जीएसटी अफसरों ने 50 लाख की पकड़ी अवैध अंग्रेजी शराब

टेलीग्राम संबाद
बरेली। उत्तर प्रदेश राज्य कर विभाग प्रवर्तन दल बरेली ने छापामार कार्रवाई में करीब 50 लाख रुपए की अवैध अंग्रेजी शराब पकड़ी है। विभाग ने पूरा माल जब्त कर लिया है। कागजों में दिल्ली से असम जा रहे सामान शराब विवरण नहीं लिखा गया था। इस्तेमाल किया गया बिल और फर्म प्रारंभिक जांच में संदिग्ध पाया गया है। गोपनीय जानकारी मिलने पर संयुक्त आयुक्त एमपी राव दीक्षित ने सोमवार सुबह विभागीय प्रवर्तन दल ने घेराबंदी करा दी थी। उपायुक्त अवधेश कुमार सिंह नेतृत्व में टीम ने शराब पेटियों से लदा ट्रक पकड़ लिया।

प्रवर्तन दल इकाई-2 ने लखनऊ हाईवे स्थित फरीदपुर मार्ग पर वाहन चेक करना शुरू कर दिए थे। एक संदिग्ध ट्रक रोका गया। ट्रक रुकने पर पूछताछ हुई। ट्रक चालक ने उसमें पशु आहार आदि सामान ले जाने की बात कही और उसका बिल भी दिखा दिया। पारस इंटरप्राइजेज नई दिल्ली नाम से जारी इनवॉइस में पशु आहार आदि ही लिखा गया था। ट्रक ऊपरी तौर पर चेक किया गया तो उसमें नमकीन के पैकेट और पशु आहार दिखा लेकिन जीएसटी अफसरों ने पूरा ट्रक खुलवाया तब पता चला उसमें शराब है। राज्य कर विभाग द्वारा स्थानीय आबकारी विभाग को सूचित कर स्टाफ बुला लिया।

इनवॉइस और फर्म संदिग्ध


प्रारंभिक जांच में मिला कि इनवॉइस बिलिंग में जो विवरण लिखा है वह संदिग्ध है। फर्म भी अभिलेखों में सर्च नहीं हो पा रही है। इनवॉइस में पशु आहार असम जाने का विवरण है। लेकिन ट्रक में शराब लदी हुई थी। जानकार लोग बताते हैं कि शराब बिहार जा रही थी क्योंकि वहां पर शराबबंदी है।

अभिलेख कब्जे में लिए माल जब्त

राज्य कर विभाग बरेली द्वारा ट्रक से बरामद अभिलेख कब्जे में ले लिए हैं। साथ ही पूरा सामान ट्रक समेत जब्त कर लिया है। जांच पड़ताल हो रही है। ट्रक से 750 पेटियां बरामद होना बताया जाता है। जिसकी कीमत 50 लाख रुपए से अधिक है।

शराब व नमकीन साथ-साथ

जिस ट्रक में अवध शराब पकड़ी गई है उसमें सैकड़ो पैकेट एक्सपायरी नमकीन भी भरी हुई थी। इसका इस्तेमाल सिर्फ अवैध शराब सुरक्षित करने हेतु किया गया था। नेवी क्लब नाम से प्रीमियम व्हिस्की बोतलों पर बैच नंबर और अन्य विवरण भी अंकित नहीं था। क्यूआर कोड और होलो मार्क स्टीकर भी नहीं था इसलिए माना जा रहा है यह शराब किसी डिस्टीलरी से ना बनाकर कहीं और बनाई गई है।

बड़ी मात्रा में हर दिन शराब तस्करी

हर दिन बड़ी मात्रा में दिल्ली से शराब बिहार जाती है। उत्तर प्रदेश में विभिन्न जिलों से यह शराब परिवहन होती है। इसके बावजूद कहीं पकड़ न जाना मामला संदिग्ध लगता है। बरेली में भी मामला राज्य कर विभाग द्वारा पकड़ा गया। अन्यथा लाखों रुपए का माल ऐसे ही चला जाता। बड़ी मात्रा में अन्य विभाग द्वारा अवैध शराब पकड़ा जाना एक सवाल पैदा करता है।

कार्रवाई में शामिल रहे