पुराना शहर रोहली टोला में मंगल कलश यात्रा साथ श्री श्रीमद् भागवत कथा शुरू

मेयर ने झंडी दिखाकर शुरू कराया कार्यक्रम, बरसे फूल

22 से 28 तक कथा में बरसेगा अमृत, 29 में सुबह पूर्ण आहुति

टेलीग्राम संवाद
बरेली। रोहली टोला स्थित प्राचीन माहौर वैश्य नवदुर्गा मंदिर में सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा शुभारंभ मंगल कलश यात्रा साथ हुआ। जिसमें अनेक महिलाओं और पुरुषों ने पीले वस्त्र पहनकर भाग लिया। कलश यात्रा बैंड बाजा साथ निकाली गई। जिसमें ठाकुर जी का दिव्य सिंहासन भी सजाया गया। मंगल यात्रा मेयर डा. उमेश गौतम ने झंडी दिखाकर रवाना किया।

मंगल यात्रा में भाग लेने मुख्य अतिथि मेयर डा. उमेश गौतम रविवार दोपहर जब वहां पर पहुंचे तब लोगों ने उत्साहित होकर उन पर पुष्प पुष्प कर दी। उन्होंने कलश यात्रा शुरू कराई। पूरे रास्ते में यात्रा पर नगर वासियों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। कलश यात्रा धार्मिक स्थल से इनायतगंज बजरिया, कांकर टोला और लाल बिल्डिंग होते हुए कथा स्थल तक पहुंची।

रविवार शाम श्रीमद्भागवत कथा में कथा का वाचन करते हुए कथा व्यास आचार्य मुकेश मिश्रा ने कहा कि हिंदू रीति अनुसार जब भी कोई पूजा की जाती है तो उसमें कलश की स्थापना करना अनिवार्य है, क्योंकि जल से भरे कलश को मानव शरीर का प्रतीक माना जाता है। कलश को शांति का संदेश वाहक भी माना जाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं को कहा कि पितृ पक्ष में श्रीमद्भागवत कथा सुनने से पितृगणों को तृप्ति व कथा से मुक्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि कथा सुनने मात्र से जीव जन्म और मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है। कथा सुनने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। प्रत्येक मनुष्य को भागवत की संपूर्ण कथा का श्रवण करना चाहिए।