



- राज्य कर विभाग एसआईबी द्वारा छापामारी, मौके पर 30 लाख रुपए हुए जमा, कारोबारियोँ में हड़कंप
- टैक्स हेराफेरी में पकड़ी गई फर्म पुराना एयर कंडीशनर, फ्रिज, प्रिंटर आदि स्क्रैप का करती है धंधा
विशेष प्रतिनिधि
टेलीग्राम संवाद, बरेली। राज्य कर विभाग एसआईबी द्वारा बदायूं में मैनेजमेंट में ई-बेस्ट कार्य करने वाली पंजीकृत फर्म पर टीम ने छापामारी कर लाखों रुपए की टैक्स चोरी पकड़ी है। फर्म द्वारा अभिलेखों में ऐसे दर्शाए गये वाहनों से थे जिनसे कभी भी सामान का आदान-प्रदान नहीं हुआ। छापामारी में यह फर्जीवाड़ा भी सामने आया।

पंजीकृत फर्म मैनेजमेंट में ई-बेस्ट रिसाइकिल सामान जैसे पुराना एयर कंडीशनर, फ्रिज, प्रिंटर, वाशिंग मशीन आदि की ख़रीद कर अपने ब्यापार स्थल पर डिस्मेंटलिंग आदि कार्य किया जाता है। विविध प्रकार के स्क्रैप जैसे कॉपर, अल्यूमिनियम, आयरन और प्लास्टिक स्क्रैप निकालकर आउटवर्ड सप्लाई किया जाता है। डेटा विश्लेषण पर पाया गया। फ़र्म द्वारा टर्नओवर सापेक्ष कैश सेटऑफ अत्यन्त न्यूनमात्रा में किया जा रहा था। इनवर्ड सप्लाई सापेक्ष आउट वार्ड्स सप्लाई का अनुपात उचित नहीं पाया गया। ई-बेस्ट रिसाइकलिंग हेतु प्रयुक्त वाहनो में कतिपय वाहन का मूवमेंट नहीं पाया गया। उक्त क्रम में फर्म व्यापार स्थल समय व्यापार स्थल पर पाये स्टाक और लेखा जाँच पर लगभग 25000000 रुपये की सप्लाई ऐसी पाई गई जिस पर फर्म द्वारा ज़ानबूझकर टैक्स अदा नहीं किया गया। प्रथम दृष्टया लगभग 45 लाख रुपये करपवंचन पाया गया। जाँच में व्यापारी द्वारा रुपये 30 लाख कर जमा किया गया।जाँचोपरांत शेष कर, ब्याज जमा कराया जायेगा।

जोनल एडिशनल कमिश्नर ग्रेड- 1 ओपी चौबे ने जानकारी मिलते ही टीम गठित कर दी थी। जिससे बड़ी कार्रवाई हुई और फर्म द्वारा किए जा रहा फर्जी वाला बड़ी टैक्स चोरी मामला सामने आया।

संयुक्त करायुक्त एचपी राय दीक्षित के निर्देशन में गोपनीय कार्रवाई हुई। उक्त फर्म द्वारा पिछले साल की अपेक्षा अप्रैल 2024 में लगभग 1.5 करोड़ टैक्स कम दिया गया था। इसी वजह से उक्त फर्म पर ध्यान गया। दूसरा कारण था बदायूं जैसे छोटे शहर में ई-बेस्ट रिसाइकलिंग काम करना था।

जांच टीम में राजीव पांडे उपायुक्त एसआईबी, विकास मिश्रा सहायक आयुक्त एसआईबी, प्रवीण माथुर राज्य कर अधिकारी एसआईबी वकीउल्लाह आदि ने छापामार कार्यवाही में भाग लिया।

