



जिला जेल प्रशासन में कराई विशेष व्यवस्था
भावुक हुआ दृश्य, बच्चे पापा और मामा से लिपट कर रोये
आर.के.सिंह
टेलीग्राम संवाद, बरेली। रक्षाबंधन पर्व पर बरेली स्थित सेन्ट्रल जेल -2 सोमवार सुबह विशेष तौर से सजाया गया था। रक्षाबंधन त्यौहार था बड़ी तादाद में बहाने अपने भाइयों को राखी बांधने आना था इसलिए जेल प्रशासन ने खास व्यवस्था कराई थी। मिठाई रखी समेत तमाम समान भी उपलब्ध कराया गया था। पहुंचने वाली बहनों के लिए उचित स्थान और जलपान आदि उपलब्ध था। कई बार भावुक दृश्य सामने आए जब बहन-भाई एक दूसरों को देखकर रोने लगे तो कुछ मौके पर बच्चे अपने मामा और पापा को देखकर रोते हुए लिपट गए। विशेष व्यवस्था देखकर पहुंचने वाले बहनों के चेहरे खिले नजर आए।



वैसे तो रक्षाबंधन मुहूर्त 1:30 बजे बाद था लेकिन सोमवार सुबह 7:00 बजे से ही बहनों की लंबी लाइन लगना शुरू हो गई थी। उनके साथ बच्चे भी मौजूद रहे। हाथों में आधार कार्ड और राखी थामे लाइन में खड़ी बहनों को कुछ देर तो लगी लेकिन व्यवस्था देखकर उनके चेहरे खिले हुए नजर आए। विभिन्न परिधानों में सजी महिलाओं और बच्चों से खचाखच भर गया था। ऐसा लग रहा था कि वहां कोई उत्सव मनाया जा रहा हो।
भाई भी पहुंचे राखी बनवाने
राखी बांधने आयी बहनों के लिए अलग से कतार का प्रबंध किया गया था, 16 भाई ऐसे भी थे जो 11 बहनों से राखी बंधवाने आये थे। कुल 1078 महिलाएं अपने भाइयों को राखी बांधने आयी। परिसर में ख़ुशी और आंसुओं का संगम देखा गय



रक्षाबंधन पर हुआ पौधारोपण
केंद्रीय कारागार में पौधारोपण किया गया। त्यौहार महत्व को देखते हुए जिला कारागार में विशेष इंतजाम किए गए थे। एक तरफ बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर संकल्प ले रही थी। वही दूसरी तरफ वरिष्ठ जेल अधीक्षक प्रथम विपिन कुमार मिश्रा द्वारा पौधों को रोपित कर उनको राखी बांधी गई। वही बंदियों से मिलने आई बहनों को तुलसी का पौधा भेंट किया गया। इसके अलावा स्टीविया पौधे का आदान-प्रदान किया गया। वही रक्षाबंधन के मौके पर जिला जेल में महिला और पुरुष बंदियों को राखी बांधने और बंधवाने की भव्य व्यवस्था की गई है। इस दौरान जेल प्रशासन ने भी किसी परिजनों या बंदी को कोई परेशानी न हो इसके लिए पूरी तैयारी कर रखी थी। वहीं क्षेत्रीय वन अधिकारी द्वारा मंदिर भगवतीपुर व जेल परिसर में जामुन व तुलसी पौधा वितरण किया गया।


