष ने कहा कि सबस्टेशन डैशबोर्ड का उपयोग बिजली व्यवस्था को और बेहतर करने के लिये किया जाये। इसमें शटडाउन व ब्रेकडाउन आदि कार्यों की इन्ट्री की जाये। डिस्कॉम ने बताया कि सबस्टेशन डैशबोर्ड डाटा बहुत उपयोगी साबित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी कारण विद्युत मांग में जबरदस्त वृद्धि हो रही है। गर्मी से जनता परेशान है। ऐसे समय में विद्युत क्षेत्र में कार्य करने वालों की जिम्मेदारी बहुत बढ़ जाती है। इसलिये सभी अधिकारी व कार्मिक मिशन रूप में अपनी जिम्मेदारी निभायें। सभी क्षत्रों को निर्धारित विद्युत प्राप्त हो यह सुनिश्चित करें।

अध्यक्ष ने कहाकि मांग व आपूर्ति में देशभर में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्य बना हुआ है। लगभग 31 हजार मेगावाट से ज्यादा तक डिमाण्ड पहॅुच रही है। भीषण गर्मी के कारण रिकार्ड विद्युत मांग में सुचारू बिजली व्यवस्था बनाये रखने के लिये पावर कारपोरेशन के कार्मिक सराहना के पात्र हैैं।

बैठक में डिस्कॉम अधिकारियों ने बताया कि यूपीपीसीएल टीमें 24 घंटे बिजली व्यवस्था पर निगरानी कर रही हैं। बिजली मांग का लगातार विश्लेषण किया जा रहा है ताकि किसी भी स्थिति में उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना न करना पड़े। गर्मी में बिजली की मांग बढ़ने से ट्रांसफार्मर, फीडर और अन्य विद्युत उपकरणों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, इसे देखते हुए विभागीय टीमें लगातार मेंटेनेंस कार्य में जुटी हुई हैैं। दिन के साथ रात्रिकालीन समय में भी बिजलीकर्मी फील्ड में रहकर आवश्यक तकनीकी कार्यों को पूरा कर रहे हैं। इससे संभावित खराबियों को पहले ही दूर किया जा रहा है और बिजली आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने में मदद मिल रही है। प्रदेश विभिन्न जिलों में बिजली विभाग के अधिकारी एवं और कर्मचारी लगातार उपकेंद्रों व वितरण तंत्र का नियमित निरीक्षण कर रहें है। शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों को निश्चित शिड्यूल 18 घण्टे से ज्यादा विद्युत आपूर्ति दी जा रही है। स्थानीय दोषों के कारण जहॉ कहीं विद्युत आपूर्ति प्रभावित होती है वहॉ भी कम से कम समय में आपूर्ति बहाल की जाती है। प्रदेश में विद्युत सामग्री सुरक्षा उपकरणों या गैग आदि की पार्यप्त व्यवस्था है।

अध्यक्ष ने निर्देशित किया कि यद्यपि पूर्व वर्षों की तुलना में विद्युत दुर्घटनाओं में कमी आयी है लेकिन यह पूरी तरह रूकनी चाहिए। इसके लिये सारी सावधानी बरती जाये। बिना सुरक्षा उपकरणों को पहने हुये कोई भी अनुरक्षण कार्य न कराये जायें।
उन्होंने बताया कि जहॉ भी विद्युत दुर्घनायें हो वहॉ जिम्मेदारी तय करते हुये कार्यवाई होगी।

वर्ष 2025- 26 में एक मुख्य अभियन्ता, 6 अधीक्षण अभियन्ता, 12 अधिशाषी अभियन्ता, 23 सहायक अभियन्ता तथा 17 अवर अभियन्ताओं के विरूद्ध कार्यवाई की गयी है।

अध्यक्ष ने कहा कि विद्युत दुर्घटनाओं को रोकने हेतु हमें हर स्तर पर अत्यन्त संवेदनशील बनना पड़ेगा। इसमें लापरवाही बिल्कुल बरदास्त नहीं की जायेगी।

उन्होंने कहा कि सामान्य शटडाउन न लिये जाये। कहीं भी ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने, तार गिरने तथा ट्रिपिंग जैसी समस्याओं का बिना विलम्ब निस्तारण सुनिश्चित किया जाये।

उन्होंने कहाकि कि अधिकारी अपने-अपने कार्य क्षेत्र में मौजूद रहें। अपना जनसम्पर्क अच्छा रखें। जन प्रतिनिधियों, मीडिया कर्मियों, उपभोक्ताओं तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं का वाट्सएप ग्रुप बनाइये जिसमें बिजली आपूर्ति सम्बन्धी आवश्यक सूचनायें सबको मिलती रहें। अधिक विद्युत व्यवधान वाले क्षेत्रों में विशेष सजगता बरती जाये। ऐसे संवेदनशील स्थानों पर वरिष्ठ अधिकारी स्वंय जाकर समस्याओं को समझें और उनका निराकरण करायें साथ ही संचार माध्यमों से उपभोक्ता को बतायें।

अध्यक्ष ने कहा कि विद्युत वितरण कार्यों से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी उपभोक्ताओं को विद्युत व्यवधान और आपूर्ति के बारे में सही जानकारी दें।

अध्यक्ष ने यह भी अपील की सभी उपभोक्ता अपने सही मोबाइल नम्बर अपने बिजली अकाउंट में दर्ज़ करा दें जिससे उनको समय से बिजली बिल और अन्य सेवाएं मिल सकें।

उन्होंने निर्देशित किया कि संविदा कर्मियों को समय से वेतन मिलता रहे यह सुनिश्चित किया जाए। वरिष्ठ अधिकारी इसकी रेगुलर मॉनिटरिंग करें।

उन्होंने कहाकि मीडिया में भ्रामक व गलत खबरों का खण्डन भी भेजा जाये। जिससे जनता को सही व तथ्यात्मक खबरें ही मिलें।

उन्होंने कहाकि कि अधिकारी अपने-अपने कार्य क्षेत्र में मौजूद रहें। अपना जनसम्पर्क अच्छा रखें। जन प्रतिनिधियों, मीडिया कर्मियों, उपभोक्ताओं तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं का वाट्सएप ग्रुप बनाइये जिसमें बिजली आपूर्ति सम्बन्धी आवश्यक सूचनायें सबको मिलती रहें। अधिक विद्युत व्यवधान वाले क्षेत्रों में विशेष सजगता बरती जाये। ऐसे संवेदनशील स्थानों पर वरिष्ठ अधिकारी स्वंय जाकर समस्याओं को समझें और उनका निराकरण करायें साथ ही संचार माध्यमों से उपभोक्ता को बतायें।

अध्यक्ष ने कहा कि विद्युत वितरण कार्यों से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी उपभोक्ताओं को विद्युत व्यवधान और आपूर्ति बारे में सही जानकारी दें।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग समीक्षा बैठक में प्रबंध निदेशक नीतीश कुमार ने भी आवश्यक निर्देश दिए।

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